India US Tariff Framework News In Hindi: वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार, 7 फरवरी 2026 को नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए भारत-अमेरिका के बीच हुए अंतरिम व्यापार समझौते (Interim Trade Agreement) की बारीकियों को साझा किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका ने भारत पर लगाए गए 25% अतिरिक्त टैरिफ को तुरंत हटा दिया है, और कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अब भारतीय निर्यात पर शून्य (0%) शुल्क लगेगा।
कृषि क्षेत्र के लिए ‘गेम चेंजर’ साबित होगा समझौता
पीयूष गोयल ने कहा कि इस समझौते का सबसे बड़ा लाभ देश के अन्नदाताओं को मिलने वाला है। अब भारत के कई कृषि उत्पाद बिना किसी टैक्स के अमेरिकी बाजारों में बिक सकेंगे। उन्होंने उन उत्पादों की सूची भी साझा की जिन्हें जीरो ड्यूटी (Zero Duty) का लाभ मिलेगा:
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- मसाले और पेय पदार्थ: चाय, कॉफी और विभिन्न प्रकार के मसाले।
- फल और सब्जियां: आम, केला, अमरूद, पपीता, अनानास, कीवी, एवोकाडो और मशरूम।
- अन्य उत्पाद: नारियल तेल, कोपरा, कोको उत्पाद, तिल, खसखस और बेकरी आइटम।
मंत्री ने आश्वासन दिया कि सरकार ने भारत के संवेदनशील कृषि उत्पादों (जैसे चावल, गेहूं, मक्का, चीनी, सोयाबीन और डेयरी उत्पाद) को इस समझौते से बाहर रखा है ताकि घरेलू किसानों के हितों पर कोई आंच न आए।
मछुआरों और तटीय अर्थव्यवस्था को मजबूती
इस डील से भारत के विशाल मत्स्य पालन क्षेत्र (Fisheries Sector) को भी नई ऊर्जा मिलेगी। पीयूष गोयल के अनुसार, समुद्री उत्पादों के निर्यात पर शुल्क कम होने से मछुआरों को उनके उत्पादों का बेहतर मूल्य मिलेगा। अमेरिका जैसे उच्च-क्रय क्षमता वाले बाजार में भारतीय सीफूड की मांग बढ़ने से तटीय राज्यों की अर्थव्यवस्था को सीधा लाभ पहुंचेगा।

30 ट्रिलियन डॉलर का विशाल बाजार और रोजगार के अवसर
वाणिज्य मंत्री ने जोर देकर कहा कि अमेरिका की 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था अब भारतीय निर्यातकों, विशेषकर MSMEs (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) के लिए पूरी तरह खुल गई है।
“यह समझौता न केवल हमारे व्यापार घाटे को कम करेगा, बल्कि देश की महिलाओं और युवाओं के लिए लाखों नए रोजगार के अवसर भी पैदा करेगा। यह ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर है।” – पीयूष गोयल

दवाइयों और रत्नों पर भी बड़ी राहत
कृषि के अलावा, भारत का फार्मास्युटिकल (दवा) उद्योग भी इस समझौते का बड़ा लाभार्थी है। लगभग 13 अरब डॉलर मूल्य के भारतीय जेनेरिक ड्रग्स और दवा उत्पाद अब अमेरिका में शून्य शुल्क पर बेचे जा सकेंगे। इसके साथ ही रत्न एवं आभूषण (Gems and Jewellery) क्षेत्र को भी टैक्स-फ्री एक्सेस दिया गया है, जिससे ‘मेक इन इंडिया’ उत्पादों की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी।
प्रमुख टैरिफ कटौती की रूपरेखा
| श्रेणी | पूर्व टैरिफ (अनुमानित) | नया टैरिफ/स्थिति |
| कृषि उत्पाद (चयनित) | 25% – 50% | 0% (जीरो ड्यूटी) |
| दवाइयां और जेनेरिक ड्रग्स | अतिरिक्त टैरिफ लागू | 0% (जीरो ड्यूटी) |
| स्मार्टफोन्स | लागू शुल्क | 0% (जीरो ड्यूटी) |
| टेक्सटाइल और लेदर | 50% (रेसिप्रोकल) | 18% (प्रस्तावित) |
भारत-अमेरिका के बीच यह अंतरिम समझौता दोनों देशों के बीच बढ़ते भरोसे और रणनीतिक साझेदारी का प्रतीक है। पीयूष गोयल ने इस बात पर जोर दिया कि भारत ने अपनी ‘रेड लाइन्स’ (जैसे कि GM फूड का आयात न करना) से समझौता किए बिना यह ऐतिहासिक डील हासिल की है। इससे न केवल निर्यात बढ़ेगा, बल्कि भारतीय किसानों और उद्यमियों को वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाने का नया मंच मिलेगा।

7 फरवरी 2026 से आधिकारिक रूप से समाप्त कर दिया गया
भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक संबंधों में आज एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा भारत पर लगाए गए 25% अतिरिक्त ‘दंडात्मक’ टैरिफ को आज, 7 फरवरी 2026 से आधिकारिक रूप से समाप्त कर दिया गया है। इस बड़े घटनाक्रम पर केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे भारतीय अर्थव्यवस्था, विशेषकर किसानों और मछुआरों के लिए ‘स्वर्ण युग’ की शुरुआत बताया है।










