Uttarakhand Rain Orange Alert 2026 Mdano News In Hindi: देहरादून: 04 मई 2026 देवभूमि उत्तराखंड में कुदरत का कहर देखने को मिल रहा है। पिछले 24 घंटों से राज्य के अधिकांश हिस्सों में रुक-रुक कर हो रही बारिश ने तापमान में भारी गिरावट ला दी है। मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून ने सोमवार और मंगलवार (4-5 मई) के लिए राज्य के सात जिलों में भारी बारिश, ओलावृष्टि और 50 किमी/घंटा की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है।
7 जिलों में ऑरेंज अलर्ट: प्रशासन मुस्तैद
मौसम विभाग ने देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, चम्पावत, बागेश्वर और पिथौरागढ़ के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी जिलाधिकारियों को अलर्ट पर रहने और संवेदनशील इलाकों में एसडीआरएफ (SDRF) की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
पिथौरागढ़: सुरक्षा के मद्देनजर स्कूलों की छुट्टी
सीमांत जिले पिथौरागढ़ में मूसलाधार बारिश और भूस्खलन की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। जिलाधिकारी ने एहतियात के तौर पर कक्षा 1 से 12 तक के सभी सरकारी और निजी स्कूलों के साथ-साथ आंगनवाड़ी केंद्रों में एक दिन का अवकाश घोषित कर दिया है। पिथौरागढ़ के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी और निचले इलाकों में लगातार हो रही बारिश से नदियों का जलस्तर भी बढ़ने लगा है।

नैनीताल: तेज बौछारों से पर्यटन और यातायात प्रभावित
सरोवर नगरी नैनीताल में सोमवार सुबह से ही आसमान में घने बादल छाए रहे और दोपहर होते-होते तेज बौछारें शुरू हो गईं। भारी बारिश के कारण माल रोड और आसपास के इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। ओलावृष्टि ने शहर को सफेद चादर से ढक दिया, जिससे पर्यटकों को मई की गर्मी में भी कड़ाके की ठंड का अहसास हो रहा है। हालांकि, भारी बारिश के चलते नैनीताल-भवाली रोड और अन्य संपर्क मार्गों पर यातायात की गति धीमी पड़ गई है।
उत्तराखंड में खराब मौसम चारधाम यात्रा पर असर
खराब मौसम का असर चारधाम यात्रा पर भी पड़ता दिख रहा है। केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम में हल्की बर्फबारी और बारिश के कारण यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रुकने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे मौसम का अपडेट लेने के बाद ही अपनी यात्रा आगे बढ़ाएं।

उत्तराखंड में आगामी 48 घंटे महत्वपूर्ण
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण अगले 48 घंटे उत्तराखंड के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन (Landslides) और चट्टान गिरने की घटनाओं का खतरा बढ़ गया है, इसलिए यात्रियों को रात के समय सफर न करने की सलाह दी गई है।









