Uttarakhand PM SVANidhi Scheme News: उत्तराखंड के चमोली (गोपेश्वर) और अल्मोड़ा जनपदों में प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के छह वर्ष पूरे होने के ऐतिहासिक अवसर पर ‘पीएम स्वनिधि महोत्सव-2026’ का बेहद भव्य आयोजन किया गया। इस विशेष उत्सव के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्ट्रीट वेंडर्स और फड़ व्यवसायियों को सम्मानित किया गया, साथ ही बैंकों के माध्यम से वितरित करोड़ों रुपये की वित्तीय सहायता और डिजिटल लेनदेन के बढ़ते कदमों पर विस्तृत जमीनी रिपोर्ट प्रस्तुत की गई है।
उत्तराखंड के पर्वतीय जनपदों में सड़क किनारे, फड़ और ठेलियों पर छोटा-मोटा व्यवसाय करने वाले रेहड़ी-पटरी दुकानदारों की आजीविका को एक नया संबल और सम्मान देने वाली ‘प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना’ (PM SVANidhi Scheme) के सफलतम छह वर्ष पूरे हो गए हैं। इस ऐतिहासिक और गौरवशाली अवसर को यादगार बनाने के लिए देवभूमि के दो प्रमुख जनपदों—चमोली के जिला मुख्यालय गोपेश्वर और सांस्कृतिक नगरी अल्मोड़ा में ‘पीएम स्वनिधि महोत्सव-2026’ का बेहद भव्य, रंगारंग और उत्साहपूर्ण आयोजन किया गया। इस विशेष महोत्सव का मुख्य उद्देश्य न केवल योजना के अंतर्गत बेहतरीन काम करने वाले स्ट्रीट वेंडर्स को सम्मानित करना था, बल्कि समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े छोटे कारोबारियों को मुख्यधारा की बैंकिंग व्यवस्था और डिजिटल साक्षरता से जोड़कर उनके जीवन में ‘अंत्योदय’ की सोच को साकार करना भी रहा।
इस कड़ी में सबसे पहला और भव्य कार्यक्रम सीमांत जनपद चमोली के गोपेश्वर स्थित नगर पालिका परिसर में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के दर्जनों स्ट्रीट वेंडर्स, स्वयं सहायता समूहों (SHGs) की महिलाओं और विभिन्न राष्ट्रीयकृत बैंकों के प्रतिनिधियों ने बढ़-चढ़कर प्रतिभाग किया। स्वनिधि महोत्सव के दौरान स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए स्थानीय हस्तशिल्प और पहाड़ी उत्पादों के आकर्षक स्टॉल भी लगाए गए, जिन्हें आगंतुकों ने काफी सराहा। कार्यक्रम में मौजूद जिला प्रशासन और शहरी विकास विभाग के नोडल अधिकारियों ने योजना की प्रगति की विस्तृत समीक्षा साझा करते हुए बताया कि चमोली जिले में अब तक कुल एक हजार तीन सौ तेईस (1323) रेहड़ी-पटरी व्यवसायियों को विभिन्न बैंकों के माध्यम से दो करोड़ साठ लाख (2.60 करोड़) रुपये से अधिक की आसान ऋण धनराशि सफलतापूर्वक वितरित की जा चुकी है। इस वित्तीय सहयोग के साथ-साथ महोत्सव में भारत सरकार और राज्य सरकार की अन्य तमाम जनकल्याणकारी और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की भी विस्तृत जानकारी वेंडर्स को दी गई ताकि वे उनका भी पूरा लाभ उठा सकें।

योजना की बारीकियों और सांगठनिक विस्तार पर प्रकाश डालते हुए संबंधित अधिकारियों ने बताया कि ‘पीएम स्वनिधि से समृद्धि’ अभियान के तहत लाभार्थियों को केवल लोन देकर छोड़ नहीं दिया जाता, बल्कि उन्हें व्यापार को आधुनिक बनाने के गुर भी सिखाए जा रहे हैं। इसके तहत वेंडर्स को डिजिटल लेनदेन (UPI Payment) अपनाने के फायदे समझाए जा रहे हैं और आसान कैशबैक सुविधाओं के बारे में जागरूक किया जा रहा है। महोत्सव के मंच से उन उत्कृष्ट स्ट्रीट वेंडर्स को विशेष रूप से मेमेंटो और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया जिन्होंने बैंक लोन की किस्तों को समय पर चुकाया और डिजिटल माध्यमों का सबसे अधिक उपयोग किया। इस सम्मान का मुख्य उद्देश्य बाजार में बैठे अन्य छोटे और नए कारोबारियों को भी इस कल्याणकारी योजना से जुड़ने और अपनी आजीविका को कानूनी व सुदृढ़ रूप देने के लिए प्रेरित करना था।