Rudki clash News: रुड़की (हरिद्वार): उत्तराखंड के रुड़की से एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जहाँ खुशियों के माहौल में अचानक पत्थरों की बारिश होने लगी। मामला पिरान कलियर थाना क्षेत्र के महमूदपुर गाँव का है, जहाँ डीजे बजाने जैसी छोटी सी बात पर शुरू हुआ विवाद इस कदर बढ़ा कि दो गुटों के बीच जमकर पथराव हुआ। घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल है और गाँव को पुलिस छावनी में बदल दिया गया है।
जश्न के बीच उपजा विवाद
जानकारी के अनुसार, महमूदपुर गाँव में बीती रात एक परिवार में समारोह चल रहा था। लोग डीजे की धुनों पर नाच-गा रहे थे और जश्न का माहौल था। इसी दौरान डीजे की तेज़ आवाज़ को लेकर दूसरे पक्ष ने आपत्ति जताई। देखते ही देखते मामूली कहासुनी ने गंभीर विवाद का रूप ले लिया।
हालांकि, रात के समय किसी तरह मामला शांत हो गया था, लेकिन अंदरूनी सुलग रही आग ने सुबह होते ही विकराल रूप धारण कर लिया। आज सुबह दोनों पक्ष फिर से आमने-सामने आ गए।

गाँव में ‘पत्थरों की बारिश’ और दहशत
विवाद इतना बढ़ा कि दोनों पक्षों के लोग अपनी-अपनी छतों पर चढ़ गए और एक-दूसरे पर पत्थरों से हमला करना शुरू कर दिया। गलियों से लेकर घरों की छतों तक सिर्फ पत्थर चलते नज़र आए।
- सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल: घटना के कई वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें हिंसक भीड़ को बेखौफ होकर पत्थरबाज़ी करते देखा जा सकता है।
- घायलों की स्थिति: इस जानलेवा हमले और पथराव में दोनों पक्षों के कई लोग घायल हुए हैं, जिन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुलिस की कार्रवाई: भारी बल तैनात
गाँव में बवाल की सूचना मिलते ही पिरान कलियर थाना पुलिस तुरंत हरकत में आई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आस-पास के थानों से अतिरिक्त पुलिस फोर्स मंगवाई गई। पुलिस ने मौके पर पहुँचकर उपद्रवियों को तितर-बितर किया और स्थिति को नियंत्रण में लिया।

पुलिस का बयान: प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल गाँव में एहतियात के तौर पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि दोबारा कोई हिंसा न भड़के।
जांच और शिनाख्त की प्रक्रिया
पुलिस अब वायरल वीडियो के आधार पर पत्थरबाज़ों और उपद्रवियों की शिनाख्त (Identification) कर रही है। पुलिस का कहना है कि:
- वीडियो फुटेज के जरिए मुख्य आरोपियों की पहचान की जा रही है।
- गाँव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए फ्लैग मार्च निकाला जा रहा है।
- माहौल बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं।
उत्तराखंड के रुड़की के पास महमूदपुर गाँव में डीजे पर गाना बजाने के मामूली विवाद ने दो पक्षों के बीच भीषण हिंसक रूप ले लिया। दोनों तरफ से हुए भारी पथराव, लाठी-डंडे चलने और हवाई फायरिंग की सूचना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। इस खूनी संघर्ष में कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिसके बाद एहतियातन भारी पुलिस बल तैनात कर पूरे गाँव को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। जानिए इस तनावपूर्ण घटना की पूरी विस्तृत ग्राउंड रिपोर्ट।
उत्तराखंड के हरिद्वार जनपद के अंतर्गत आने वाले रुड़की क्षेत्र से एक बेहद सनसनीखेज और कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाली खबर सामने आई है। रुड़की के नजदीकी गाँव महमूदपुर में एक मांगलिक कार्यक्रम के दौरान डीजे (DJ) पर गाना बजाने को लेकर शुरू हुआ मामूली सा विवाद देखते ही देखते एक खूनी और हिंसक संघर्ष में बदल गया। दो पक्षों के बीच हुई इस भयंकर झड़प में लाठी-डंडे, धारदार हथियार चलने और जमकर पथराव होने की सूचना है, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्थिति इतनी बेकाबू हो गई थी कि गाँव की गलियां रणक्षेत्र में बदल गईं और दोनों तरफ से जमकर पत्थरबाजी हुई। इस हिंसक वारदात में दोनों पक्षों के कई लोग गंभीर रूप से लहूलुहान और घायल हुए हैं। घटना की गंभीरता और तनाव को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने तुरंत एक्शन लिया और आस-पास के कई थानों की फोर्स को मौके पर बुलाकर पूरे गाँव को एक अभेद्य सैन्य छावनी के रूप में तब्दील कर दिया है।
