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गोवा में पीएम मोदी ने किया 77 फीट ऊंची राम प्रतिमा का अनावरण, जानें 550 साल पुराने पर्तगाली मठ का इतिहास

On: December 11, 2025 6:04 AM
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार, 28 नवंबर को गोवा के ऐतिहासिक श्री संस्थान गोकर्ण पर्तगाली जीवोत्तम मठ में भगवान श्री राम की 77 फीट ऊंची कांस्य प्रतिमा का अनावरण किया। यह भव्य प्रतिमा एशिया में भगवान राम की सबसे ऊंची प्रतिमा बताई जा रही है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने रामायण थीम पार्क गार्डन का भी उद्घाटन किया और मठ की 550वीं वर्षगांठ के समारोह ‘सार्ध पंचशतामनोत्सव’ को संबोधित किया।

यह ऐतिहासिक आयोजन न केवल सारस्वत समुदाय के लिए बल्कि पूरे देश के लिए आध्यात्मिक गौरव का प्रतीक बन गया है।

श्री संस्थान गोकर्ण पर्तगाली जीवोत्तम मठ का इतिहास

श्री संस्थान गोकर्ण पर्तगाली जीवोत्तम मठ गोवा में गौड़ सारस्वत ब्राह्मणों (जीएसबी) का सबसे प्रमुख और पहला वैष्णव मठ है। इसका इतिहास लगभग 550 साल पुराना है।

  • स्थापना और परंपरा: इस मठ की स्थापना 1475 ईस्वी में श्रीमद नारायणतीर्थ स्वामीजी द्वारा की गई थी। यह मठ द्वैत वेदांत की दिव्य परंपरा का अनुसरण करता है, जिसके मूल स्रोत जगद्गुरु श्री मध्वाचार्य हैं।
  • उद्देश्य और पहचान: मठ का मुख्य ध्येय लोगों को जोड़ना, मन को जोड़ना और भारतीय परंपरा तथा आधुनिकता के बीच सेतु का निर्माण करना रहा है। यह मठ सनातन मूल्यों को संरक्षित करते हुए समाज को स्थिरता, संतुलन और मजबूत मूल्य देता रहा है।
  • स्थान और कठिनाइयाँ: मठ का मुख्यालय दक्षिण गोवा के पर्तगाली कस्बे में कुशावती नदी के तट पर स्थित है। इस नदी को गंगा के समान पवित्र माना जाता है। मठ ने बीते 550 वर्षों में कई सामाजिक उथल-पुथल और विदेशी आक्रमणों (विशेषकर पुर्तगालियों के) के चक्रवात झेले, लेकिन हर चुनौती के बीच यह मानवता और संस्कृति को बचाते हुए और मजबूत होकर उभरा।

77 फीट की राम प्रतिमा और सांस्कृतिक महत्व

प्रधानमंत्री मोदी द्वारा अनावरण की गई 77 फीट ऊंची यह कांस्य प्रतिमा मठ के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व को विश्व पटल पर स्थापित करेगी।

  • शिल्पकार: इस भव्य प्रतिमा का निर्माण ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ के निर्माता के रूप में प्रसिद्ध मूर्तिकार राम वी. एस. सुतार ने किया है।
  • उद्देश्य: यह प्रतिमा भगवान राम की मर्यादा, आदर्श और संस्कृति की प्रतीक है। इसके साथ ही, मठ परिसर में एक रामायण थीम पार्क गार्डन और एक संग्रहालय का भी उद्घाटन किया गया, जिसका उद्देश्य मठ को एक प्रमुख तीर्थस्थल और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित करना है।
  • महोत्सव: मठ की 550वीं वर्षगांठ का यह उत्सव 27 नवंबर से शुरू होकर 7 दिसंबर तक चलेगा, जिसमें दुनियाभर से श्रद्धालु भाग ले रहे हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर एक विशेष डाक टिकट और एक स्मृति सिक्का भी जारी किया, और भक्तों से जल संरक्षण, वृक्षारोपण और स्थानीय उत्पादों के समर्थन जैसे नौ संकल्प लेने का आग्रह किया।

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