Dehradun News: राजधानी दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के बाहर राहुल गांधी के नेतृत्व में हुए कांग्रेस के धरना-प्रदर्शन का राजनीतिक असर अब देवभूमि उत्तराखंड में भी साफ दिखाई देने लगा है। राष्ट्रीय स्तर पर गरमाए इस राजनीतिक घटनाक्रम का असर बुधवार को देहरादून की सड़कों पर तब देखने को मिला, जब भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने एक विशाल प्रदर्शन का आयोजन किया। राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस और भाजपा के बीच जारी इस तनातनी ने प्रादेशिक राजनीति में भी भारी गर्माहट घोल दी है।
प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के नेतृत्व में विशाल कूच
देहरादून में हुए इस विरोध-प्रदर्शन का नेतृत्व भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने किया। सैकड़ों की संख्या में भाजपा नेता और कार्यकर्ता पार्टी के महानगर कार्यालय में एकत्र हुए और वहां से जुलूस के रूप में उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय की ओर कूच करने के लिए निकल पड़े। हाथों में पार्टी के झंडे और तख्तियां लिए भाजपाइयों का यह हुजूम लगातार आगे बढ़ रहा था, जिससे पूरे शहर का राजनीतिक पारा अचानक बढ़ गया।

कनक चौक पर पुलिस की कड़ी बैरिकेडिंग और नोकझोंक
भाजपा कार्यकर्ताओं के कांग्रेस भवन घेराव की योजना को नाकाम करने के लिए पुलिस-प्रशासन ने पहले से ही व्यापक सुरक्षा इंतजाम कर रखे थे। कनक चौक के पास पुलिस ने मजबूत बैरिकेड्स लगाकर पूरे इलाके को छावनी में बदल दिया था। जैसे ही भाजपाइयों का जत्था कनक चौक पहुंचा, पुलिस बल ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इस दौरान उत्तेजित कार्यकर्ताओं और पुलिसकर्मियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। जब कार्यकर्ताओं को आगे जाने का रास्ता नहीं मिला, तो वे सड़क पर ही धरने पर बैठ गए और राहुल गांधी तथा कांग्रेस शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करने लगे। इस वजह से कनक चौक के आसपास का यातायात काफी देर तक प्रभावित रहा।

राहुल गांधी और कांग्रेस नेतृत्व पर तीखे प्रहार
प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेताओं ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं पर जमकर निशाना साधा। उग्र नारेबाजी के बीच भाजपा नेताओं ने कहा कि उत्तराखंड की भाजपा इकाई कांग्रेस के स्थानीय नेताओं को यह स्पष्ट संदेश देना चाहती है कि वे अपने सर्वोच्च नेता राहुल गांधी को राजनीतिक मर्यादा और सीमाओं में रहना सिखाएं। भाजपाइयों ने राहुल गांधी मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस केवल विघटनकारी और उकसावे वाली राजनीति को बढ़ावा दे रही है।
प्रधानमंत्री सुरक्षा और अलोकतांत्रिक तरीकों पर सवाल
भाजपा नेताओं ने दिल्ली में हुए पीएम आवास घेराव को पूरी तरह से अलोकतांत्रिक और गैर-जिम्मेदाराना करार दिया। उनका कहना था कि देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद और प्रधानमंत्री के आवास का घेराव करना न केवल लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है, बल्कि इससे प्रधानमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा होता है। भाजपा के अनुसार राजनीतिक विरोध व्यक्त करने के कई वैधानिक तरीके हैं, लेकिन सुरक्षा घेरे को चुनौती देना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं किया जा सकता।

