Dubai Air Show News: भारत का स्वदेश निर्मित लड़ाकू विमान तेजस शुक्रवार को दुबई एयर शो में एक प्रदर्शन के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिससे उसके पायलट की मौत हो गई, भारतीय वायु सेना ने शुक्रवार को बताया। विमान दर्शकों के लिए हवा में प्रदर्शन कर रहा था, तभी वह नीचे गिरा
एचएएल निर्मित यह विमान स्थानीय समयानुसार लगभग 2:10 बजे तथा भारतीय समयानुसार 3:49 बजे दर्शकों के लिए उड़ान भरते समय दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
आईएएफ ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “आज दुबई एयर शो में हवाई प्रदर्शन के दौरान एक आईएएफ तेजस विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। दुर्घटना में पायलट को घातक चोटें आईं। आईएएफ को जानमाल के नुकसान पर गहरा दुख है और इस दुख की घड़ी में वह शोक संतप्त परिवार के साथ मजबूती से खड़ा है।”
वायु सेना ने दुर्घटना के कारण का पता लगाने के लिए कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी का आदेश दिया है।
हवाई अड्डे पर काला धुआँ उठता देख भीड़ में मौजूद लोग, जिनमें महिलाएँ और बच्चे भी शामिल थे, यह सब देख रहे थे। एयर शो में मौजूद दर्शकों ने इस दुर्घटना का वीडियो भी बनाया।
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में चल रहे प्रतिष्ठित दुबई एयर शो के दौरान एक अत्यंत दुखद और बड़ा हादसा सामने आया है। भारतीय वायु सेना (IAF) का स्वदेश निर्मित हल्के वजन का लड़ाकू विमान ‘तेजस’ (Tejas) हवा में करतब दिखाते समय अचानक दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस दर्दनाक हादसे में विमान के पायलट की जान चली गई है। भारतीय वायु सेना और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने मामले की उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी है।

अंतरराष्ट्रीय रक्षा और विमानन जगत से संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के दुबई शहर से एक बेहद स्तब्ध करने वाली और अत्यंत दुखद खबर सामने आई है। वैश्विक स्तर पर आयोजित हो रहे प्रतिष्ठित ‘दुबई एयर शो’ (Dubai Air Show) में अपनी हवाई कलाबाजियों और सामरिक क्षमता का प्रदर्शन कर रहा भारत का गौरव और स्वदेश निर्मित हल्का लड़ाकू विमान ‘तेजस’ (LCA Tejas) एक बड़े हादसे का शिकार हो गया है। शुक्रवार की दोपहर को आसमान में दर्शकों के सामने लाइव एयरोबेटिक प्रदर्शन (हवाई करतब) करते समय यह अत्याधुनिक लड़ाकू विमान अचानक अपना नियंत्रण खो बैठा और तेज गति से नीचे गिरते हुए जमीन से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। भारतीय वायु सेना (IAF) ने इस बेहद गंभीर और दर्दनाक हादसे की आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया है कि इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में विमान को उड़ा रहे भारतीय वायुसेना के जांबाज पायलट की मौके पर ही दुखद मौत हो गई है। इस खबर के सामने आते ही पूरे रक्षा गलियारे और देश में शोक की लहर दौड़ गई है।
