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Dharmendra Pradhan Resigns: युवाओं के आंदोलन की बड़ी जीत, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा

On: July 25, 2026 2:38 PM
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Dharmendra Pradhan Resigns: युवाओं के आंदोलन की बड़ी जीत, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा
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Dharmendra Pradhan Resigns Amid CJP Protests :देश की राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक जंतर-मंतर पर पिछले एक महीने से चल रहा युवाओं और छात्रों का ऐतिहासिक आंदोलन शनिवार को अभूतपूर्व जीत के साथ समाप्त हो गया। नीट परीक्षा धांधली और युवाओं के अधिकारों को लेकर शुरू हुआ ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का यह आंदोलन देश की राजनीति और छात्र आंदोलनों के इतिहास में एक नया मील का पत्थर साबित हुआ है। केंद्र सरकार द्वारा प्रदर्शनकारियों की सभी प्रमुख मांगों को स्वीकार कर लिए जाने के बाद पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने आधिकारिक रूप से इस आंदोलन को समाप्त करने की घोषणा की। इस घोषणा के सामने आते ही जंतर-मंतर पर मौजूद हजारों युवाओं और छात्रों के चेहरे खुशी से खिल उठे और पूरा धरना स्थल राष्ट्रगान और ‘छात्र एकता जिंदाबाद’ के गगनभेदी नारों से गुंजायमान हो उठा।

संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में हुआ मांगों की स्वीकृति का बड़ा ऐलान

आंदोलन के समापन का औपचारिक ऐलान एक बेहद महत्वपूर्ण और उच्चस्तरीय संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया गया। इस वार्ता में केंद्र सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह मौजूद रहे, जबकि कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से प्रवक्ता सौरभ दास और आशुतोष रांका ने मंच साझा किया। प्रेस वार्ता के दौरान दोनों पक्षों ने वार्ता के सफल रहने और सहमति बनने की जानकारी दी। पार्टी के प्रमुख प्रवक्ता सौरभ दास ने देश भर से आए छात्रों और प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए भावुक अपील की और कहा कि आंदोलन का उद्देश्य पूरा हो चुका है, इसलिए जंतर-मंतर पर मौजूद सभी साथी अब खुशी-खुशी और शांतिपूर्ण तरीके से अपने-अपने घरों को लौट जाएं।

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photo- X Jantar Mantar CJP Protests

सरकार से तीन दौर की मैराथन वार्ता और तीनों मांगों पर बनी सहमति

प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कॉकरोच जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता आशुतोष रांका ने वार्ता की पूरी प्रक्रिया का ब्योरा साझा किया। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ दिनों के भीतर सरकार के शीर्ष प्रतिनिधियों और आंदोलनकारी नेताओं के बीच तीन दौर की गंभीर और मैराथन बैठकें आयोजित की गईं। इन बैठकों में सरकार ने युवाओं की संवेदनशीलता को समझा और कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा रखी गई तीनों प्रमुख शर्तों को पूरी तरह से स्वीकार कर लिया। रांका ने बताया कि सरकार की ओर से इन मांगों पर बिना किसी हिचकिचाहट के सहमति जताई गई, जिसके बाद ही आंदोलन को समाप्त करने का निर्णय लिया गया।

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photo- X jp nadda and jitendra singh meeting with CJP

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और प्रमुख शर्तें

इस ऐतिहासिक समझौते के तहत जो तीन मुख्य मांगें सरकार द्वारा स्वीकार की गई हैं, उनमें सबसे पहली और सबसे बड़ी मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तुरंत इस्तीफा थी। नीट परीक्षा में हुई कथित अनियमितताओं और पेपर लीक की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग लंबे समय से की जा रही थी, जिसे सरकार ने आखिरकार स्वीकार कर लिया। दूसरी प्रमुख शर्त के रूप में, इस पूरे एक महीने लंबे चले आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारी छात्रों, युवाओं और नेताओं पर दर्ज किए गए सभी पुलिस मुकदमों और केसों को बिना शर्त वापस लेने पर सहमति बनी है। इसके अतिरिक्त, तीसरी और बेहद भावुक मांग के तहत नीट पेपर लीक विवाद के कारण मानसिक तनाव में आकर जान गंवाने वाले पीड़ित छात्रों के आश्रित परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का आर्थिक मुआवजा दिए जाने का ऐतिहासिक फैसला लिया गया है।