युवाओं के आंदोलन में अराजकता फैलाने का आरोप
हाल ही में सोमवार को प्रदर्शनकारी युवाओं और पुलिस प्रशासन के बीच हुई हिंसक झड़प का जिक्र करते हुए भाजपा नेताओं ने इसके लिए कांग्रेस को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया। भाजपा का आरोप है कि विपक्ष के नेता युवाओं के शांतिपूर्ण धरने में घुसकर असामाजिक तत्वों को संरक्षण दे रहे हैं और उनकी मदद से राज्य में अराजकता फैलाने का षड्यंत्र रच रहे हैं। नेताओं ने कहा कि कांग्रेस हताशा में युवाओं की आड़ लेकर माहौल खराब करना चाहती है, जिसकी भारतीय जनता पार्टी कड़ी निंदा करती है।
आगे और तीखी हो सकती है राजनीतिक जंग
देहरादून की सड़कों पर बुधवार को हुआ यह जोरदार प्रदर्शन इस बात का साफ संकेत है कि दिल्ली से शुरू हुई यह राजनीतिक रार अभी थमने वाली नहीं है। प्रधानमंत्री आवास घेराव और युवाओं के प्रदर्शन से जुड़े आरोप-प्रत्यारोप ने राज्य की राजनीति को नया मोड़ दे दिया है। एक तरफ जहां भाजपा आक्रामक रुख अपनाकर कांग्रेस को मर्यादा और सुरक्षा के मुद्दों पर घेर रही है, वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस भी बैकफुट पर जाने को तैयार नहीं दिखती। आने वाले दिनों में उत्तराखंड के राजनीतिक मंच पर यह जुबानी जंग और उग्र रूप ले सकती है।
राजनीति की गर्माहट उत्तराखंड पहुंची
प्रधानमंत्री आवास के बाहर कांग्रेस के धरना प्रदर्शन की राजनीति की गर्माहट उत्तराखंड पहुंच चुकी है । सैकड़ो की संख्या में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के नेतृत्व में उत्तराखंड कांग्रेस मुख्यालय कूच किया गया । इस दौरान भारी पुलिस बल और बैरिकेडिंग के माध्यम से भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को कांग्रेस दफ्तर पहुंचने से रोका। कूच के दौरान भाजपाइयों ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और वरिष्ठ नेताओं के मुर्दाबाद के नारे लगाएं ।

भाजपा नेताओं ने कहा कि कांग्रेस नेताओं को यह संदेश है कि वह राहुल गांधी को मर्यादा में रहना सिखाएं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अलोकतांत्रिक तरीके से प्रधानमंत्री आवास का घेराव किया है जिससे पीएम की सुरक्षा पर प्रश्नचिन्ह लगा है। वहीं सोमवार को हुई युवाओं और पुलिस के बीच झड़प का आरोप कांग्रेस के नेताओं पर लगाया गया । उन्होंने कहा कि युवाओं के धरने में घुसकर विपक्ष के नेता असामाजिक तत्वों की मदद से अराजकता फैला रहे हैं जिसकी भाजपा घोर निंदा करती है।
प्रधानमंत्री आवास पर राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस के धरने के विरोध में बुधवार को भाजपा ने देहरादून में जोरदार प्रदर्शन किया।
बड़ी संख्या में भाजपा नेता और कार्यकर्ता महानगर कार्यालय से कांग्रेस भवन की ओर कूच के लिए निकले, लेकिन पुलिस ने कनक चौक के पास बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया।
Rahul Gandhi News: पीएम आवास के बाहर जब धरने पर बैठ गए राहुल गांधी
पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद भाजपा कार्यकर्ता सड़क पर ही धरने पर बैठ गए और कांग्रेस तथा राहुल गांधी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान कुछ देर तक पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। कनक चौक क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात रहा और यातायात को भी कुछ समय के लिए प्रभावित होना पड़ा।
भाजपा का पक्ष: भाजपा नेताओं का मानना है कि प्रधानमंत्री आवास जैसे अति-सुरक्षित और संवैधानिक पद से जुड़े स्थान का घेराव करना लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ है। उनके अनुसार, विरोध दर्ज कराने के कई अन्य वैधानिक और शांतिपूर्ण तरीके हो सकते हैं।

कांग्रेस का पक्ष: दूसरी ओर, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों का अक्सर यह तर्क रहता है कि किसी भी बड़े जनहित के मुद्दे, नीति या राजनीतिक विरोध को दर्ज कराने के लिए प्रदर्शन करना उनका संवैधानिक अधिकार है।









