Satpal Maharaj Badrinath Kedarnath Visit: उत्तराखंड के पर्यटन, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने हाल ही में श्री केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम का दौरा कर वहां की यात्रा व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लिया। इस आध्यात्मिक यात्रा के दौरान उन्होंने दोनों पवित्र धामों में विशेष पूजा-अर्चना की और देश-प्रदेश की सुख-समृद्धि, खुशहाली तथा उन्नति की मंगल कामना की। वैश्विक स्तर पर चल रहे विभिन्न संकटों से मानवता को मुक्ति दिलाने और विश्व में शांति व सद्भाव स्थापित करने की प्रार्थना करते हुए उन्होंने मंदिर परिसर में चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों का बारीकी से निरीक्षण भी किया।

पारंपरिक रीति-रिवाज से हुआ भव्य स्वागत
मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने पारंपरिक रीति-रिवाज से उनका भव्य स्वागत किया। इस मौके पर सतपाल महाराज ने कहा कि इस वर्ष भी चारधाम यात्रा रिकॉर्ड स्तर पर चल रही है और राज्य सरकार श्रद्धालुओं की सुगम व सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है।

पर्यटन मंत्री ने की बड़ी कल्याणकारी घोषणा
श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए पर्यटन मंत्री ने एक बड़ी कल्याणकारी घोषणा की। उन्होंने अपनी संस्था मानव उत्थान सेवा समिति के माध्यम से चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए कुल 10 करोड़ रुपये की धनराशि का सामूहिक दुर्घटना बीमा करवाया है। इस बीमा पॉलिसी के प्रीमियम की कुल राशि 3 लाख 67 हजार 995 रुपये (सेवाकर सहित) का चेक बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के माध्यम से यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को सौंप दिया गया है। व्यवस्था के तहत प्रत्येक धाम के लिए 2.50 करोड़ रुपये का दुर्घटना बीमा निर्धारित किया गया है। इस विशेष बीमा पॉलिसी के प्रावधानों के अनुसार, मंदिर परिसर में किसी भी प्रकार की भगदड़, ईश्वरीय आपदा या आतंकवादी घटना से प्रभावित होने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि प्रदान की जाएगी।

तीर्थयात्रियों से एक महत्वपूर्ण अपील
यात्रा को सुरक्षित और स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों से मुक्त बनाने के लिए पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने देश-विदेश से आने वाले तीर्थयात्रियों से एक महत्वपूर्ण अपील भी की है। उन्होंने कहा कि उच्च हिमालयी क्षेत्रों में ऑक्सीजन की कमी के कारण स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें आ सकती हैं, इसलिए सभी श्रद्धालु यात्रा पर निकलने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह अवश्य लें और अपनी शारीरिक क्षमता के अनुसार ही यात्रा की तैयारी करें। इसके साथ ही उन्होंने यात्रियों को अपनी आवश्यक जीवन रक्षक दवाएं, चिकित्सा उपकरण, वैध पहचान पत्र और यात्रा अनुमति पत्र (रजिस्ट्रेशन) अनिवार्य रूप से अपने साथ रखने का सुझाव दिया है ताकि देवभूमि की यह पावन आध्यात्मिक यात्रा पूरी तरह सुरक्षित और सुखद संपन्न हो सके।







