पिथौरागढ़, उत्तराखंड के सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में गुलदार (तेंदुए) का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा घटना मंगलवार देर शाम की है, जहाँ जिला मुख्यालय के समीपवर्ती जीबी गांव में एक आदमखोर प्रवृत्ति के तेंदुए ने घर के आंगन में खेल रहे 10 वर्षीय मासूम बालक पर जानलेवा हमला कर दिया। तेंदुआ बच्चे को अपने जबड़े में दबाकर जंगल की ओर ले जाने लगा, लेकिन ग्रामीणों के अदम्य साहस और सामूहिक शोर के कारण बच्चे की जान चमत्कारिक रूप से बच गई।
आंगन से मासूम का अपहरण: कैसे घटी घटना?
मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार की शाम करीब 7:00 बजे जीबी गांव निवासी मान सिंह का 10 वर्षीय पुत्र प्रकाश बिष्ट अपने घर के आंगन में खेल रहा था। इसी दौरान, अंधेरे का फायदा उठाकर झाड़ियों में घात लगाए बैठे तेंदुए ने अचानक प्रकाश पर हमला कर दिया। इससे पहले कि बच्चा कुछ समझ पाता, तेंदुए ने उसे गर्दन और सिर के पास से दबोच लिया और उसे घसीटते हुए पास के घने जंगल की ओर ले जाने लगा।
ग्रामीणों का साहस: ‘मौत’ का पीछा कर बचाया जीवन
बच्चे की चीख और अफरा-तफरी की आवाज सुनकर परिजन और आसपास के ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर बाहर दौड़ पड़े। ग्रामीणों ने बिना डरे शोर मचाते हुए तेंदुए का पीछा करना शुरू कर दिया। ग्रामीणों की भारी भीड़ और उनके शोर से तेंदुआ घबरा गया। घर से कुछ ही दूरी पर घने अंधेरे के बीच तेंदुआ प्रकाश को लहूलुहान हालत में छोड़कर जंगल की ओर भाग खड़ा हुआ।

गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती
ग्रामीण तुरंत घायल प्रकाश को लेकर पिथौरागढ़ जिला अस्पताल पहुंचे। आपातकालीन वार्ड में तैनात डॉक्टर अमन आलम ने बताया कि तेंदुए के हमले से बच्चे के सिर, चेहरे और हाथों पर गहरे घाव हुए हैं। तेंदुए के दांतों के निशान सिर की हड्डी के पास तक पाए गए हैं। फिलहाल बच्चे का प्राथमिक उपचार कर उसे सर्जिकल वार्ड में चिकित्सकीय निगरानी (Observation) में रखा गया है। डॉक्टरों के अनुसार, समय पर अस्पताल लाए जाने के कारण उसकी स्थिति अब स्थिर है।

कौन है घायल प्रकाश बिष्ट?
घायल बालक प्रकाश बिष्ट मूल रूप से नेपाल के बैतड़ी जिले का निवासी है। उसके पिता मान सिंह पिथौरागढ़ में मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। प्रकाश वर्तमान में पिथौरागढ़ की सातशिलिंग प्राथमिक पाठशाला में तीसरी कक्षा का छात्र है। इस घटना के बाद से परिवार गहरे सदमे में है।
पिथौरागढ़ में ‘गुलदार’ का बढ़ता ग्राफ (पिछले कुछ दिनों का घटनाक्रम)
पिथौरागढ़ जिले में पिछले एक सप्ताह से वन्यजीवों का आतंक चरम पर है।
- खड़कोट की घटना: मात्र दो दिन पहले, नगर के खड़कोट वार्ड में एक तेंदुआ घुस आया था, जिसे 3 घंटे के रेस्क्यू के बाद ट्रेंकुलाइज किया गया।
- बडौली गांव: पिछले महीने बडौली और आसपास के क्षेत्रों में तेंदुए ने कई पालतू जानवरों को अपना निवाला बनाया था।
| दिनांक | स्थान | घटना | स्थिति |
| 18 जनवरी | खड़कोट वार्ड | आबादी में घुसा तेंदुआ | ट्रेंकुलाइज कर पकड़ा गया |
| 20 जनवरी | जीबी गांव | 10 वर्षीय बच्चे पर हमला | बच्चा घायल, अस्पताल में भर्ती |
| दिसंबर-जनवरी | बडौली/सिमलगैर | पशुओं पर हमले | दहशत जारी |
वन विभाग की कार्रवाई और गश्त
घटना की सूचना मिलते ही वन दरोगा कैलाश ग्वासीकोटी, वन बीट अधिकारी किरन नगरकोटी और मनोज ज्याला ने जिला अस्पताल पहुंचकर घायल बच्चे का हाल जाना। डीएफओ आशुतोष सिंह ने बताया कि जीबी गांव और सातशिलिंग के आसपास के क्षेत्रों में वन विभाग की टीम को हाई अलर्ट पर रखा गया है। वन कर्मियों की एक टीम रात भर प्रभावित क्षेत्र में गश्त (Patrolling) कर रही है ताकि तेंदुए की लोकेशन ट्रैक की जा सके।

ग्रामीणों की मांग: “हमें पिंजरा चाहिए”
जीबी गांव के ग्रामीणों ने वन विभाग के प्रति भारी आक्रोश व्यक्त किया है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में कई दिनों से तेंदुए की आवाजाही देखी जा रही थी, लेकिन विभाग ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। उन्होंने मांग की है कि प्रभावित गांव में तुरंत लोहे का पिंजरा लगाया जाए और इस आदमखोर तेंदुए को पकड़ा जाए, अन्यथा वे उग्र आंदोलन करेंगे।