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद नगर पालिका अध्यक्ष संदीप रावत ने अपने संबोधन में योजना की सराहना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना सड़क किनारे छोटे-मोटे कारोबार से अपने परिवार का भरण-पोषण करने वाले गरीब लोगों के लिए एक बहुत बड़ी आर्थिक राहत और सामाजिक सुरक्षा कवच साबित हुई है। उन्होंने कहा कि पहले इन छोटे दुकानदारों को अपने दैनिक व्यवसाय के लिए स्थानीय साहूकारों से अत्यधिक ब्याज दर पर कर्ज लेना पड़ता था, जिससे वे हमेशा कर्ज के जाल में फंसे रहते थे, लेकिन अब सरकार सीधे बिना किसी गारंटी के बेहद मामूली ब्याज दर पर लोन दे रही है। वहीं, महोत्सव में आए लाभार्थियों ने भी बेहद भावुक होते हुए अपने जमीनी अनुभव साझा किए। वेंडर्स ने बताया कि वैश्विक कोरोना महामारी के उस अत्यंत कठिन काल में, जब उनका सब कुछ ठप हो गया था, तब यह योजना उनके जीवन में एक सच्ची ‘संजीवनी’ बनकर आई थी। इस योजना से मिली शुरुआती कार्यशील पूंजी (वर्किंग कैपिटल) के दम पर ही आज उनका डूबता हुआ व्यवसाय फिर से पूरी तरह पटरी पर लौट आया है और वे स्वाभिमान के साथ जी रहे हैं।
चमोली के साथ-साथ उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल की सांस्कृतिक राजधानी अल्मोड़ा में भी ‘पीएम स्वनिधि महोत्सव 2026’ की धूम देखने को मिली। अल्मोड़ा में आयोजित इस विशेष महोत्सव में भारी संख्या में फड़ व्यवसायियों, स्थानीय दुकानदारों और योजना का लाभ ले रहे लाभार्थियों ने शिरकत की। फड़ व्यवसायियों को सीधे वित्तीय सहयोग और ऋण सीमा बढ़ाने के उद्देश्य से कार्यक्रम स्थल पर ही विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि और स्टॉल मौजूद थे, जिन्होंने मौके पर ही नए आवेदनों की स्क्रूटनी की और लोन स्वीकृति की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया। अल्मोड़ा नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत संकलित किए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अब तक कुल चार सौ दो (402) फड़ व्यवसायियों ने पीएम स्वनिधि योजना के अंतर्गत अपने पारंपरिक और नए व्यवसायों को पुनर्जीवित करने का लाभ लिया है। अधिकारियों ने बताया कि अल्मोड़ा में योजना के प्रथम, द्वितीय और तृतीय चरणों को मिलाकर अब तक कुल छियासी लाख साठ हजार (86.60 लाख) रुपये की भारी-भरकम ऋण राशि लाभार्थियों के खातों में सीधे भेजी जा चुकी है।
अल्मोड़ा के इस गौरवशाली स्वनिधि महोत्सव में सम्मानित किए गए वयोवृद्ध और युवा फड़ व्यवसायियों ने मंच से सरकार का आभार जताते हुए कहा कि पीएम स्वनिधि योजना केवल एक ऋण योजना नहीं है, बल्कि यह उनकी आजीविका और पारिवारिक स्थिरता में बेहद मददगार और जीवन बदलने वाली साबित हुई है। इस ऋण की मदद से वे अपनी दुकानों में अधिक वैरायटी का सामान रखने में सक्षम हुए हैं, जिससे उनकी दैनिक आय में भी काफी वृद्धि दर्ज की गई है। इसके साथ ही, महोत्सव के दौरान लगे विशेष शिविरों में वेंडर्स को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और मानधन पेंशन योजना जैसी दूसरी अत्यंत लाभकारी केंद्रीय योजनाओं की व्यावहारिक जानकारी भी प्रदान की गई, ताकि रेहड़ी-पटरी समाज का संपूर्ण और समावेशी सामाजिक विकास सुनिश्चित किया जा सके। दोनों ही जनपदों में संपन्न हुआ यह महोत्सव यह साफ बयां करता है कि देश के छोटे कारोबारी अब आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में एक बहुत ही महत्वपूर्ण और मजबूत स्तंभ बनकर उभर रहे हैं।








