भारतीय रेलवे ने डिजिटल सुरक्षा को मजबूत करने और टिकटों की कालाबाजारी (Brokerage) को रोकने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। साल 2025 में आईआरसीटीसी (IRCTC) ने ट्रेन टिकट बुकिंग के नियमों में आमूल-चूल परिवर्तन किए हैं। अब यात्रियों के लिए आधार प्रमाणीकरण (Aadhaar Authentication) केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि टिकट सुरक्षित करने की अनिवार्य शर्त बन गया है।
दिसंबर 2025 से लागू हुआ ‘प्रायोरिटी बुकिंग’ स्लॉट
रेलवे बोर्ड ने 29 दिसंबर, 2025 से एक नई व्यवस्था लागू की है, जिसके तहत अग्रिम आरक्षण अवधि (ARP) के पहले दिन ऑनलाइन टिकट बुकिंग के लिए ‘टाइम विंडो’ तय कर दी गई है।
इस नई नीति के अनुसार, बुकिंग के शुरुआती घंटों में केवल वही लोग टिकट बुक कर पाएंगे जिनका IRCTC अकाउंट आधार से लिंक और वेरिफाइड है। इस बदलाव को तीन चरणों में लागू किया जा रहा है:
- पहला चरण (29 दिसंबर 2025 से): सुबह 8:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक केवल आधार-सत्यापित यूजर्स ही बुकिंग कर सकेंगे।
- दूसरा चरण (5 जनवरी 2026 से): यह विशेष समय सुबह 8:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक बढ़ाया जाएगा।
- तीसरा चरण (12 जनवरी 2026 से): सुबह 8:00 बजे से लेकर रात 12:00 बजे तक केवल आधार-वेरिफाइड यूजर्स ही ‘ओपनिंग डे’ पर टिकट बुक कर पाएंगे।
तत्काल (Tatkal) बुकिंग के लिए भी सख्त हुए नियम
रेलवे ने तत्काल टिकटों में होने वाली धांधली को रोकने के लिए 1 जुलाई, 2025 से ही आधार प्रमाणीकरण को अनिवार्य कर दिया था। इसके बाद 15 जुलाई से एक और सुरक्षा परत जोड़ी गई—आधार आधारित ओटीपी (OTP) वेरिफिकेशन।
अब यदि आप तत्काल टिकट बुक करना चाहते हैं, तो न केवल आपका अकाउंट आधार से लिंक होना चाहिए, बल्कि बुकिंग के समय आपके आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर आने वाले OTP को दर्ज करना भी अनिवार्य है। इससे बोट्स (Bots) और दलालों द्वारा सेकंडों में टिकट उड़ा लेने की समस्या पर लगाम लगी है।

नियमों में आए प्रमुख बदलावों पर एक नज़र
| नियम का प्रकार | नया प्रावधान (2025) | प्रभाव |
| जनरल रिजर्वेशन | शुरुआती समय केवल आधार-वेरिफाइड यूजर्स के लिए। | आम यात्रियों को कंफर्म टिकट मिलने की संभावना बढ़ी। |
| तत्काल बुकिंग | आधार + मोबाइल OTP अनिवार्य। | फर्जी आईडी और एजेंटों की मनमानी पर रोक। |
| एजेंट बुकिंग | बुकिंग खुलने के पहले 15-30 मिनट तक प्रतिबंध। | व्यक्तिगत यात्रियों को प्राथमिकता। |
| चार्ट तैयारी | ट्रेन छूटने से 10 घंटे पहले (पहले यह 4 घंटे था)। | यात्रियों को स्टेटस की जानकारी काफी पहले मिल जाएगी। |

बिना आधार वाले यूजर्स का क्या होगा?
रेलवे ने स्पष्ट किया है कि जिन यूजर्स ने अपना आधार लिंक नहीं किया है, वे पूरी तरह से प्रतिबंधित नहीं हैं। वे विशेष ‘आधार-विंडो’ समाप्त होने के बाद (जैसे शाम को या अगले दिन) सामान्य रूप से टिकट बुक कर सकते हैं। हालांकि, लोकप्रिय ट्रेनों में सीटें शुरुआती घंटों में ही भर जाती हैं, इसलिए आधार लिंक न होना एक बड़ा नुकसान साबित हो सकता है।

नोट: रेलवे के कंप्यूटरकृत PRS काउंटरों (स्टेशन खिड़की) पर पुराने नियम ही लागू रहेंगे। वहां जाकर टिकट लेने वालों के लिए फिलहाल ऑनलाइन प्रमाणीकरण की कोई शर्त नहीं है, हालांकि पहचान पत्र दिखाना अभी भी अनिवार्य है।
IRCTC अकाउंट को आधार से कैसे लिंक करें? (स्टेप-बाय-स्टेप)
यदि आपने अभी तक अपना अकाउंट लिंक नहीं किया है, तो इन आसान चरणों का पालन करें:
- IRCTC वेबसाइट या ऐप पर जाएं और लॉगिन करें।
- ‘My Account’ टैब में जाकर ‘Link Your Aadhaar’ या ‘Authenticate User’ पर क्लिक करें।
- अपना 12 अंकों का आधार नंबर दर्ज करें।
- रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आए OTP को भरें और सबमिट करें।
- सफलतापूर्वक वेरिफिकेशन के बाद आपका स्टेटस ‘Aadhaar Verified’ दिखने लगेगा।

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2026 की शुरुआत से पहले बड़ा बदलाव
भारतीय रेलवे का यह कदम “पारदर्शिता और निष्पक्षता” की ओर एक मील का पत्थर है। जहां एक ओर इससे दलालों के नेटवर्क को तोड़ने में मदद मिली है, वहीं दूसरी ओर आम यात्रियों के लिए कंफर्म टिकट पाना अब पहले से आसान हो गया है। 2026 की शुरुआत के साथ यह व्यवस्था पूरी तरह से भारतीय रेल का अभिन्न अंग बन जाएगी।










