CM Dhami Ramnagar News: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने रामनगर दौरे के दौरान बच्चों के साथ एक बेहद भावुक और प्रेरणादायक मुलाकात की। अहाना रिसॉर्ट के हेलीपैड पर प्रोटोकॉल और सुरक्षा घेरा तोड़कर बच्चों के बीच पहुंचे सीएम धामी ने उनके साथ सेल्फी ली, समूह फोटो खिंचवाई और बच्चों को जीवन में सफलता के लिए अनुशासन व कड़ी मेहनत का संदेश दिया। जानिए इस आत्मीय संवाद और प्रशासनिक स्वागत की पूरी विस्तृत ग्राउंड रिपोर्ट।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपने सरल, सहज और डाउन-टू-अर्थ (जमीन से जुड़े) स्वभाव के लिए जाने जाते हैं। अक्सर उन्हें दौरों के दौरान प्रोटोकॉल तोड़कर आम जनता, बुजुर्गों और बच्चों के बीच बेहद आत्मीयता से मिलते हुए देखा जाता है। इसी क्रम में रविवार को रामनगर दौरे के दौरान मुख्यमंत्री का एक ऐसा ही बेहद संवेदनशील और दिल छू लेने वाला अंदाज देखने को मिला, जिसने वहां मौजूद सभी लोगों को प्रभावित किया। अपने व्यस्ततम पूर्व निर्धारित प्रशासनिक और राजनीतिक कार्यक्रमों के बीच मुख्यमंत्री ने बच्चों के साथ कुछ समय बिताया। रामनगर स्थित अहाना रिसॉर्ट के हेलीपैड पर जैसे ही मुख्यमंत्री का चौपर लैंड हुआ, वैसे ही वहां का माहौल पूरी तरह से वीआईपी संस्कृति से हटकर आत्मीयता के रंग में रंग गया। मुख्यमंत्री ने बच्चों को देखकर न केवल अपना सुरक्षा घेरा छोड़ दिया, बल्कि उनके बीच पहुंचकर उनसे एक अभिभावक की तरह खुलकर बातचीत की, जिसने बच्चों के चेहरों पर एक अनूठी मुस्कान बिखेर दी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपने तय कार्यक्रम के अनुसार हेलीकॉप्टर से रामनगर के प्रसिद्ध अहाना रिसॉर्ट के हेलीपैड पर पहुंचे थे। उनके आगमन को लेकर प्रशासनिक और शासन स्तर पर तैयारियां पूरी की गई थीं। हेलीपैड पर मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए कुमाऊं मंडल के शीर्ष अधिकारी और वरिष्ठ जनप्रतिनिधि कतारबद्ध खड़े थे। जैसे ही मुख्यमंत्री हेलीकॉप्टर से नीचे उतरे, मंडलायुक्त दीपक रावत, आईजी निवेदिता कुकरेती, नैनीताल के जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) डॉ. मंजूनाथ टीसी और मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार पांडेय ने उन्हें गुलदस्ता भेंट कर उनका विधिवत स्वागत किया। इसके साथ ही, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, विधायक राकेश नैनवाल, संजय डॉर्बी, इंदर रावत सहित भारी संख्या में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और प्रशासनिक अधिकारियों ने भी मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से अभिनंदन किया।
लेकिन इस औपचारिक और प्रशासनिक स्वागत कार्यक्रम के बीच मुख्यमंत्री धामी की नजर हेलीपैड परिसर की सुरक्षा जाली के पार उत्सुकता से खड़े बच्चों की एक बड़ी टोली पर पड़ी। बच्चे मुख्यमंत्री की एक झलक पाने के लिए सुबह से ही वहां बड़ी संख्या में एकत्र थे। बच्चों के चेहरों पर उत्साह और मासूमियत देखकर मुख्यमंत्री स्वयं को रोक नहीं पाए। उन्होंने तुरंत सुरक्षा अधिकारियों को पीछे हटने का इशारा किया और भारी-भरकम सुरक्षा घेरे तथा कड़े प्रोटोकॉल को पूरी तरह छोड़ते हुए सीधे बच्चों के बीच पहुंच गए। मुख्यमंत्री को अचानक अपने बिल्कुल करीब पाकर बच्चों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। मुख्यमंत्री ने बच्चों के पास जाकर उनके कंधे पर हाथ रखा और बेहद आत्मीयता के साथ उनका हालचाल पूछा। इस दौरान बच्चों के भीतर का संकोच भी पूरी तरह गायब हो गया और उन्होंने मुख्यमंत्री के साथ अपने मोबाइल फोन से जमकर सेल्फी ली। मुख्यमंत्री ने भी पूरे धैर्य के साथ सभी बच्चों के साथ व्यक्तिगत रूप से और सामूहिक रूप से मुस्कुराते हुए तस्वीरें खिंचवाईं।
