हिमाचल प्रदेश में पिछले काफी समय से जारी शुष्क मौसम (Dry Spell) के बीच अब पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए खुशखबरी है। मौसम विभाग (IMD) ने ताज़ा पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने के कारण आज से राज्य के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी और निचले इलाकों में बारिश का अलर्ट जारी किया है।

बर्फबारी का पूर्वानुमान: कहाँ-कहाँ गिरेगी बर्फ?
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, आज यानी 20 दिसंबर 2024 की रात से प्रदेश के मौसम में बड़ा बदलाव आने वाला है। एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तर भारत के पहाड़ों पर हलचल शुरू हो गई है।

- लाहौल-स्पीति और किन्नौर: इन जनजातीय जिलों में बर्फबारी की सबसे अधिक संभावना (लगभग 80-95%) जताई गई है। केलांग और काजा जैसे क्षेत्रों में आज रात से बर्फबारी शुरू हो सकती है।
- कुल्लू और मनाली: मनाली के ऊपरी इलाकों जैसे अटल टनल, रोहतांग दर्रा और सोलांग वैली में हल्की से मध्यम बर्फबारी के आसार हैं।
- चंबा और कांगड़ा: चंबा के पांगी-भरमौर और कांगड़ा के धौलाधार पर्वतमाला की चोटियों पर भी सफेद फाहे गिरने का अनुमान है।
- शिमला और सिरमौर: राजधानी शिमला और सिरमौर के चूड़धार जैसे ऊंचे क्षेत्रों में भी आज बादल छाए रहेंगे और रात तक हल्की बर्फबारी या बूंदाबांदी हो सकती है।
पर्यटकों के लिए खुशखबरी और सलाह
क्रिसमस और न्यू ईयर से ठीक पहले हो रही यह बर्फबारी पर्यटन कारोबार के लिए संजीवनी साबित होगी। वर्तमान में मनाली और शिमला में भारी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं।
- रोहतांग दर्रा: पर्यटकों के लिए रोहतांग दर्रा फिलहाल 28 दिसंबर तक खुला रखा गया है, लेकिन बर्फबारी के चलते सड़कों पर फिसलन बढ़ सकती है।
- यातायात निर्देश: लाहौल-स्पीति प्रशासन ने पर्यटकों को केवल 4×4 वाहनों या चेन लगे टायरों के साथ ही ऊंचाई वाले इलाकों में जाने की सलाह दी है।

तापमान में भारी गिरावट
बर्फबारी के इस अलर्ट के साथ ही पूरे प्रदेश में ‘कोल्ड डे’ (Cold Day) जैसी स्थिति बन गई है। लाहौल के कुकुमसेरी में न्यूनतम तापमान पहले ही -4.1°C तक गिर चुका है। मैदानी इलाकों जैसे ऊना, बिलासपुर और मंडी में सुबह के समय घना कोहरा (Dense Fog) छाए रहने की संभावना है, जिससे विजिबिलिटी 50 मीटर से भी कम रह सकती है।
यदि आप इस वीकेंड हिमाचल आने का प्लान बना रहे हैं, तो यह सबसे सही समय हो सकता है। हालांकि, यात्रा पर निकलने से पहले स्थानीय मौसम बुलेटिन और सड़कों की स्थिति जरूर जांच लें। आज रात से शुरू होने वाला यह सिलसिला अगले 48 से 72 घंटों तक जारी रह सकता है।
राज्य सरकार और जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद
गौर हो कि हिमाचल प्रदेश में आज रात से शुरू होने वाली संभावित बर्फबारी को देखते हुए राज्य सरकार और जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हैं। मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव ने सभी संबंधित विभागों को ‘हाई अलर्ट’ पर रहने के निर्देश दिए हैं ताकि पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को किसी भी परेशानी का सामना न करना पड़े।
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प्रशासन द्वारा की गई प्रमुख तैयारियाँ निम्नलिखित हैं:
1. सड़कों की बहाली के लिए मशीनरी की तैनाती
- हॉटस्पॉट्स पर मशीनें: मनाली-लेह राजमार्ग, अटल टनल, शिमला के कुफरी और नारकंडा जैसे बर्फबारी वाले संवेदनशील क्षेत्रों में जेसीबी (JCB), स्नो कटर और रोबोटिक मशीनें पहले ही तैनात कर दी गई हैं।
- पीडब्ल्यूडी (PWD) अलर्ट: लोक निर्माण विभाग के 1,300 से अधिक कर्मचारी (बेलदार/मल्टी-टास्क वर्कर) फील्ड में तैनात हैं ताकि बर्फ गिरते ही उसे हटाने का काम शुरू किया जा सके।
- एंबुलेंस के लिए विशेष व्यवस्था: बर्फबारी के दौरान एंबुलेंस की आवाजाही न रुके, इसके लिए उनके टायरों पर लगाने के लिए लोहे की चेन (Chains) और अन्य उपकरण सुनिश्चित किए गए हैं।
2. बिजली और पानी की निरंतर आपूर्ति
- बिजली विभाग की टीमें: पेड़ों की शाखाओं के गिरने से बिजली की लाइनें टूटने की समस्या को देखते हुए बिजली बोर्ड की विशेष टीमें गठित की गई हैं। अस्पतालों और संचार केंद्रों को निर्बाध बिजली के लिए बैकअप जनरेटर की सुविधा दी गई है।
- पाइपलाइन की सुरक्षा: जल शक्ति विभाग को पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, विशेषकर उन क्षेत्रों में जहाँ कड़ाके की ठंड से पाइपों में पानी जमने का खतरा रहता है।
3. रसद और आपातकालीन स्टॉक
- खाद्य आपूर्ति: लाहौल-स्पीति, किन्नौर और पांगी जैसे दूरदराज के क्षेत्रों में अगले कुछ हफ्तों के लिए पर्याप्त मात्रा में राशन, रसोई गैस (LPG) और ईंधन (पेट्रोल-डीजल) का अग्रिम स्टॉक पहुँचा दिया गया है।
- दवाइयों का भंडारण: स्वास्थ्य विभाग को आपातकालीन दवाइयों और ऑक्सीजन सिलेंडर का पर्याप्त स्टॉक रखने को कहा गया है।
4. पर्यटकों की सुरक्षा के लिए विशेष जोन

- शिमला का पांच सेक्टरों में विभाजन: शिमला प्रशासन ने शहर को 5 सेक्टरों में बांटा है। प्रत्येक सेक्टर का नेतृत्व एक नोडल अधिकारी करेगा जो बर्फ हटाने और यातायात प्रबंधन की निगरानी करेगा।
- यातायात नियंत्रण: बर्फबारी के दौरान स्किडिंग (फिसलन) को रोकने के लिए सड़कों पर रेत और कैल्शियम क्लोराइड डालने की योजना बनाई गई है।
5. हेल्पलाइन और निर्देश
प्रशासन ने किसी भी आपात स्थिति के लिए आपदा प्रबंधन हेल्पलाइन नंबर 1077 जारी किया है।

प्रशासन की सलाह है कि,…
- अटल टनल और रोहतांग जैसे ऊंचे इलाकों में केवल 4×4 वाहनों को ही अनुमति दी जा सकती है।
- रात के समय अनावश्यक यात्रा से बचें, क्योंकि सड़कों पर ‘ब्लैक आइस’ (पारदर्शी बर्फ) होने से दुर्घटना का खतरा रहता है।
- ट्रैकिंग के लिए जाने वाले लोग फॉरेस्ट डिपार्टमेंट की एडवाइजरी के बिना आगे न बढ़ें।
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