Tehri Medical College News: उत्तराखंड के पहाड़ी और दूर-दराज के क्षेत्रों में बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। राजधानी देहरादून स्थित सचिवालय में स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें प्रस्तावित टिहरी मेडिकल कॉलेज के निर्माण से जुड़े विभिन्न तकनीकी, प्रशासनिक और भूमि से संबंधित विषयों पर गहनता से विचार-विमर्श किया गया। इस बैठक में प्रदेश के शीर्ष प्रशासनिक अधिकारियों और स्वास्थ्य विभाग के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
बैठक के दौरान मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए सबसे उपयुक्त स्थान के चयन, इसके भौतिक बुनियादी ढांचे, मास्टर प्लान के तहत चरणबद्ध निर्माण और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए एक मजबूत खाका तैयार करने पर विस्तृत चर्चा हुई। राज्य सरकार का मुख्य ध्यान इस बात पर केंद्रित है कि पर्वतीय क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार इस तरह से किया जाए जिससे आम जनता को विशेषज्ञ इलाज के लिए बड़े शहरों का रुख न करना पड़े।
जनहित को प्राथमिकता और स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांतिकारी बदलाव
बैठक को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि टिहरी में बनने जा रहा यह मेडिकल कॉलेज केवल एक भवन मात्र नहीं होगा, बल्कि यह पूरे क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ बनेगा। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि मेडिकल कॉलेज के लिए स्थान का चयन पूरी तरह से जनहित और भौगोलिक उपयोगिता को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। सरकार की मंशा है कि इसका निर्माण एक ऐसे केंद्रीय और सुलभ स्थान पर हो, जहां से टिहरी जिले के साथ-साथ आसपास के ग्रामीण और दूर-दराज के क्षेत्रों की अधिक से अधिक आबादी को इसका सीधा लाभ मिल सके।

मंत्री ने कहा कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना की पूर्णता से क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं का अभूतपूर्व विस्तार होगा। अब तक जिन जटिल बीमारियों और आपातकालीन स्थितियों के लिए स्थानीय लोगों को ऋषिकेश या देहरादून भागना पड़ता था, उनका त्वरित और आधुनिक इलाज अब टिहरी में ही संभव हो सकेगा। इससे न केवल लोगों के समय और पैसों की बचत होगी, बल्कि आपातकालीन परिस्थितियों में कई अनमोल जिंदगियों को बचाया जा सकेगा। यह संस्थान राज्य के समग्र स्वास्थ्य ढांचे को एक नई मजबूती और दिशा प्रदान करेगा।
रोजगार के नए अवसर, आर्थिक विकास और आधुनिक मास्टर प्लान
स्वास्थ्य मंत्री ने इस बात पर भी विशेष प्रकाश डाला कि यह मेडिकल कॉलेज केवल स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए भी एक बड़ा उत्प्रेरक साबित होगा। इस बड़े प्रोजेक्ट के धरातल पर उतरने से स्थानीय युवाओं के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार तथा स्वरोजगार के ढेरों नए अवसर पैदा होंगे।
चिकित्सा, पैरामेडिकल, प्रशासनिक और सहायक सेवाओं में सैकड़ों तकनीकी और गैर-तकनीकी पदों पर भर्तियां होंगी। इसके अलावा, मेडिकल कॉलेज के आसपास हॉस्टल, खान-पान, परिवहन, लॉजिस्टिक्स और दैनिक जरूरतों से जुड़ी व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को नया जीवन मिलेगा।
परियोजना के स्वरूप पर चर्चा करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज को अत्याधुनिक तकनीकों, आधुनिक चिकित्सा उपकरणों और विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस किया जाएगा। इसे एक सुव्यवस्थित मास्टर प्लान के तहत विकसित किया जाएगा, जिसमें भविष्य में होने वाले विस्तार, अनुसंधान केंद्रों और अत्याधुनिक सुपर-स्पेशियलिटी विभागों के लिए भी पर्याप्त गुंजाइश रखी जाएगी। पर्यावरण और पर्वतीय संरचना को ध्यान में रखते हुए इसके निर्माण में हरित तकनीकों का उपयोग किया जाएगा।
भूमि चयन प्रक्रिया की पूर्णता और प्रशासनिक निर्देश
बैठक के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए बताया कि मेडिकल कॉलेज के निर्माण से संबंधित भूमि चयन की प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। उन्होंने दोहराया कि इस संस्थान की स्थापना उत्तराखंड के स्वास्थ्य क्षेत्र के इतिहास में एक नया मील का पत्थर साबित होगी। यह परियोजना न केवल चिकित्सा शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाएगी, बल्कि प्रदेश को योग्य डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की नई पीढ़ी तैयार करने में भी मदद करेगी।
इस प्रशासनिक बैठक में मौजूद स्वास्थ्य सचिव विनय शंकर पांडे ने परियोजना की प्रशासनिक प्रगति की समीक्षा की और मौके पर ही कड़े दिशा-निर्देश जारी किए। सचिव स्वास्थ्य ने जिलाधिकारी टिहरी को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि चयनित भूमि से संबंधित सभी कानूनी, राजस्व और प्रशासनिक प्रस्तावों को बिना किसी देरी के शीघ्र अति शीघ्र शासन को उपलब्ध कराया जाए।
उन्होंने अधिकारियों को हिदायत दी कि कागजी औपचारिकताओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए ताकि वित्तीय स्वीकृतियों और टेंडर प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से शुरू किया जा सके। शासन का लक्ष्य है कि इस परियोजना की क्रियान्वयन प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता और तेजी लाई जाए, जिससे निर्माण कार्य जल्द से जल्द शुरू हो सके और जनता को इसका लाभ मिलना प्रारंभ हो जाए।
स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने शुक्रवार को सचिवालय में उच्च अधिकारियों के साथ प्रस्तावित टिहरी मेडिकल कॉलेज के निर्माण से संबंधित विभिन्न विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया। बैठक में मेडिकल कॉलेज के लिए भूमि चयन, निर्माण की रूपरेखा पर विस्तारपूर्वक चर्चा हुई।
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बैठक के दौरान स्वास्थ्य मंत्री उनियाल ने कहा कि मेडिकल कॉलेज का निर्माण ऐसे स्थान पर होगा, जिससे अधिकाधिक जनसंख्या को इसका लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज की स्थापना से क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार होगा तथा लोगों को बेहतर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध होंगी तथा स्वास्थ्य ढांचे का सुदृढ़ीकरण होगा। उन्होंने कहा कि यह परियोजना टिहरी जनपद सहित आसपास के क्षेत्रों के लिए भी अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी.
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि मेडिकल कॉलेज के निर्माण से दूर-दराज के क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नये अवसर भी पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज को आधुनिक सुविधाओं से युक्त एवं मास्टर प्लान के तहत विकसित किया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मेडिकल कॉलेज के निर्माण कार्य से संबंधित भूमि चयन प्रक्रिया पूरी कर ली गई है तथा यह दोहराया कि मेडिकल कॉलेज की स्थापना स्वास्थ्य क्षेत्र में एक नया मील का पत्थर साबित होगी और प्रदेश की चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती मिलेगी।
बैठक में सचिव स्वास्थ्य विनय शंकर पांडे ने जिलाधिकारी टिहरी को निर्देशित किया कि चयनित भूमि से संबंधित प्रस्ताव शीघ्र शासन को उपलब्ध कराया जाए, ताकि परियोजना के क्रियान्वयन की प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके।










