Bihar New CM Samrat Chaudhary Oath News In Hindi: पटना: बिहार की सियासत में दशकों से चल रहा ‘नीतीश युग’ अब एक नए मोड़ पर आकर रुक गया है। 15 अप्रैल 2026 का दिन बिहार के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज होगा, क्योंकि आज भाजपा के कद्दावर नेता और प्रमुख ओबीसी चेहरा सम्राट चौधरी बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। यह पहली बार है जब भारतीय जनता पार्टी का कोई नेता बिहार की सत्ता की कमान सीधे तौर पर संभालेगा।
कौन हैं सम्राट चौधरी? (Who is Samrat Choudhary)
सम्राट चौधरी का जन्म 16 नवंबर 1968 को बिहार के मुंगेर जिले के लखनपुर गांव में हुआ था। वह एक राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले परिवार से आते हैं। उनके पिता शकुनी चौधरी बिहार की राजनीति के दिग्गज स्तंभ रहे हैं, जो सात बार विधायक और सांसद रह चुके हैं। उनकी माता पार्वती देवी भी तारापुर निर्वाचन क्षेत्र से विधायक रह चुकी हैं। सम्राट चौधरी अपनी आक्रामक राजनीति और संगठनात्मक कौशल के लिए जाने जाते हैं।

प्रारंभिक जीवन और शिक्षा (Samrat Choudhary Education)
सम्राट चौधरी ने अपनी प्राथमिक शिक्षा अपने पैतृक गांव से पूरी की और बाद में मदुरै कामराज विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा प्राप्त की। उनके पास डॉक्टर की उपाधि (Doctorate) भी है। राजनीति उन्हें विरासत में मिली थी, और उन्होंने बहुत ही कम उम्र में सार्वजनिक जीवन में कदम रख दिया था।
राजनीतिक करियर: उतार-चढ़ाव भरा सफर (Samrat Choudhary Political life)
सम्राट चौधरी का राजनीतिक सफर किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत 1990 में की थी।
- आरजेडी (RJD) से शुरुआत: सम्राट चौधरी ने अपनी राजनीति का ‘ककहरा’ लालू प्रसाद यादव की पाठशाला में सीखा। 1999 में राबड़ी देवी की सरकार में वे सबसे कम उम्र के मंत्रियों में से एक (कृषि मंत्री) बने।
- जेडीयू (JD-U) का सफर: बाद में वे नीतीश कुमार के साथ हो गए। 2014 में उन्होंने शहरी विकास और आवास विभाग के मंत्री के रूप में कार्य किया।
- भाजपा (BJP) में उदय: 2018 में सम्राट चौधरी भाजपा में शामिल हुए। भाजपा में आने के बाद उनका कद तेजी से बढ़ा। पार्टी ने उन्हें प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया और बाद में 2023 में बिहार भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया।
- उपमुख्यमंत्री से मुख्यमंत्री तक: जनवरी 2024 में जब नीतीश कुमार एनडीए में वापस आए, तब सम्राट चौधरी को बिहार का उपमुख्यमंत्री बनाया गया। अब, अप्रैल 2026 में नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने और इस्तीफे के बाद, भाजपा ने उन्हें राज्य की कमान सौंपने का फैसला किया है।
क्यों खास हैं सम्राट चौधरी?
सम्राट चौधरी बिहार के कुशवाहा (कोइरी) समुदाय से आते हैं, जिसकी राज्य में अच्छी-खासी आबादी है। उन्हें एक ‘फाइटर’ नेता माना जाता है। आपको याद होगा कि उन्होंने सिर पर मुरैठा (पगड़ी) बांधने की कसम खाई थी कि जब तक नीतीश कुमार को सत्ता से बाहर नहीं कर देंगे, तब तक पगड़ी नहीं खोलेंगे। हालांकि, बाद में गठबंधन के चलते उन्होंने अपनी प्रतिज्ञा में बदलाव किया, लेकिन उनका यह तेवर समर्थकों के बीच काफी लोकप्रिय रहा।
भाजपा के लिए यह ऐतिहासिक क्यों है?
आजादी के बाद से बिहार में भाजपा हमेशा ‘छोटे भाई’ या सहयोगी की भूमिका में रही है। सम्राट चौधरी का मुख्यमंत्री बनना इस बात का संकेत है कि अब भाजपा बिहार में अपनी स्वतंत्र पहचान और पूर्ण नेतृत्व के साथ आगे बढ़ना चाहती है। 2025 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के सबसे बड़े दल के रूप में उभरने के बाद से ही यह मांग उठ रही थी कि मुख्यमंत्री भाजपा का होना चाहिए।
सड़क परिवहन, राजमार्ग मंत्री नितिन गड़करी ने रखा विकास परियोजनाओं का ब्यौरा
बिहार के लिए सम्राट चौधरी करेंगे नई दिशा तय
सम्राट चौधरी के सामने अब बिहार के विकास, कानून व्यवस्था और रोजगार जैसी बड़ी चुनौतियां हैं। आज होने वाला शपथ ग्रहण समारोह न केवल एक व्यक्ति का राज्याभिषेक है, बल्कि बिहार में एक नई राजनीतिक विचारधारा के उदय का प्रतीक भी है। पूरा बिहार आज राजभवन की ओर देख रहा है, जहाँ से राज्य की नई दिशा तय होगी।
(For more news apart from Who Bihar New CM Samrat Chaudhary Oath News in hindi, stay tuned to Mdano News In Hindi)