दुबई से प्राप्त प्रत्यक्षदर्शियों और विमानन सूत्रों की विस्तृत जानकारी के अनुसार, यह भयानक हादसा शुक्रवार को स्थानीय समयानुसार दोपहर लगभग 2 बजकर 10 मिनट पर तथा भारतीय समयानुसार (IST) दोपहर 3 बजकर 49 मिनट पर घटित हुआ। उस समय दुबई के आसमान में दुनिया भर से आए रक्षा विशेषज्ञों, खरीदारों और आम दर्शकों की भारी भीड़ मौजूद थी, जो विभिन्न देशों के लड़ाकू विमानों के प्रदर्शन को देख रही थी। इसी दौरान हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) द्वारा पूरी तरह भारत में निर्मित स्वदेशी तेजस विमान ने जैसे ही दर्शकों के सामने एक बेहद कठिन और जटिल वर्टिकल लूप (हवा में गोल चक्कर लगाना) बनाने के लिए उड़ान भरी, तभी अचानक कुछ तकनीकी खराबी या नियंत्रण खोने के कारण विमान की ऊंचाई बहुत तेजी से कम होने लगी। पायलट ने विमान को आबादी वाले क्षेत्र और दर्शकों की दीर्घा से दूर ले जाने का पूरा प्रयास किया, लेकिन समय बेहद कम होने के कारण विमान सीधे जमीन से जा टकराया और उसमें भीषण आग लग गई।
हादसे की भयावहता को देखते हुए एयर शो स्थल पर मौजूद आपातकालीन बचाव दल, दमकल विभाग की गाड़ियां और चिकित्सा टीमें तुरंत मलबे की ओर दौड़ीं, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। विमान पूरी तरह मलबे के ढेर में तब्दील हो चुका था और पायलट को बचाया नहीं जा सका। भारतीय वायु सेना के प्रवक्ता ने नई दिल्ली में पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि यह हमारे लिए एक अपूरणीय क्षति है। देश ने एक बेहद कुशल, अनुभवी और जांबाज फाइटर पायलट को खो दिया है, जिसने अंतिम क्षणों तक विमान को नियंत्रित करने और जमीन पर मौजूद लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का प्रयास किया। वायुसेना ने मारे गए पायलट के नाम को अभी आधिकारिक रूप से गोपनीय रखा है जब तक कि उनके परिवार को इसकी पूरी सूचना विधिपूर्वक नहीं दे दी जाती।
इस अंतरराष्ट्रीय हादसे ने भारत के महत्वाकांक्षी स्वदेशी रक्षा उत्पादन कार्यक्रम और तेजस के निर्यात (एक्सपोर्ट) के प्रयासों को एक बड़ा झटका दिया है। भारत पिछले कुछ समय से मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) और अन्य एशियाई देशों को तेजस विमान बेचने के लिए बड़े पैमाने पर मार्केटिंग कर रहा था और दुबई एयर शो इसके प्रदर्शन का सबसे बड़ा मंच था। एलसीए तेजस को दुनिया के सबसे सुरक्षित और बेहतरीन सिंगल-इंजन हल्के लड़ाकू विमानों में गिना जाता है, जिसका सेफ्टी रिकॉर्ड अब तक बेहद शानदार रहा था। इस अप्रत्याशित क्रैश के बाद, भारतीय रक्षा मंत्रालय और वायुसेना मुख्यालय ने संयुक्त रूप से एक उच्च स्तरीय ‘कोर्ट ऑफ इंक्वायरी’ (Court of Inquiry) के आदेश जारी कर दिए हैं। जांच टीम तुरंत दुबई के लिए रवाना हो रही है ताकि ब्लैक बॉक्स और मलबे की गहन फॉरेंसिक जांच कर यह पता लगाया जा सके कि यह हादसा किसी तकनीकी खराबी, इंजन फेल्योर या फिर मानवीय चूक (पायलट एरर) के कारण हुआ था।
तेजस को लेकर जानकारी
भारत में निर्मित हल्के लड़ाकू विमान एलसीए तेजस (LCA Tejas) के इतिहास, अत्याधुनिक तकनीकी विशेषताओं, मारक क्षमता और भारतीय वायु सेना (IAF) में इसकी रणनीतिक भूमिका का एक संपूर्ण हिंदी लेख। जानिए किस तरह 4.5 जनरेशन का यह सुपरसोनिक फाइटर जेट भारतीय आसमान की सुरक्षा का मुख्य आधार बन चुका है।
