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Uttarakhand News:राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह की उत्तराखण्ड से विदाई

On: October 24, 2026 6:00 AM
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Uttarakhand News:राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह की उत्तराखण्ड से विदाई
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Uttarakhand News: उत्तराखण्ड की पावन धरती पर संवैधानिक मर्यादाओं के साथ संवेदनशील जनसेवा का एक अत्यंत गरिमामय अध्याय उस समय भावुक और प्रेरणादायी क्षणों का साक्षी बना, जब प्रदेश के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) के सम्मान में विदाई समारोह आयोजित किया गया। कुछ दिनों पहले इस ऐतिहासिक अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उपस्थित होकर राज्यपाल के मार्गदर्शन, दूरदर्शी नेतृत्व और राज्य के बहुआयामी विकास में उनके निस्वार्थ योगदान के प्रति पूरे प्रदेश की ओर से कृतज्ञता व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक कुशल सैन्य रणनीतिकार और संवेदनशील जनसेवक के रूप में राज्यपाल का यह कार्यकाल देवभूमि के इतिहास में सदैव स्वर्ण अक्षरों में याद किया जाएगा।

समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि राज्यपाल ने अपने पूरे सेवाकाल में राजभवन को औपचारिक प्रशासनिक सीमाओं से बाहर निकालकर जनता की उम्मीदों और आकांक्षाओं का जीवंत केंद्र बनाया। उन्होंने प्रदेश के दुर्गम पर्वतीय अंचलों, सीमावर्ती घाटियों और सुदूरवर्ती गांवों तक व्यक्तिगत रूप से पहुंचकर जनमानस की पीड़ा, उनकी दैनिक चुनौतियों और स्थानीय विकास की वास्तविक प्राथमिकताओं को गहराई से समझा। उनकी यह ज़मीनी संवेदनशीलता केवल नीतिगत चर्चाओं तक सीमित नहीं रही, बल्कि उसने शासन की कई कल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर अधिक प्रभावी और व्यावहारिक स्वरूप देने में अमूल्य प्रेरणा का काम किया। युवा शक्ति के सशक्तिकरण और उनकी ऊर्जा को सही दिशा देने के मामले में राज्यपाल का दृष्टिकोण हमेशा दूरगामी और उत्साहवर्धक रहा।

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि किस प्रकार उन्होंने प्रदेश भर के विश्वविद्यालयों और तकनीकी संस्थानों के मंचों से युवाओं से सीधा संवाद स्थापित किया। राज्यपाल ने विद्यार्थियों को पारंपरिक सीमाओं से परे जाकर आधुनिक नवाचार, स्टार्ट-अप संस्कृति, उद्यमिता और वैज्ञानिक अनुसंधान को अपनाने का आह्वान किया। उनके लिए राष्ट्रसेवा केवल सेना में जाकर देश की सीमाओं की रक्षा करने तक सीमित नहीं थी, बल्कि ज्ञान, विज्ञान, आत्मनिर्भरता और व्यक्तिगत जीवन में नैतिकता के उच्चतम मानकों को स्थापित करना भी राष्ट्रभक्ति का ही उत्कृष्ट रूप रहा। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में आमूलचूल सुधार और विश्वविद्यालयों में शोध के वातावरण को सुदृढ़ बनाना राज्यपाल की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल था। राज्य के विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति के दायित्व का निर्वहन करते हुए उन्होंने अकादमिक उत्कृष्टता, समयबद्ध शैक्षणिक सत्र, पारदर्शी मूल्यांकन प्रणाली और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन पर निरंतर बल दिया।

उनका स्पष्ट मत रहा कि हिमालयी राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप उच्च शिक्षण संस्थानों को स्थानीय जड़ी-बूटी, पर्यावरण संरक्षण, प्राकृतिक आपदा प्रबंधन और आधुनिक तकनीक के बीच सेतु का निर्माण करना चाहिए, ताकि हमारे युवा वैश्विक स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा सकें। नारी शक्ति के उत्थान और उन्हें स्वावलंबी बनाने के प्रति राज्यपाल की प्रतिबद्धता असाधारण रही। मुख्यमंत्री ने इस बात की विशेष सराहना की कि राज्यपाल ने उत्तराखण्ड की मातृशक्ति के अदम्य साहस और श्रमशीलता को हमेशा विकास की मुख्य धुरी माना। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से स्थानीय शिल्पकला, पारंपरिक कृषि और लघु उद्योगों से जुड़ी ग्रामीण महिलाओं को प्रोत्साहित करने में उन्होंने व्यक्तिगत रुचि ली।

