Lucknow coaching centre fire News in Hindi: उत्तर प्रदेश के लखनऊ में एक दुखद घटना में, कोचिंग सेंटर और गेमिंग जोन वाली इमारत में भीषण आग लग गई, जिसमें 15 लोगों की मौत हो गई और करीब 7 अन्य घायल हो गए। बताया जाता है कि आग और घना धुआं तेजी से फैलने के बाद कई छात्रों को अपनी जान बचाने के लिए इमारत से कूदना पड़ा। तस्वीरों में कई छात्रों को इमारत की पहली मंजिल से कूदते हुए दिखाया गया है। इस इमारत में एक पालतू पशु क्लिनिक और छात्रों के लिए एक केंद्र भी था। कोचिंग संस्थान पूर्णिया क्षेत्र में स्थित एक व्यावसायिक इमारत की ऊपरी मंजिल पर चल रहा था।पीड़ितों की आयु 20 से 28 वर्ष के बीच थी। बताया जा रहा है कि अधिकतर मौतें भारी धुएं के कारण दम घुटने से हुईं। जानकारी के अनुसार, इमारत में चल रहे गेमिंग ज़ोन के पास कथित तौर पर वैध अग्नि सुरक्षा अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) नहीं था।
प्रधानमंत्री मोदी ने शोक व्यक्त किया, अनुग्रह राशि की घोषणा की
इस दुखद घटना पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जानमाल के नुकसान पर गहरा शोक व्यक्त किया और पीड़ितों के परिवारों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि प्रदान की जाएगी, जबकि इस घटना में घायल हुए लोगों को 50 हजार रुपये मिलेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “उत्तर प्रदेश के लखनऊ में हुई अग्निकांड में हुई जानमाल की हानि से मैं व्यथित हूं। मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। बचाव अभियान जारी है और अधिकारी हर संभव सहायता प्रदान कर रहे हैं।”

मुख्यमंत्री योगी ने घटना स्थल का दौरा किया
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया और कहा कि उन्होंने अपने सभी निर्धारित कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं और इस दुखद अग्निकांड के बाद लखनऊ पहुंच गए हैं। उन्होंने घटनास्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। वे किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी में घायलों से मिलने भी वाले हैं। इससे पहले अलीगढ़ में एक सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “मेरी दिली इच्छा थी कि मैं आज अलीगढ़ में रहूं, लेकिन मुझे आपको यह सूचित करते हुए खेद है कि मुझे अभी-अभी लखनऊ में हुए एक दुखद अग्निकांड की सूचना मिली है। कुछ बच्चे आग की चपेट में आ गए हैं और उनकी जान चली गई है। इसलिए मुझे तुरंत लौटना होगा। मैं अपनों को खोने वाले परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं।”
मुख्यमंत्री योगी ने आगे कहा कि उन्होंने पुलिस महानिदेशक और अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) को घटनास्थल का दौरा करने और घटना पर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा, “मैंने पुलिस महानिदेशक और अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) को घटनास्थल पर पहुंचकर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। मैं स्वयं भी लखनऊ जा रहा हूं ताकि हम इस पूरे मामले की तह तक पहुंच सकें, दोषियों को सजा दिला सकें और प्रभावित परिवारों को व्यक्तिगत रूप से अपनी संवेदना व्यक्त कर सकें।”
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने क्या कहा?
इस घटना पर बोलते हुए उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक भावुक हो गए और उन्होंने कहा कि अधिकारियों को मिली जानकारी के अनुसार इमारत की सबसे ऊपरी मंजिल पर फिलहाल कोई मौजूद नहीं है। उन्होंने बताया कि दमकलकर्मियों ने पहली मंजिल की दीवार तोड़कर अंदर प्रवेश किया। उन्होंने कहा, “अंदर भारी धुआं है। हर कमरे की गहन तलाशी ली जा रही है।”
छात्रों की सुरक्षा को प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए पाठक ने कहा, “हमारी प्राथमिकता सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालना है। प्रशासन और चिकित्सा दल पूरी तरह से सतर्क हैं। घटनास्थल पर एम्बुलेंस तैनात हैं और डॉक्टरों को भी बुलाया गया है। किसी भी बच्चे को प्राथमिक उपचार की आवश्यकता होने पर तत्काल चिकित्सा सहायता प्रदान करने की व्यवस्था की गई है।”
आपातकालीन स्थिति को लेकर प्रशासन अलर्ट
अधिकारियों ने बताया कि आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक चिकित्सा व्यवस्थाएं कर ली गई हैं। अस्पतालों को सूचित कर दिया गया है, घटनास्थल के पास एम्बुलेंस तैनात कर दी गई हैं और इमारत से बचाए गए लोगों को तत्काल उपचार प्रदान करने के लिए चिकित्सा दल तैयार हैं। पाठक ने कहा, “एक व्यापक तलाशी अभियान चल रहा है। हमारी प्राथमिकता घायलों को अस्पताल पहुंचाना, उनका सर्वोत्तम संभव उपचार सुनिश्चित करना और सभी को सुरक्षित निकालना है।” उन्होंने यह भी बताया कि इमारत के भूतल पर एक पालतू जानवरों की दुकान और ऊपरी मंजिलों पर एक एनिमेशन सेंटर स्थित है।
इस हादसे में मरने वाले लोगों की जानकारी भी सामने आई है। घटना स्थल: 2B13 सेक्टर डी वार्ड महाकवि जय शंकर प्रसाद, अलीगंज तहसील सदर, लखनऊ।
मृतकों की सूची
सागर
नीलेश
अनामिका
संयम
अनुछा
सुखमणि
आदित्य श्रीवास्तव
ज्योति
भविष्य
अब्दुल रहमान
सूरज शाह
भाहजान
जयनिल चक्रवर्ती
मोहम्मद अम्मार
सुमल्या
घायलों की सूची
जयंत
लवप्रीत
मोहम्मद आसिफ
भुवन श्रीवास्तव
पंकज
शैलेन्द्र
अभिषेक
पंकज जोशी
गौरव कुमार
सीएम ने घायल बच्चों व परिजनों से भी ली जानकारी
मुख्यमंत्री घटनास्थल से सीधे किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) पहुंचे। वह यहां भर्ती कराए गए घायल बच्चों से मिले। उनसे भी आग लगने के कारणों और घटना के बारे में संपूर्ण जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने घायलों के परिजनों को भी हिम्मत बंधाई और हर संभव मदद का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने केजीएमयू प्रशासन को घायलों के समुचित इलाज के लिए भी निर्देशित किया। कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद ने सीएम योगी को घायलों के इलाज के बारे में संपूर्ण जानकारी दी।

