Uttarakhand CM Dhami News: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गहरा असंतोष व्यक्त किया। मुख्यमंत्री घोषणाओं की प्रगति जानने के लिए बुलाई गई इस बैठक में जब कुछ अधिकारी बिना उचित तैयारी और तथ्यों के पहुँचे, तो मुख्यमंत्री ने उन्हें कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने दो-टूक शब्दों में कहा कि शासन स्तर पर किसी भी प्रकार की शिथिलता या अधूरी जानकारी के साथ बैठक में आना स्वीकार्य नहीं होगा।

15 जून की समयसीमा: अब टालमटोल नहीं
मुख्यमंत्री ने विकास कार्यों की गति को तेज करने के लिए 15 जून 2026 की अंतिम समयसीमा (Deadline) निर्धारित की है। उन्होंने सभी सचिवों को कड़े निर्देश दिए हैं कि:

- जितनी भी लंबित घोषणाएं हैं, उन सभी के शासनादेश (GO) 15 जून तक अनिवार्य रूप से जारी कर दिए जाएं।
- जिन योजनाओं के शासनादेश पहले ही जारी हो चुके हैं, उन पर धरातल पर तत्काल कार्य शुरू किया जाए।
- मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि विभागों के बीच आपसी समन्वय की कमी के कारण यदि कोई फाइल रुकती है, तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।
अल्मोड़ा जनपद की विधानसभाओं की विस्तृत समीक्षा
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से अल्मोड़ा जिले की चार महत्वपूर्ण विधानसभाओं की प्रगति रिपोर्ट जांची:
- सोमेश्वर विधानसभा: यहाँ की कुल 90 घोषणाओं पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने चिकित्सा-स्वास्थ्य, शिक्षा और सिंचाई से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता पर रखने को कहा।
- सल्ट विधानसभा: यहाँ की 69 घोषणाओं की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने धर्मस्व, ग्राम्य विकास और पर्यटन से जुड़े कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
- जागेश्वर विधानसभा: यहाँ की 48 घोषणाओं पर चर्चा करते हुए सीएम ने कहा कि जागेश्वर धार्मिक पर्यटन का केंद्र है, अतः यहाँ की पेयजल और संस्कृति विभाग की योजनाओं को जल्द पूरा किया जाए।
- रानीखेत विधानसभा: यहाँ की 33 घोषणाओं की समीक्षा के दौरान खेल और आधारभूत सुविधाओं के विकास पर बल दिया गया।
शिलापट्ट न लगाने पर जताई नाराजगी
मुख्यमंत्री ने एक और गंभीर मुद्दे पर ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर काम तो शुरू हो गया है, लेकिन वहां योजना के अनुरूप शिलापट्ट (Inauguration Plaque) नहीं लगाए गए हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि कार्यस्थल पर शिलापट्ट तुरंत लगाए जाएं, अन्यथा संबंधित जिलाधिकारी (DM) इसके लिए जिम्मेदार होंगे।

जिला स्तर पर ही सुलझें मामले
मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासनों को निर्देश दिया कि वे छोटे-छोटे विषयों को शासन स्तर पर न भेजें। जो समस्याएं जिला स्तर पर हल हो सकती हैं, उनका निराकरण वहीं किया जाए ताकि सचिवालय स्तर पर अनावश्यक फाइलों का बोझ न बढ़े। उन्होंने सचिवों को निर्देश दिया कि 15 जून से पहले एक बार पुनः सभी घोषणाओं की सघन समीक्षा बैठक आयोजित की जाए।
“जनता से किया वादा सर्वोच्च प्राथमिकता”
मुख्यमंत्री धामी ने दोहराया कि राज्य सरकार प्रदेश के दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों तक विकास पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि मुख्यमंत्री घोषणाएं सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं और जनता से किए गए वादों को समय पर पूरा करना ही सुशासन की असली पहचान है।









