Uttarakhand Weather Update News: देवभूमि उत्तराखंड में जून के महीने में मौसम के अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के देहरादून केंद्र द्वारा जारी ताजा बुलेटिन के अनुसार, 17 जून 2026 को राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम का मिजाज बदला रहेगा। पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव और पहाड़ी इलाकों में स्थानीय मौसम प्रणालियों के सक्रिय होने से कुछ जनपदों में बारिश और गरज-चमक (Thunderstorm) की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। वहीं, मैदानी इलाकों में तापमान बढ़ने से थोड़ी गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।

पर्वतीय जनपदों में बारिश और ओलावृष्टि का पूर्वानुमान
मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, 17 जून को उत्तराखंड के पांच प्रमुख ऊंचाई वाले जिलों में मौसम सबसे ज्यादा प्रभावित रहेगा।
इन जिलों में अलर्ट:
- उत्तरकाशी
- रुद्रप्रयाग
- चमोली
- बागेश्वर
- पिथौरागढ़
इन जनपदों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा और आकाशीय बिजली चमकने के साथ गर्जन होने की पूरी संभावना जताई गई है। इसके अलावा, राज्य के शेष पर्वतीय जनपदों (जैसे टिहरी, पौड़ी, अल्मोड़ा और चम्पावत) में भी कहीं-कहीं बहुत हल्की से हल्की बारिश होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है।
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मैदानी इलाकों में बढ़ेगा तापमान, मौसम रहेगा शुष्क
पहाड़ों में जहां हल्की बौछारों से मौसम सुहावना बना हुआ है, वहीं मैदानी जिलों के निवासियों को आने वाले दिनों में थोड़ी अधिक गर्मी का सामना करना पड़ेगा। मौसम विभाग के अनुसार:
- हरिद्वार और उधम सिंह नगर: इन मैदानी जिलों में 17 जून को मौसम मुख्य रूप से शुष्क (Dry) रहने की संभावना है।
- तापमान में वृद्धि: उत्तराखंड के अधिकांश हिस्सों में आगामी 2 से 3 दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में 1°C से 3°C की क्रमिक वृद्धि होने की संभावना है। इसके बाद तापमान में कोई विशेष परिवर्तन नहीं होगा। मैदानी क्षेत्रों में दोपहर के समय तेज धूप के कारण उमस और गर्मी बढ़ सकती है।

चारधाम यात्रा और पर्यटकों के लिए विशेष गाइडलाइन
इस समय उत्तराखंड में चारधाम यात्रा (बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री) अपने चरम पर है। देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु देवभूमि पहुंच रहे हैं। चमोली, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी जैसे यात्रा मार्गों वाले जिलों में बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए प्रशासन ने यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी की है:
- भूस्खलन के प्रति सतर्कता: पहाड़ी रास्तों पर हल्की बारिश के दौरान भी चट्टानें खिसकने (Landslides) का खतरा बना रहता है, इसलिए यात्रा के दौरान विशेष सावधानी बरतें।
- मौसम की जानकारी रखें: केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम की ओर आगे बढ़ने से पहले स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग के अपडेट्स पर नजर जरूर रखें।
- आपातकालीन तैयारी: पहाड़ी क्षेत्रों में रात के समय तापमान में गिरावट आती है, अतः अपने साथ हल्के गर्म कपड़े और बरसाती (Raincoat) अनिवार्य रूप से रखें।
आने वाले दिनों में कैसा रहेगा ट्रेंड?
मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि 17 जून के बाद भी पहाड़ों में छिटपुट बारिश का यह दौर रुक-रुक कर चलता रहेगा। 18 जून के आसपास एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जो पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में जून के उत्तरार्ध में मानसून के आगमन से पहले प्री-मानसून की गतिविधियां राज्य को भीषण गर्मी की लहर (Heatwave) से बचाए रखेंगी।