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बच्चों से संवाद को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उनसे उनकी स्कूली शिक्षा, पसंदीदा विषयों, खेलकूद की रुचियों और भविष्य में वे क्या बनना चाहते हैं, इस पर बेहद विस्तार से और खुलकर चर्चा की। उन्होंने एक शिक्षक और बड़े भाई की भूमिका निभाते हुए बच्चों को जीवन में बड़ी सफलता हासिल करने के व्यावहारिक गुरु सिखाए। मुख्यमंत्री ने बच्चों से कहा कि बचपन जीवन का सबसे अमूल्य समय होता है, जहां आप जो सपने देखते हैं, उन्हें हकीकत में बदलने की नींव रखी जाती है। उन्होंने प्रेरित करते हुए कहा कि जीवन में किसी भी मंजिल या मुकाम को हासिल करना नामुमकिन नहीं है, बशर्ते आपके पास एक स्पष्ट लक्ष्य हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर छात्र जीवन से ही स्पष्ट लक्ष्य, लगातार की जाने वाली कड़ी मेहनत और सांगठनिक अनुशासन को अपने जीवन का हिस्सा बना लिया जाए, तो दुनिया की कोई भी चुनौती आपको आगे बढ़ने से नहीं रोक सकती।
अपने इस प्रेरक संवाद के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने बच्चों को केवल अकादमिक सफलता तक सीमित नहीं रहने की सलाह दी, बल्कि उन्हें एक बेहतर और संवेदनशील इंसान बनने का संदेश भी दिया। उन्होंने बच्चों से आह्वान किया कि वे हमेशा सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ें, क्योंकि एक सकारात्मक दिमाग ही बड़ी से बड़ी निराशा को भी उम्मीद में बदल सकता है। उन्होंने बच्चों को सीख दी कि वे मन लगाकर पढ़ाई करने के साथ-साथ अपने माता-पिता, गुरुजनों और समाज के बुजुर्गों का हमेशा दिल से सम्मान करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी संस्कृति में बड़ों का आशीर्वाद ही सबसे बड़ी ताकत होता है। इसके साथ ही उन्होंने बच्चों को देश और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का अहसास कराते हुए कहा कि आने वाले समय में आपको इस महान देश का एक जिम्मेदार और जागरूक नागरिक बनना है, जो राष्ट्र निर्माण में अपना सक्रिय योगदान दे सके।
मुख्यमंत्री के इस बेहद अनौपचारिक, प्रेरक और स्नेहपूर्ण संदेश से वहां मौजूद सभी बच्चे और उनके अभिभावक अत्यधिक उत्साहित और गर्वित नजर आए। बच्चों के लिए सूबे के मुखिया से इस तरह सीधे मिलना और इतनी प्रेरणादायक बातें सुनना एक ऐसा यादगार और ऐतिहासिक पल बन गया, जिसे उन्होंने अपने मोबाइल कैमरों के साथ-साथ अपने जीवन की सुनहरी यादों में हमेशा के लिए कैद कर लिया। वहां मौजूद वरिष्ठ अधिकारियों और स्थानीय जनता ने भी मुख्यमंत्री के इस बाल-सुलभ और संवेदनशील व्यवहार की भूरी-भूरी प्रशंसा की। लोगों का कहना था कि मुख्यमंत्री का यह रूप यह साबित करता है कि वे वास्तव में जनता के मुख्यमंत्री हैं, जो हर वर्ग के साथ पूरी सहजता से जुड़ना जानते हैं। बच्चों से मुलाकात का यह खुशनुमा सिलसिला काफी देर तक चला, जिसके बाद मुख्यमंत्री अपने आगे के राजनीतिक और विकास संबंधी कार्यक्रमों के लिए रिसॉर्ट के मुख्य परिसर की ओर रवाना हुए।
रामनगर में सीएम धामी का बच्चों से आत्मीय संवाद: सुरक्षा घेरा छोड़ अहाना रिसॉर्ट हेलीपैड पर बच्चों के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री, ने जहां बच्चों के साथ सेल्फी ली वहीं सफलता का मंत्र दिया।







