Petrol Price Hike India News In Hindi: मई 2026 की तपती गर्मी के बीच आम आदमी की जेब पर महंगाई का एक और बोझ आ पड़ा है। शुक्रवार सुबह देश की प्रमुख सरकारी तेल कंपनियों (OMCs) ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3-3 रुपये प्रति लीटर की भारी बढ़ोतरी का ऐलान किया। नई दरें शुक्रवार सुबह 6 बजे से ही प्रभावी हो गई हैं। इस फैसले के बाद देश की राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 94.77 रुपये से बढ़कर 97.77 रुपये प्रति लीटर हो गई है, जबकि डीजल भी अब 90.67 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर पहुंच गया है।

वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और आपूर्ति में बाधा
ईंधन की कीमतों में इस अचानक उछाल का मुख्य कारण पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव और विशेष रूप से ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ (Strait of Hormuz) में तेल की आपूर्ति का बाधित होना बताया जा रहा है। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते संघर्ष ने वैश्विक कच्चे तेल के बाजार में हड़कंप मचा दिया है। चूंकि भारत अपनी कच्ची तेल की जरूरतों का लगभग 85-89 प्रतिशत हिस्सा आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में होने वाली मामूली हलचल का सीधा असर भारत की घरेलू कीमतों पर पड़ता है। ब्रेंट क्रूड की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार में 100 डॉलर प्रति बैरल के पार जा चुकी हैं, जिससे घरेलू तेल कंपनियों के लिए कच्चा तेल खरीदना बेहद महंगा साबित हो रहा है।
तेल कंपनियों का भारी घाटा और अंडर-रिकवरी
कीमतों में 3 रुपये की बढ़ोतरी के बावजूद तेल विपणन कंपनियां (IOCL, BPCL, HPCL) राहत महसूस नहीं कर रही हैं। विशेषज्ञों और सरकारी सूत्रों के अनुसार, कंपनियां अभी भी पेट्रोल पर लगभग 25 रुपये और डीजल पर 30 रुपये प्रति लीटर का घाटा (Under-recovery) झेल रही हैं। पिछले कई महीनों से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम बढ़ने के बावजूद घरेलू स्तर पर कीमतें स्थिर रखी गई थीं, जिससे कंपनियों का संचयी घाटा (Cumulative Loss) लगभग 30,000 करोड़ रुपये प्रति माह तक पहुंच गया है। अधिकारियों का कहना है कि यह 3 रुपये की बढ़ोतरी केवल एक आंशिक सुधार है और लागत की पूरी भरपाई के लिए कीमतों में और अधिक वृद्धि की आवश्यकता हो सकती है।
प्रमुख महानगरों में पेट्रोल और डीजल के नए भाव
कीमतों में बदलाव के बाद देश के अलग-अलग शहरों में ईंधन के दाम बदल गए हैं। दिल्ली में पेट्रोल 97.77 रुपये और डीजल 90.67 रुपये प्रति लीटर है। वहीं मुंबई में पेट्रोल की कीमतें 106.68 रुपये और डीजल 93.14 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई हैं। कोलकाता में पेट्रोल 108.74 रुपये और चेन्नई में 103.67 रुपये प्रति लीटर की दर से बिक रहा है। स्थानीय करों और वैट (VAT) की अलग-अलग दरों के कारण राज्यों में कीमतें भिन्न-भिन्न हैं। इसके अलावा दिल्ली में सीएनजी (CNG) की कीमतों में भी 2 रुपये की बढ़ोतरी की गई है, जिससे अब यह 79.09 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई है।

आम जनता और परिवहन क्षेत्र पर प्रभाव
ईंधन के दामों में इस बढ़ोतरी का सीधा असर माल ढुलाई और सार्वजनिक परिवहन पर पड़ने की आशंका है। ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि डीजल महंगा होने से सब्जियों, फलों और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में भी उछाल आएगा। लॉजिस्टिक्स लागत बढ़ने से बाजार में महंगाई की एक नई लहर देखी जा सकती है। मिडिल क्लास परिवारों के लिए यह दोहरी मार है, क्योंकि पहले से ही खाद्य तेल और अन्य घरेलू सामानों की कीमतों में अस्थिरता बनी हुई है।
सरकार और विशेषज्ञों की राय
पेट्रोलियम मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि सरकार उपभोक्ताओं को वैश्विक झटकों से बचाने की पूरी कोशिश कर रही है, लेकिन तेल कंपनियों की वित्तीय सेहत को बनाए रखना भी जरूरी है। अगर कीमतें नहीं बढ़ाई जातीं, तो भविष्य में ईंधन की कमी या आपूर्ति में संकट पैदा होने का डर था। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पश्चिम एशिया में युद्ध जैसी स्थिति शांत नहीं होती और कच्चे तेल के दाम 120 डॉलर प्रति बैरल की तरफ बढ़ते हैं, तो आने वाले हफ्तों में एक बार फिर से कीमतों की समीक्षा की जा सकती है। फिलहाल, जनता के लिए एकमात्र सलाह यही है कि वे ईंधन का विवेकपूर्ण उपयोग करें और सार्वजनिक परिवहन या इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर रुख करें।
वहीं मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक देश के तमाम राज्यों में कुछ इस प्रकार है पैट्रोल और ईंधन के नए दाम











