UP Water Tank Rescue News: उत्तर प्रदेश सोशल मीडिया पर ‘लाइक’ और ‘व्यूज’ की चाहत आज की युवा पीढ़ी को किस कदर पागल बना रही है, इसकी एक खौफनाक बानगी उत्तर प्रदेश में देखने को मिली। यहाँ कुछ बच्चे एडवेंचर और रील बनाने के जुनून में 100 फीट ऊंची पानी की टंकी पर चढ़ गए। लेकिन जिसे वे रोमांच समझ रहे थे, वह चंद पलों में मातम और चीख-पुकार में बदल गया। इस हादसे में एक बच्चे ने अपनी जान गंवा दी, जबकि दो बच्चों को भारतीय वायुसेना (IAF) ने फिल्मी अंदाज में हेलिकॉप्टर से रेस्क्यू कर नई जिंदगी दी।
रील का जुनून और मौत का तांडव
मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना उस समय शुरू हुई जब तीन दोस्त अपनी जान जोखिम में डालकर गांव की सबसे ऊंची पानी की टंकी पर चढ़ गए। उनका मकसद ऊंचाई से एक “खतरनाक रील” शूट करना था। चश्मदीदों के मुताबिक, बच्चे टंकी के सबसे ऊपरी हिस्से पर पहुंचकर स्टंट कर रहे थे। इसी दौरान टंकी की पुरानी और जर्जर लोहे की सीढ़ी अचानक भरभरा कर टूट गई।
सीढ़ी टूटते ही संतुलन बिगड़ा और एक बच्चा सीधे 100 फीट की ऊंचाई से कंक्रीट के फर्श पर जा गिरा। अस्पताल ले जाते समय उसकी दर्दनाक मौत हो गई। वहीं, बाकी दो बच्चे टंकी के संकरे छज्जे पर ही फंस गए। नीचे उतरने का कोई रास्ता नहीं बचा था और नीचे खड़ी भीड़ केवल बेबसी से उन्हें देख रही थी।

जब देवदूत बनकर पहुंची वायुसेना
स्थानीय पुलिस और प्रशासन ने पहले रस्सी और सीढ़ी के जरिए रेस्क्यू की कोशिश की, लेकिन ऊंचाई अधिक होने और जर्जर ढांचे के कारण जमीन से रेस्क्यू करना असंभव साबित हुआ। बच्चों की हालत बिगड़ती देख तुरंत शासन को सूचित किया गया और भारतीय वायुसेना से मदद मांगी गई।
कुछ ही समय में आसमान में वायुसेना के हेलिकॉप्टर की गड़गड़ाहट सुनाई दी। पायलटों ने बेहद कुशलता से हेलिकॉप्टर को टंकी के ठीक ऊपर ‘होवर’ (स्थिर) किया। गरुड़ कमांडो ने नीचे उतरकर दोनों डरे-सहमे बच्चों को हार्नेस (बेल्ट) के जरिए बांधा और एक-एक कर उन्हें हवा में खींचकर हेलिकॉप्टर के भीतर ले लिया। नीचे खड़े हजारों लोगों ने तालियों के साथ वायुसेना का आभार व्यक्त किया।

खौफनाक मंजर: “भैया! हमें बचा लो”
रेस्क्यू किए गए बच्चों ने बताया कि जब सीढ़ी टूटी, तो उन्हें लगा कि अब वे कभी नीचे नहीं उतर पाएंगे। वे घंटों तक कड़कती धूप में बिना पानी के ऊपर फंसे रहे। टंकी के ऊपर से नीचे देखने पर उन्हें केवल मौत नजर आ रही थी। यह घटना उन सभी युवाओं के लिए एक सबक है जो चंद सेकंड की रील के लिए अपनी और अपनों की जिंदगी दांव पर लगा देते हैं।

प्रशासन की चेतावनी: न बनें रील के शिकार
जिलाधिकारी ने इस घटना के बाद कड़ा रुख अपनाते हुए आदेश जारी किए हैं कि जिले की सभी पुरानी पानी की टंकियों और जर्जर ऊंचे ढांचों की घेराबंदी की जाए। उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे अपने बच्चों की सोशल मीडिया एक्टिविटी पर नजर रखें। रील बनाने का यह ‘जानलेवा शौक’ अब समाज के लिए एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।













