Dehradun News: देहरादून में नर्सिंग बेरोजागारों के आंदोलन ने उग्र रूप ले लिया है नर्सिंग बेरोजागारों के साथ उत्तराखंड महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला को भी पानी की टंकी पर चढ़े हुए करीब 40 घंटे से ज्यादा का वक्त हो चुका है। इस बीच ज्योति रौतेला ने खुद पर पेट्रोल छिड़क लिया जिससे हड़कंप मच गया।

ज्योति रौतेला ने कहा कि इतने अधिक बीतने के बावजूद लेकिन अभी तक सरकार का कोई नुमाइंदा यहां नहीं पहुंचा है। मुझे इस बात का अफसोस है जिन लोगों ने इस प्रदेश को बनाया, आज उनके ही बच्चे इस प्रदेश में परेशान है। अंकिता भंडारी हत्याकांड से लेकर कई ऐसे मामले हैं जहां लड़कियों को न्याय नहीं मिला है। लाखों नौजवान रोजगार के लिए भटक रहे हैं। लेकिन इस अहंकारी सरकार को कोई फर्क नहीं पड़ता है।
गौरतलब है कि वर्षवार भर्ती की मांग को लेकर नर्सिंग बेरोजागार लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं।नर्सिंग स्टाफ का कहना है कि परीक्षा आधारित भर्ती प्रक्रिया को तत्काल निरस्त किया जाए और रिक्त पदों पर वर्षवार भर्ती की जाए। मंच का दावा है कि वर्तमान में राज्य में 2500 से अधिक पद रिक्त हैं, जिन्हें चरणबद्ध तरीके से भरा जाना चाहिए। इसके साथ ही उत्तराखंड नर्सिंग एकता मंच ने राज्य से बाहर के छात्रों की भर्ती पर रोक लगाने की मांग भी उठाई है।
इसी कड़ी में आज सुबह नर्सिंग बेरोजागार देहरादून के परेड ग्राउंड में धरने पर बैठ गए। इस दौरान तीन प्रदर्शनकारी पानी की टंकी पर चढ़ गए ।
वहीं पानी की टंकी के नीचे धरने पर बैठे नर्सिंग बेरोजागारों ने दून क्लब के सामने सर्वे चौक की तरफ जाने वाली सड़क पर जाम लगा दिया। प्रदर्शन कर रहे नर्सिंग बेरोजागारों का साफ कहना है कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होगी, वो अपना आंदोलन खत्म नहीं करेंगे।
बता दें कि नर्सिंग बेरोजागार बीते 159 दिनों से अपनी मांग को लेकर आंदोलनरत है। उनका कहना है कि हमने सरकार को इसलिए नहीं चुना कि वह हमारी सुध लेने तक नहीं ले।