समाज के अंतिम पायदान पर खड़े वंचित, असहाय और उपेक्षित वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ना उनके सार्वजनिक आचरण का अभिन्न हिस्सा रहा, जिससे समाज में संवैधानिक समरसता और विश्वास का वातावरण और अधिक मजबूत हुआ। विदाई समारोह के इस गरिमामय अवसर पर उपस्थित सभी प्रबुद्ध जनों, प्रशासनिक अधिकारियों और गणमान्य नागरिकों ने स्वीकार किया कि राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह का आत्मीय स्वभाव, अनुशासनबद्ध जीवन और देवभूमि के प्रति अगाध निष्ठा आने वाली पीढ़ियों के लिए एक अनुकरणीय मानक है। मुख्यमंत्री धामी ने उनके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और सुखी भविष्य की मंगलकामना करते हुए विश्वास जताया कि उनका स्नेह, आशीर्वाद और मार्गदर्शन उत्तराखण्ड को सदैव एक सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर राज्य के रूप में स्थापित करने की यात्रा में संबल प्रदान करता रहेगा।

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photo-x Uttarakhand Governor Gurmit Singh Farewell 

कार्यक्रम और प्रमुख बिंदुओं पर केंद्रित प्रश्नोत्तरी (FAQ)
यह विदाई समारोह किस उपलक्ष्य में आयोजित किया गया?

यह विशेष कार्यक्रम उत्तराखण्ड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) के सफल और गरिमामय कार्यकाल की पूर्णता पर उनके सम्मान और विदाई के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया, जिसमें शासन-प्रशासन के शीर्ष नेतृत्व ने सहभागिता की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्यपाल के किस विशेष दृष्टिकोण की सराहना की?

मुख्यमंत्री ने राज्यपाल की ज़मीनी संवेदनशीलता की भूरि-भूरि प्रशंसा की, जिसके तहत उन्होंने प्रदेश के सुदूर और सीमांत क्षेत्रों का स्वयं दौरा कर आम जनता की वास्तविक सामाजिक, सांस्कृतिक और विकास संबंधी आवश्यकताओं को नज़दीक से समझा और समाधान की राह प्रशस्त की।

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photo-x Uttarakhand Governor Gurmit Singh Farewell 

शिक्षा और शोध के क्षेत्र में राज्यपाल का क्या योगदान रहा?

कुलाधिपति के रूप में उन्होंने उच्च शिक्षण संस्थानों में गुणवत्तापूर्ण अध्यापन, वैश्विक स्तर के अनुसंधान, कौशल संवर्धन और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के समयबद्ध क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया, ताकि युवाओं का सर्वांगीण और बौद्धिक विकास सुनिश्चित हो सके।

युवाओं और महिलाओं के लिए राज्यपाल के प्रयास किस प्रकार प्रेरणादायी रहे?

उन्होंने युवाओं को उद्यमिता, स्टार्ट-अप और राष्ट्रसेवा की दिशा में अग्रसर होने के लिए प्रेरित किया, जबकि स्वयं सहायता समूहों और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण व पर्वतीय महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में अग्रणी भूमिका निभाई।

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photo-x Uttarakhand Governor Gurmit Singh Farewell 

मुख्य निष्कर्ष विदाई समारोह मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) के कुशल नेतृत्व, संवैधानिक शुचिता और राज्य के प्रति समर्पण की मुक्तकंठ से सराहना की। राज्यपाल ने अपने कार्यकाल के दौरान राजभवन को जनसरोकारों से जोड़ते हुए दुर्गम एवं सीमांत क्षेत्रों की समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता दी। विश्वविद्यालयों में अकादमिक अनुशासन, नवाचार एवं अनुसंधान को बढ़ावा देकर उच्च शिक्षा के परिदृश्य में युगांतरकारी सुधार सुनिश्चित किए गए। युवाओं में स्वरोजगार एवं राष्ट्रभक्ति की भावना जागृत करने के साथ-साथ उत्तराखण्ड की मातृशक्ति को आत्मनिर्भरता के नए अवसर उपलब्ध कराए गए। उन्हें सम्पूर्ण प्रदेश की ओर से उनके उत्तम स्वास्थ्य, सुदीर्घ जीवन एवं निरंतर राष्ट्रसेवा की हार्दिक मंगलकामनाएं प्रेषित की गईं।

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