घटना के संबंध में मिली प्रारंभिक और जमीनी जानकारी के अनुसार, महमूदपुर गाँव में एक परिवार के यहाँ आयोजित समारोह के दौरान देर रात डीजे पर संगीत बज रहा था। इसी दौरान वहां मौजूद कुछ युवकों के बीच मनपसंद गाना बजाने और डांस करने को लेकर कहासुनी शुरू हो गई। शुरुआती दौर में वहां मौजूद बड़े-बुजुर्गों ने हस्तक्षेप कर मामले को शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन युवकों के बीच उपजा आक्रोश भीतर ही भीतर सुलगता रहा। समारोह खत्म होने के बाद, इस मामूली विवाद ने तूल पकड़ लिया और दोनों पक्षों से भारी संख्या में लोग लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से लैस होकर आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते दोनों ओर से एक-दूसरे पर पत्थरों की बौछार शुरू हो गई। इस अंधाधुंध पथराव की चपेट में आने से कई राहगीर और घरों के बाहर खड़े वाहन भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। गाँव में इस बात की भी सुगबुगाहट है कि संघर्ष के दौरान माहौल को डराने के लिए हवाई फायरिंग भी की गई, जिसने आग में घी डालने का काम किया।
इस भीषण उपद्रव और चीख-पुकार के बीच ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए घरों के भीतर दुबक गए। स्थानीय नागरिकों द्वारा तुरंत इसकी सूचना कंट्रोल रूम और स्थानीय पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही रुड़की के पुलिस क्षेत्राधिकारी (CO) और कई थानों के प्रभारी निरीक्षक भारी पुलिस अमले और पीएसी (PAC) की टुकड़ियों के साथ तुरंत घटना स्थल पर पहुंचे। पुलिस के सायरन गूंजते ही उपद्रव मचा रहे शरारती तत्व और युवक अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। पुलिस ने सबसे पहले स्थिति को अपने नियंत्रण में लिया और जमीन पर तड़प रहे गंभीर रूप से घायल लोगों को तुरंत एम्बुलेंस के माध्यम से नजदीकी सिविल अस्पताल रुड़की भिजवाया, जहां कुछ की हालत नाजुक होने के कारण उन्हें डॉक्टरों द्वारा हायर सेंटर रेफर किए जाने की खबर है।
इस खूनी संघर्ष के बाद से महमूदपुर गाँव और उसके आस-पास के क्षेत्रों में सांप्रदायिक और सामाजिक तनाव चरम पर पहुंच गया है। किसी भी संभावित दोबारा झड़प या बदले की कार्रवाई को रोकने के लिए एसएसपी के निर्देश पर गाँव के चप्पे-चप्पे पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस की टीमें गाँव की गलियों और संवेदनशील चौराहों पर लगातार फ्लैग मार्च कर रही हैं ताकि आम जनता के भीतर सुरक्षा का भाव पैदा किया जा सके और उपद्रवियों को कड़ा संदेश दिया जा सके। पुलिस अधीक्षक ने सख्त लहजे में कहा है कि क्षेत्र की शांति व्यवस्था को भंग करने वाले किसी भी अराजक तत्व को कतई बख्शा नहीं जाएगा।
पुलिस प्रशासन ने अब इस मामले में कानून का शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। पीड़ित पक्षों की ओर से मिली तहरीर के आधार पर पुलिस ने बलवा, जानलेवा हमला, पथराव और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसी गंभीर विधिक धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस की कई खुफिया और एसओजी (SOG) की टीमें गाँव में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही हैं और वीडियो साक्ष्यों के आधार पर पत्थरबाजी करने वाले मुख्य आरोपियों को चिन्हित कर रही हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बहुत जल्द इस खूनी खेल के मुख्य साजिशकर्ताओं और हमलावरों को गिरफ्तार कर जेल की सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। प्रशासन ने ग्रामीणों से भी शांति बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने की पुरजोर अपील की है।







