Uttarakhand News In Hindi: उत्तराखंड के प्रशासनिक गलियारों से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। सचिवालय में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों (DMs) के साथ एक अत्यंत महत्वपूर्ण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक की। इस उच्च स्तरीय बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी दिनों में राज्य में आयोजित होने वाली दो बड़ी पुनर्परीक्षाओं को पूरी तरह सुरक्षित संपन्न कराना और अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों को अंतिम रूप देना था। मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
21 जून को NEET पुनर्परीक्षा: निष्पक्ष, पारदर्शी और ‘लीक-प्रूफ’ आयोजन का संकल्प
आगामी 21 जून, 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) की पुनर्परीक्षा को लेकर उत्तराखंड सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।
अत्यधिक सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने जिलाधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और पूरी तरह से लीक-प्रूफ (Leak-Proof) बनाने के लिए सुरक्षा के ऐसे कड़े इंतजाम किए जाएं जिन्हें भेद पाना नामुमकिन हो। सभी संवेदनशील केंद्रों पर अतिरिक्त पुलिस बल और आधुनिक निगरानी उपकरणों (सीसीटीवी और बायोमेट्रिक) का उपयोग समय रहते सुनिश्चित करने को कहा गया है।

परीक्षार्थियों के लिए बड़ी राहत: रोडवेज बसों में मुफ्त सफर
मुख्य सचिव का बड़ा फैसला: परीक्षा देने वाले छात्रों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए मुख्य सचिव ने परिवहन विभाग की बसों में निशुल्क परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को शीघ्र ही शासनादेश (Government Order) जारी करने को कहा है, ताकि दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले छात्र-छात्राओं को केंद्र तक पहुंचने में कोई आर्थिक या मानसिक परेशानी न हो।
मानसून और बारिश को लेकर ‘प्लान-बी’ तैयार
जून के महीने में उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम के मिजाज और बारिश की संभावना को देखते हुए मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों को पहले से ही सतर्क रहने की हिदायत दी है। उन्होंने निर्देश दिया कि:
- यदि भारी बारिश के कारण कोई मुख्य मार्ग या सड़क बंद होती है, तो तुरंत बैकअप प्लान (Plan-B) लागू किया जाए।
- परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने के लिए वैकल्पिक रास्तों और आपातकालीन वाहनों की व्यवस्था एडवांस में की जाए।
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14 जून को UKSSSC स्नातक स्तरीय पुनर्परीक्षा: संदिग्धों पर रहेगी पैनी नजर
NEET के अलावा, 14 जून, 2026 को उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की स्नातक स्तरीय पुनर्परीक्षा भी आयोजित होने जा रही है। पूर्व के अनुभवों से सीख लेते हुए इस बार प्रशासन कोई कोर-कसर नहीं छोड़ना चाहता।

सघन चेकिंग और संदिग्धों का वेरिफिकेशन
मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों और पुलिस प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि परीक्षा से पहले और परीक्षा के दिन सभी आवश्यक जांचें पूरी मुस्तैदी से की जाएं।
- परीक्षा से जुड़े किसी भी संदिग्ध व्यक्ति का तुरंत वेरिफिकेशन (सत्यापन) किया जाए।
- परीक्षा केंद्रों में प्रवेश से पहले परीक्षार्थियों की गहन चेकिंग की जाए ताकि कोई भी अनुचित साधन या इलेक्ट्रॉनिक गैजेट अंदर न जा सके।
- राज्य के उन संवेदनशील क्षेत्रों और परीक्षा केंद्रों पर विशेष निगरानी व्यवस्था लागू की जाए, जहां गड़बड़ी की थोड़ी भी आशंका हो।
21 जून: अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की धूम, तैयारियों की रूपरेखा तय
21 जून, 2026 को केवल NEET की परीक्षा ही नहीं है, बल्कि इसी दिन अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस भी है। मुख्य सचिव ने इस वैश्विक आयोजन को प्रदेशभर में भव्य रूप से मनाने के लिए संबंधित विभागों और जिलाधिकारियों को विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए।
आयोजन स्थलों पर बुनियादी सुविधाओं की गारंटी
मुख्य सचिव ने कहा कि योग दिवस के अवसर पर प्रदेश के हर जनपद (जिले) में मुख्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके लिए जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे:
- आयोजन स्थलों पर पेयजल, चिकित्सा किट, और बैठने की उत्तम व्यवस्था जैसी सभी बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करें।
- योग सत्र में भाग लेने वाले नागरिकों और विशिष्ट अतिथियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।
सुचारू यातायात के लिए पार्किंग की अनिवार्य व्यवस्था
अक्सर बड़े आयोजनों में ट्रैफिक जाम और वाहनों की अव्यवस्था एक बड़ी समस्या बनती है। इसे भांपते हुए मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सख्त निर्देश दिए कि सभी मुख्य आयोजन स्थलों के पास वाहन पार्किंग की पर्याप्त और व्यवस्थित जगह आवश्यक रूप से उपलब्ध कराई जाए, ताकि योग दिवस के दिन सड़कों पर यातायात सुचारू रूप से चलता रहे।
चाक-चौबंद प्रशासनिक व्यवस्था की ओर उत्तराखंड
सचिवालय में हुई इस मैराथन बैठक से यह साफ है कि उत्तराखंड शासन आने वाले हफ्तों की चुनौतियों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। एक तरफ जहाँ युवाओं के भविष्य से जुड़ी NEET और UKSSSC की परीक्षाएं हैं, वहीं दूसरी तरफ देवभूमि की साख से जुड़ा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन है। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन के इन कड़े और दूरदर्शी निर्देशों के बाद अब दारोमदार जिलाधिकारियों और जमीनी स्तर के अधिकारियों पर है कि वे इन फैसलों को कितनी कड़ाई और संवेदनशीलता के साथ धरातल पर उतारते हैं।









