Uttarakhand Weather Update News In Hindi: अप्रैल के महीने में जहां एक ओर उत्तर भारत के मैदानी इलाके भीषण गर्मी और ‘हीट वेव’ (Heatwave) की चपेट में हैं, वहीं देवभूमि उत्तराखंड में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के देहरादून केंद्र ने ताजा पूर्वानुमान जारी करते हुए पूरे प्रदेश में बारिश, ओलावृष्टि और पहाड़ों पर बर्फबारी की चेतावनी दी है।
पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने के कारण राज्य के सभी 13 जिलों में मौसम करवट लेने को तैयार है। विभाग ने विशेष रूप से 6 पर्वतीय जिलों में भारी ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि मैदानी इलाकों के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है।
उत्तराखंड के 6 जिलों में ओलावृष्टि का ‘ऑरेंज अलर्ट’
मौसम विभाग के अनुसार, अगले 48 घंटों के भीतर प्रदेश के 6 जिलों में मौसम का सबसे ज्यादा असर देखने को मिल सकता है। इन जिलों में गर्जन के साथ भारी ओलावृष्टि और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झक्कड़ हवाएं चलने की संभावना है:
- उत्तरकाशी
- चमोली
- रुद्रप्रयाग
- बागेश्वर
- पिथौरागढ़
- नैनीताल
इन क्षेत्रों में ओलावृष्टि से बागवानी और फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई गई है। प्रशासन ने काश्तकारों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

उत्तराखंड के पहाड़ों में बर्फबारी और मैदानों में बारिश
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि उच्च हिमालयी क्षेत्रों में, विशेषकर 4000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की से मध्यम बर्फबारी (Snowfall) हो सकती है। बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के ऊपरी हिस्सों में बर्फ की चादर दिखने के आसार हैं, जिससे तापमान में अचानक गिरावट आएगी।
वहीं, देहरादून, हरिद्वार, उधम सिंह नगर और पौड़ी जैसे मैदानी जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। हालांकि, बारिश से पहले इन इलाकों में उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन वर्षा के बाद पारा 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क सकता है।
चारधाम यात्रियों के लिए विशेष सलाह
वर्तमान में चारधाम यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन और तैयारियों का दौर जारी है। मौसम के इस बदलते मिजाज को देखते हुए प्रशासन ने तीर्थयात्रियों और पर्यटकों से अपील की है कि वे अपनी यात्रा की योजना मौसम के पूर्वानुमान को देखकर ही बनाएं। ऊंचाई वाले इलाकों में अचानक होने वाली बर्फबारी और बारिश से सड़कों पर फिसलन और दृश्यता (Visibility) कम होने की समस्या पैदा हो सकती है।

हीट वेव और वनाग्नि से मिलेगी राहत?
पिछले कुछ दिनों से उत्तराखंड के जंगलों में धधक रही आग (Forest Fire) और मैदानी इलाकों में 40 डिग्री के पार जा रहे पारे से यह बारिश बड़ी राहत लेकर आएगी। बारिश के होने से न केवल जंगलों की आग बुझने में मदद मिलेगी, बल्कि वायुमंडल में जमी धूल और धुंध भी साफ होगी।
मौसम विभाग के निदेशक के अनुसार:
“अगले तीन-चार दिन प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बादलों का डेरा रहेगा। 28 और 29 अप्रैल को सक्रियता सबसे अधिक रहने वाली है। मैदानों में धूल भरी आंधी और पहाड़ों में बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं, इसलिए सुरक्षित स्थानों पर रहें।”
मुख्य बिंदु: एक नज़र में
| क्षेत्र | पूर्वानुमान | चेतावनी स्तर |
| पर्वतीय जिले (6) | भारी ओलावृष्टि, बारिश, तेज हवाएं | ऑरेंज अलर्ट |
| मैदानी जिले | गर्जन के साथ हल्की बारिश, अंधड़ | येलो अलर्ट |
| ऊंचाई वाले क्षेत्र (>4000m) | मध्यम बर्फबारी | – |
| तापमान | 3°C से 5°C की गिरावट संभव | – |