मृतकों के परिजनों को ढांढस बंधाया सीएम ने
मुख्यमंत्री जब केजीएमयू पहुंचे तो उन्होंने वहां मौजूद मृतकों के परिजनों से भी मुलाकात हुई। मुख्यमंत्री ने घटना पर शोक प्रकट करते हुए परिजनों को ढांढ़स बंधाया। उन्होंने परिजनों के आंसू भी पोंछे। वहीं सीएम ने कहा कि हम किसी की जिंदगी तो नहीं लौटा सकते, लेकिन विश्वास दिलाते हैं कि दोषी किसी भी सूरत में बख्शे नहीं जाएंगे। सरकार परिजनों के साथ है।

घटनास्थल व केजीएमयू का दौरा करते समय मुख्यमंत्री के साथ उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, भाजपा के प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल, विधायक नीरज बोरा, अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद, पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्णा, अपर मुख्य सचिव (चिकित्सा) अमित कुमार घोष, डीजी (फायर सर्विस) सुजीत पांडेय, लखनऊ के आयुक्त विजय विश्वास पंत व जिलाधिकारी विशाख जी आदि भी मौजूद रहे। सीएम ने घायल बच्चों व परिजनों से भी ली जानकारी मुख्यमंत्री घटनास्थल से सीधे किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) पहुंचे। वह यहां भर्ती कराए गए घायल बच्चों से मिले। उनसे भी आग लगने के कारणों और घटना के बारे में संपूर्ण जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने घायलों के परिजनों को भी हिम्मत बंधाई और हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने केजीएमयू प्रशासन को घायलों के समुचित इलाज के लिए भी निर्देशित किया। कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद ने सीएम योगी को घायलों के इलाज के बारे में संपूर्ण जानकारी दी।
सीएम ने मृतकों के परिजनों को ढांढस बंधाया
मुख्यमंत्री जब केजीएमयू पहुंचे तो उनकी मृतकों के परिजनों से भी मुलाकात हुई। मुख्यमंत्री ने घटना पर शोक प्रकट करते हुए परिजनों को ढांढस बंधाया। उन्होंने परिजनों के आंसू भी पोंछे। कहा कि हम किसी की जिंदगी तो नहीं लौटा सकते, लेकिन विश्वास दिलाते हैं कि दोषी किसी भी सूरत में बख्शे नहीं जाएंगे। सरकार परिजनों के साथ है।
घटनास्थल व केजीएमयू का दौरा करते समय मुख्यमंत्री के साथ उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, भाजपा के प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल, विधायक नीरज बोरा, अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद, पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्णा, अपर मुख्य सचिव (चिकित्सा) अमित कुमार घोष, डीजी (फायर सर्विस) सुजीत पांडेय, लखनऊ के आयुक्त विजय विश्वास पंत व जिलाधिकारी विशाख जी आदि भी मौजूद रहे।













