NEET paper leak controversy: देहरादून: नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) परीक्षा में कथित पेपर लीक और गड़बड़ियों को लेकर देश भर में घमासान मचा हुआ है। इस बीच कांग्रेस ने केंद्र की भाजपा सरकार और परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। देहरादून स्थित उत्तराखंड कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय में आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता में पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आलोक शर्मा ने केंद्र सरकार और एनटीए पर तीखे सवाल दागे और देश के लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया।

‘NTA लगातार फेल, फिर भी क्यों मिल रही जिम्मेदारी?’ – कांग्रेस
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता आलोक शर्मा ने कहा कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) देश की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण परीक्षाएं आयोजित कराने में पूरी तरह से विफल साबित हो रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब यह संस्था बार-बार विवादों में घिर रही है और इसकी विश्वसनीयता खत्म हो चुकी है, तो इसके बावजूद इसे इतने बड़े और संवेदनशील एग्जाम कराने की जिम्मेदारी क्यों दी जा रही है?
कांग्रेस प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि:
“बीजेपी की कथनी और करनी में जमीन-आसमान का फर्क है। युवाओं को रोजगार और पारदर्शी व्यवस्था का वादा करने वाली सरकार आज पेपर लीक माफियाओं के सामने नतमस्तक नजर आ रही है। NTA जैसी महत्वपूर्ण संस्था पर भाजपा और आरएसएस (RSS) से जुड़े विचार के लोगों को बैठा दिया गया है, जिसका खामियाजा देश के होनहार छात्रों को भुगतना पड़ रहा है।”
कांग्रेस की सरकार से 4 बड़ी मांगें
देहरादून में हुई इस प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस ने केंद्र सरकार के सामने अपनी मांगों की एक लंबी सूची रखी। कांग्रेस ने साफ किया कि जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिल जाता, तब तक उनका यह आंदोलन थमेगा नहीं। कांग्रेस की मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:
- धर्मेंद्र प्रधान की बर्खास्तगी: कांग्रेस ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस पूरे घटनाक्रम के लिए नैतिक रूप से जिम्मेदार ठहराते हुए उन्हें तुरंत पद से बर्खास्त करने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि शिक्षा मंत्री छात्रों का भरोसा जीतने में नाकाम रहे हैं।
- सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में CBI जांच: कथित पेपर लीक के इस महाघोटाले की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए कांग्रेस ने मांग की है कि पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की सीधी निगरानी में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से कराई जानी चाहिए।
- NTA का फाइनेंशियल ऑडिट: कांग्रेस ने आरोप लगाया कि एनटीए के कामकाज में भारी वित्तीय अनियमितताएं हो सकती हैं, इसलिए इस एजेंसी का तुरंत एक स्वतंत्र ‘फाइनेंशियल ऑडिट’ कराया जाना चाहिए।
- NTA को भंग (Scrap) किया जाए: पार्टी ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि जिस ऑर्गेनाइजेशन के माध्यम से लगातार परीक्षाएं फेल हो रही हैं और पेपर लीक हो रहे हैं, उसे तुरंत स्क्रैप (भंग) कर दिया जाना चाहिए और परीक्षा कराने के लिए नई पारदर्शी व्यवस्था बनाई जानी चाहिए।
छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ का आरोप
कांग्रेस ने केंद्र सरकार से पूछा कि आखिर इस अक्षम संस्था (NTA) को इतनी बड़ी ताकत किसने दी? देश के लाखों छात्र सालों तक दिन-रात मेहनत करके नीट जैसी कठिन परीक्षा की तैयारी करते हैं। लेकिन जब परीक्षा के दिन इस तरह की धांधली और पेपर लीक की खबरें सामने आती हैं, तो छात्रों और उनके परिवारों का मनोबल टूट जाता है। कांग्रेस ने कहा कि वह इस मुद्दे को संसद से लेकर सड़क तक उठाएगी और पीड़ित छात्रों की आवाज को दबने नहीं देगी।









