बदरीनाथ कपाट खुलने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
भगवान बद्री विशाल के कपाट खुलने की प्रक्रिया आज से शुरू हो गई है। आज प्रथम चरण में बद्रीनाथ धाम के शीतकालीन गद्दी स्थल पांडुकेश्वर में पूजा अर्चना व भोग लगाने के पश्चात गाड़ू घड़ा तेल कलश को टिहरी राज दरबार नरेंद्र नगर के लिए रवाना किया गया। जहां पर बसंत पंचमी के पर्व पर बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने तथा तेल पिरोने का मुहूर्त निकाला जाएगा।
भगवान बद्री विशाल के विग्रह पर प्रतिदिन मला जाने वाला तिलो के तेल कलश व शंख की आज योग ध्यान मंदिर पांडुकेश्वर में पूजा अर्चना की गई तथा भोग लगाने के पश्चात तेल कलश को टिहरी राज दरबार नरेंद्र नगर के लिए प्रस्थान किया गया। इस तेल कलश में सवा पांच किलो तिल का तेल रखा जाता है। जो प्रतिदिन भगवान बद्री विशाल के विग्रह पर कपाट खुलने से लेकर कपाट बंद होने तक मला जाता है। तिलों का तेल टिहरी राज दरबार की रानी तथा दरबार से जुडी सुहागिन महिलाओं द्वारा पिरोया जाता है।

आज तेल कल पांडुकेश्वर से रवाना होकर ज्योर्तिमठ नरसिंह मंदिर पहुंचा । और वहां से डिमर गांव के लिए रवाना हुआ । आज रात्रि विश्राम के बाद कल तेल कलश ऋषिकेश के लिए रवाना होगा । 23 जनवरी को बसंत पंचमी के अवसर पर सुबह राज दरबार पहुंचेगा। जहां पर तेल कलश को राजा के सुपर्द किया जाएगा । इसी दिन कपाट खुलने का मुहूर्त भी निकाला जाएगा।
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