Assembly Election Results 2026 News: सोमवार का दिन भारतीय राजनीति के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ साबित हुआ। पांच राज्यों—पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी—के विधानसभा चुनाव परिणामों ने देश का राजनीतिक नक्शा बदल कर रख दिया है। जहां पश्चिम बंगाल में दशकों का इंतजार खत्म हुआ और भाजपा ने पहली बार सत्ता की दहलीज पार की, वहीं तमिलनाडु में दक्षिण भारतीय सिनेमा के दिग्गज विजय की पार्टी ‘तमिलगा वेत्री कड़गम’ (TVK) ने सबसे बड़ी पार्टी बनकर सबको चौंका दिया।
पश्चिम बंगाल: ममता का किला ढहा, पहली बार भाजपा सरकार
बंगाल के चुनावी नतीजों ने इस बार राजनीतिक पंडितों के सभी समीकरणों को ध्वस्त कर दिया। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC), जिसने 2021 में 215 सीटें जीती थीं, इस बार बहुमत के आंकड़े (148) से काफी नीचे सिमट गई।

- प्रमुख अपडेट: नंदीग्राम सीट पर सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को एक बार फिर कड़े मुकाबले में मात दी।
- सीटों का गणित: भाजपा ने पूर्ण बहुमत हासिल करते हुए राज्य में पहली बार अपनी सरकार बनाने का रास्ता साफ किया। हालांकि, कांग्रेस और वामदलों ने भी शून्य के आंकड़े से बाहर निकलते हुए मुर्शिदाबाद जैसे इलाकों में अपनी वापसी दर्ज कराई है।
तमिलनाडु: सुपरस्टार विजय की पार्टी का जबरदस्त आगाज
तमिलनाडु में सत्ता का समीकरण पूरी तरह बदल गया है। मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन की DMK को बड़ा झटका लगा है। अभिनेता विजय की नवगठित पार्टी TVK ने 234 में से 108 सीटें जीतकर राज्य की सबसे बड़ी पार्टी होने का गौरव प्राप्त किया।

- बड़ा उलटफेर: थिरुप्पाथुर सीट पर TVK के प्रत्याशी श्रीनिवास सेतुपति ने DMK उम्मीदवार को महज 1 वोट के अंतर से हराकर इतिहास रच दिया।
- विपक्ष की स्थिति: AIADMK तीसरे नंबर पर खिसक गई है, लेकिन उसने कुछ क्षेत्रों में अपनी पैठ बचाए रखी है।
केरल: ‘लाल किला’ दरका, ‘हाथ’ को मिला सहारा
केरल के इतिहास में हर पांच साल में सरकार बदलने की परंपरा फिर से जीवित हो गई। पिनाराई विजयन के नेतृत्व वाली LDF सरकार अपनी सत्ता बचाने में नाकाम रही।
- अपडेट: कांग्रेस के नेतृत्व वाले UDF ने भारी बहुमत के साथ राज्य में वापसी की है।
- सीटों का उदाहरण: पिनाराई विजयन ने खुद अपनी सीट (धर्मदम) तो बचा ली, लेकिन उनकी पार्टी दहाई के आंकड़ों में सिमट गई। वायनाड और तिरुवनंतपुरम जैसे जिलों में कांग्रेस ने क्लीन स्वीप किया।
असम और पुडुचेरी: एनडीए का ‘हैट्रिक’ और वर्चस्व
पूर्वोत्तर के प्रवेश द्वार असम में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में NDA ने लगातार तीसरी बार सत्ता हासिल कर इतिहास रच दिया।
असम अपडेट: भाजपा और उसकी सहयोगी पार्टियों (AGP और BPF) ने 126 सीटों वाली विधानसभा में दो-तिहाई बहुमत की ओर कदम बढ़ाए हैं। हिमंत बिस्वा सरमा ने जालुकबारी सीट से रिकॉर्ड मतों से जीत दर्ज की।

पुडुचेरी: केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में भी NDA गठबंधन ने अपनी सत्ता बरकरार रखी है। यहां ऑल इंडिया एनआर कांग्रेस और भाजपा के गठबंधन ने बहुमत का जादुई आंकड़ा आसानी से पार कर लिया।
प्रमुख आंकड़े और अपडेट (टेबल)
| राज्य | कुल सीटें | बहुमत | विजेता (गठबंधन) | मुख्य पार्टी |
| पश्चिम बंगाल | 294 | 148 | NDA | भाजपा |
| तमिलनाडु | 234 | 118 | त्रिशंकु (TVK सबसे बड़ी पार्टी) | TVK (108 सीटें) |
| केरल | 140 | 71 | UDF | कांग्रेस |
| असम | 126 | 64 | NDA | भाजपा |
| पुडुचेरी | 30 | 16 | NDA | AINRC-BJP |
राष्ट्रीय राजनीति पर प्रभाव
इन नतीजों ने विपक्ष के ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन को बड़ा झटका दिया है, खासकर बंगाल और तमिलनाडु जैसे मजबूत गढ़ों के ढहने से ममता बनर्जी और स्टालिन की राष्ट्रीय भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं। वहीं भाजपा ने दक्षिण और पूर्वोत्तर में अपनी पकड़ मजबूत कर 2029 के लोकसभा चुनावों के लिए मनोवैज्ञानिक बढ़त हासिल कर ली है।