भारतीय रक्षा विनिर्माण और स्वदेशी तकनीक के इतिहास में जब भी किसी सबसे बड़ी और ऐतिहासिक क्रांति की बात होती है, तो ‘तेजस’ (LCA Tejas) का नाम सबसे गर्व के साथ लिया जाता है। तेजस भारत द्वारा पूरी तरह से देश में ही डिजाइन और विकसित किया गया एक सिंगल-इंजन, हल्के वजन का, मल्टी-रोल सुपरसोनिक (ध्वनि की गति से तेज उड़ने वाला) लड़ाकू विमान है। इसे भारतीय रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) के अंतर्गत आने वाली ‘एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी’ (ADA) ने डिजाइन किया है और देश की प्रमुख रक्षा क्षेत्र की कंपनी ‘हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड’ (HAL) ने इसका निर्माण किया है। तेजस का संस्कृत में अर्थ ‘आभा’ या ‘दीप्ति’ होता है, जिसे साल 2003 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने यह खूबसूरत नाम दिया था। यह विमान आज भारतीय वायु सेना (IAF) की रीढ़ की हड्डी बन चुका है और पुरानी हो चुकी मिग-21 विमानों की सीरीज को पूरी तरह से रिप्लेस कर चुका है।
तेजस को दुनिया के सबसे बेहतरीन 4.5 जनरेशन (साढ़े चार पीढ़ी) के लड़ाकू विमानों की श्रेणी में गिना जाता है। इसकी सबसे बड़ी संरचनात्मक विशेषता इसका ‘टेललेस कंपाउंड डेल्टा विंग’ (बिना पूंछ वाला त्रिकोणीय पंख) डिजाइन है, जो इसे हवा में अत्यधिक फुर्तीला (Agile) और युद्धाभ्यास में बेजोड़ बनाता है। इस विमान के निर्माण में एल्युमीनियम-लिथियम मिश्र धातुओं, टाइटेनियम और अत्याधुनिक कार्बन-फाइबर कंपोजिट्स का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया गया है। वजन के हिसाब से इसका लगभग 45 प्रतिशत हिस्सा कंपोजिट सामग्री से बना है, जिसके कारण यह अपने वर्ग में दुनिया का सबसे छोटा और सबसे हल्का लड़ाकू विमान बन जाता है। हल्का होने की वजह से दुश्मन के रडार आसानी से इसे पकड़ नहीं पाते, जिससे इसकी स्टील्थ (रडार से बचने की) क्षमता काफी बढ़ जाती है।
तकनीकी रूप से तेजस एक अत्यधिक उन्नत विमान है। इसमें ‘फ्लाई-बाय-वायर’ (डिजिटल फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम) तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जो विमान को हवा में स्वतः ही संतुलित रखती है और पायलट के काम के बोझ को काफी कम कर देती है। इसका कॉकपिट पूरी तरह से एक आधुनिक ‘ग्लास कॉकपिट’ है, जो नाइट विजन (रात में देखने वाले उपकरणों) के अनुकूल है। इसमें तीन बड़े मल्टी-फंक्शन डिस्प्ले और भारत में ही विकसित हेड-अप डिस्प्ले (HUD) लगे हैं, जो पायलट को युद्ध के समय सटीक जानकारी प्रदान करते हैं। इसके अलावा, पायलट की सुरक्षा के लिए इसमें विश्व प्रसिद्ध मार्टिन बेकर का जीरो-जीरो इजेक्शन सीट सिस्टम लगाया गया है, जो किसी भी आपातकालीन स्थिति में पायलट को सुरक्षित बाहर निकालने में सक्षम है।
अगर तेजस की मारक क्षमता और हथियारों की बात करें, तो यह विमान एक चलता-फिरता मिसाइल हब है। इसमें हवा से हवा में मार करने वाली कई आधुनिक मिसाइलें जैसे ‘अस्त्र’ (Astra), विम्पेल आर-77 और आर-73 फिट की जा सकती हैं। इसके अलावा, यह बियॉन्ड विजुअल रेंज (आंखों से ओझल दूरी पर) दुश्मन को मार गिराने में सक्षम है। जमीनी हमलों के लिए यह विमान हवा से सतह पर मार करने वाली मिसाइलें, लेजर-गाइडेड बम और पारंपरिक बम ले जाने की क्षमता रखता है। नजदीकी लड़ाई के लिए इसमें 23 एमएम की दो बैरल वाली जीएसएच-23 तोप (Cannon) भी लगी हुई है। तेजस का कुल टेक-ऑफ वजन 13,300 किलोग्राम है और यह अपने साथ लगभग 4,000 किलोग्राम तक के भारी हथियार और पेलोड ले उड़ सकता है। इसकी अधिकतम गति मच 1.8 (लगभग 2,205 किलोमीटर प्रति घंटा) है और यह 50,000 फीट की ऊंचाई तक जाकर दुश्मन से लोहा ले सकता है।
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