इस्तीफे की खबर मिलते ही जंतर-मंतर पर जश्न और भावुक पल

जैसे ही जंतर-मंतर पर लगे लाउडस्पीकरों और सोशल मीडिया के जरिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के पद से इस्तीफा देने और सरकार द्वारा तीनों मांगों को स्वीकार किए जाने की खबर पहुंची, पूरे धरना स्थल पर अचानक जश्न का माहौल बन गया। महीनों से सड़कों पर संघर्ष कर रहे छात्र खुशी से झूम उठे और एक-दूसरे को गले लगाकर बधाई देने लगे। युवाओं ने तिरंगा लहराते हुए ‘छात्र एकता जिंदाबाद’ और भारत माता की जय के नारे लगाए। इस जीत के बीच एक बेहद भावुक क्षण तब देखने को मिला जब पूरे जंतर-मंतर पर मौजूद हजारों लोगों ने सामूहिक रूप से राष्ट्रगान गाया। इसके तुरंत बाद, नीट विवाद के कारण अपनी जान गंवाने वाले साथी छात्रों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

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photo- X Jantar Mantar CJP Protests

लोकतंत्र में युवा शक्ति और संवाद की बड़ी विजय

जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के इस आंदोलन का सुखद अंत इस बात का प्रमाण है कि लोकतंत्र में यदि मांगें जायज हों और आंदोलन अनुशासित एवं दृढ़ संकल्पित हो, तो सरकार को जनता की बात सुननी ही पड़ती है। एक व्यंग्य के रूप में शुरू हुए इस आंदोलन ने जिस प्रकार से देश के युवाओं को एकजुट किया और सरकार को सकारात्मक कदम उठाने पर मजबूर किया, उसकी सराहना हर तरफ हो रही है। केंद्रीय मंत्रियों और आंदोलनकारी छात्र नेताओं की संयुक्त वार्ता ने यह भी साबित किया है कि कठिन से कठिन राजनीतिक और सामाजिक गतिरोधों को भी आपसी संवाद और संवेदनशीलता के जरिए सुलझाया जा सकता है। यह जीत केवल एक आंदोलन की नहीं, बल्कि देश के पारदर्शी शैक्षणिक भविष्य और छात्र शक्ति की जीत मानी जा रही है।

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एफआईआर वापस ली जाएगी

सरकार ने मुख्य न्यायाधीश की इस मांग को भी मान लिया है कि प्रदर्शनकारियों और आयोजकों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस ली जाए।

दास ने कहा कि यह मांग न केवल दिल्ली में दर्ज मामलों पर लागू होती है, बल्कि भाजपा शासित और भाजपा सहयोगी राज्यों में दर्ज एफआईआर पर भी लागू होती है।

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photo- X Jantar Mantar CJP Protests

दास ने कहा, “हमारी दूसरी मांग यह थी कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दिल्ली ही नहीं बल्कि भाजपा शासित और भाजपा सहयोगी राज्यों में दर्ज सभी एफआईआर वापस ली जाएं। यह भी हमारी दूसरी मांग थी। सरकार ने इस मांग को भी मान लिया है।”

उन्होंने कहा कि जल्द ही दस्तावेजों को वापस ले लिया जाएगा, वहीं सरकार ने प्रदर्शनकारियों को यह भी आश्वासन दिया है कि सभी एफआईआर की प्रतियां उनके साथ साझा की जाएंगी।

दास ने कहा, “हमारी नवीनतम जानकारी के अनुसार, दिल्ली में 15 से 20 एफआईआर दर्ज की गई हैं, और हमें किसी भी हालत में तीन से चार दिनों के भीतर उनकी प्रतियां प्राप्त हो जाएंगी।”

मुख्य न्यायाधीश ने सरकार से एफआईआर वापस लेने और प्रदर्शनकारियों और आयोजकों के खिलाफ भविष्य में किसी भी कार्रवाई के संबंध में लिखित गारंटी मांगने वाला एक मसौदा प्रस्तुत किया था।

“इसे समझते हुए, हमने सरकार के साथ एक मसौदा साझा किया है, जो एक लिखित गारंटी है। सरकार ने कहा है कि वह इसे मंगलवार तक हमारे साथ साझा करेगी। हमें उम्मीद है कि मंगलवार तक हमें इन एफआईआर और भविष्य में की जाने वाली किसी भी कार्रवाई के संबंध में सरकार की गारंटी मिल जाएगी,” दास ने कहा।

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