Cockroach Janta Party News In Hindi: भारत में सोशल मीडिया पर एक बड़े डिजिटल आंदोलन का रूप ले चुकी ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) अब कानूनी पचड़े में फंस गई है। इस व्यंग्यात्मक राजनीतिक समूह के खिलाफ देश की सर्वोच्च अदालत (सुप्रीम कोर्ट) में एक जनहित याचिका (PIL) दाखिल की गई है। इस याचिका में मामले की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की मांग की गई है। दूसरी तरफ, पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने दावा किया है कि हैकिंग के प्रयासों के बाद आखिरकार उन्हें अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट का कंट्रोल वापस मिल गया है।
क्या है पूरा मामला और क्यों दायर हुई जनहित याचिका?
सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई जनहित याचिका में आरोप लगाया गया है कि ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ शीर्ष अदालत द्वारा की गई मौखिक टिप्पणियों का दुरुपयोग और व्यावसायिक शोषण कर रही है। याचिकाकर्ता का कहना है कि संवैधानिक कार्यवाहियों के दौरान कोर्ट रूम में इस्तेमाल किए गए शब्दों और अभिव्यक्तियों को पब्लिसिटी, डिजिटल मोबिलाइजेशन और कमर्शियल फायदों के लिए इस्तेमाल करना न्यायपालिका की गरिमा के खिलाफ है।

याचिका में यह भी दावा किया गया है कि देश में कई ऐसे लोग हैं जो फर्जी और धोखाधड़ी वाली डिग्रियों के सहारे वकालत कर रहे हैं। याचिकाकर्ता ने मांग की है कि इस पूरे मामले और फर्जी डिग्रीधारकों के नेटवर्क की स्वतंत्र जांच सीबीआई (CBI) से कराई जानी चाहिए ताकि न्यायपालिका की शुचिता बनी रहे।
मुख्य न्यायाधीश (CJI) की टिप्पणी से शुरू हुआ था विवाद
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ था जब सुप्रीम कोर्ट में वकीलों के ‘सीनियर’ पदनाम से जुड़े एक मामले की सुनवाई चल रही थी। सुनवाई के दौरान कथित तौर पर मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत द्वारा बेरोजगार युवाओं और ऑनलाइन कार्यकर्ताओं के संदर्भ में ‘कॉकरोच’ और ‘परजीवी’ (पैरासाइट्स) जैसे शब्दों का इस्तेमाल करने की बात सामने आई थी।
हालांकि, बाद में मुख्य न्यायाधीश ने इस पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा था कि उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया। उनका इरादा देश के बेरोजगार युवाओं का अपमान करना बिल्कुल नहीं था, बल्कि वे उन लोगों के बारे में बात कर रहे थे जो फर्जी और बोगस डिग्रियों के सहारे कानूनी पेशे में घुस आते हैं। लेकिन तब तक यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका था और युवाओं के बीच भारी आक्रोश फैल गया।
इंस्टाग्राम पर राजनीतिक दलों को पछाड़ा और मिला अकाउंट का एक्सेस
मुख्य न्यायाधीश की इसी टिप्पणी के विरोध में 30 वर्षीय अभिजीत दिपके ने व्यंग्य के तौर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ की शुरुआत की। अभिजीत बोस्टन यूनिवर्सिटी के छात्र हैं और पहले आम आदमी पार्टी (AAP) की सोशल मीडिया टीम से भी जुड़े रहे हैं। इस अनोखे और मजाकिया अंदाज वाले विरोध ने देश के युवाओं को इस कदर आकर्षित किया कि महज कुछ ही दिनों में इंस्टाग्राम पर इस पेज के फॉलोअर्स की संख्या 2.2 करोड़ (22 मिलियन) को पार कर गई।

फॉलोअर्स के मामले में इस डिजिटल पेज ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस जैसे देश के सबसे बड़े और पुराने राजनीतिक दलों को भी पीछे छोड़ दिया। लोकप्रियता बढ़ने के साथ ही पार्टी के एक्स (ट्विटर) अकाउंट को भारत में कानूनी मांग के बाद ब्लॉक कर दिया गया था। इसके बाद इंस्टाग्राम अकाउंट को भी हैक करने की कोशिशें की गईं। हालांकि, फाउंडर अभिजीत दिपके ने अब वीडियो जारी कर साफ किया है कि उन्हें अपने इंस्टाग्राम अकाउंट का कंट्रोल पूरी तरह वापस मिल गया है।
जमीनी स्तर पर विरोध और युवाओं का बढ़ता समर्थन
जो आंदोलन सोशल मीडिया पर मीम्स और व्यंग्य के रूप में शुरू हुआ था, वह अब जमीन पर उतर चुका है। देश के विभिन्न हिस्सों में युवा नौकरियों की कमी, नीट (NEET) पेपर लीक और महंगाई के खिलाफ ‘कॉकरोच मार्च’ निकाल रहे हैं। तमिलनाडु के मदुरै में युवाओं ने बाकायदा ‘कॉकरोच रैली’ आयोजित की, जिसमें केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। युवाओं का कहना है कि व्यवस्था उन्हें कीड़े-मकोड़ों की तरह समझती है, इसलिए वे इस नाम को गर्व से अपनाकर अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं।
तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा, कीर्ति आजाद और समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव जैसे कई बड़े राजनेताओं और प्रशांत भूषण जैसे सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी इस आंदोलन को अपना परोक्ष समर्थन दिया है।










