Uttarakhand News: लोकतांत्रिक व्यवस्था की सबसे बड़ी शक्ति जनता की भागीदारी में निहित होती है, और इस भागीदारी का सबसे पहला तथा अनिवार्य माध्यम नागरिक का मतदाता सूची में पंजीकृत होना है। भारत निर्वाचन आयोग के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के क्रम में संचालित विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के पूरा होने के बाद अब उन भारतीय नागरिकों को नामावली से जोड़ने की कवायद शुरू हो गई है जो किसी भी कारणवश पूर्व में अपना नाम दर्ज कराने से चूक गए थे। इस महत्वपूर्ण कार्य को पूरी पारदर्शिता, समयबद्धता और निष्पक्षता के साथ धरातल पर उतारने के उद्देश्य से कलेक्ट्रेट परिसर स्थित ऋषिपर्णा सभागार में जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ0 आशीष चौहान की अध्यक्षता में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई।

बैठक के दौरान जिला निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि संविधान प्रत्येक उस नागरिक को मताधिकार का अधिकार देता है जो पात्रता की श्रेणी में आता है, इसलिए प्रशासनिक तंत्र का यह परम दायित्व है कि कोई भी वास्तविक एवं पात्र नागरिक मतदाता बनने से वंचित न रहे। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए जिले भर में एक सुव्यवस्थित और चरणबद्ध कार्ययोजना तैयार की गई है। इस अभियान के पहले चरण में 8 अक्टूबर से 10 अक्टूबर तक लगातार तीन दिनों तक जिले के सभी मतदान केंद्रों पर विशेष शिविर लगाए जाएंगे, जहां बूथ लेवल अधिकारी उपस्थित रहकर नागरिकों से आवेदन प्राप्त करेंगे और उन्हें आवश्यक मार्गदर्शन देंगे। इसके ठीक बाद दूसरे चरण में 12 अक्टूबर से 20 अक्टूबर तक बूथ लेवल अधिकारी स्वयं प्रत्येक क्षेत्र में घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करेंगे, ताकि जो लोग किन्हीं कारणों से बूथ तक नहीं पहुंच पाए हैं, उन्हें भी नियमानुसार मतदाता सूची में शामिल किया जा सके।

जिलाधिकारी ने इस पूरे अभियान को पारदर्शी और सुदृढ़ बनाने के लिए सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी अपने स्तर पर सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ समन्वय बैठकें करें, ताकि पूरी प्रक्रिया में सभी पक्षों का विश्वास बना रहे और किसी भी प्रकार की शंका या भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो। इसके साथ ही मैदानी स्तर पर काम करने वाले बीएलओ को उनकी जिम्मेदारियों, विधिक प्रक्रियाओं तथा निर्धारित समय-सीमा के बारे में स्पष्ट जानकारी दी जाए, ताकि फॉर्म-6 के जरिए प्राप्त होने वाले नए आवेदनों की जांच पूरी गंभीरता और नियमों के दायरे में की जा सके। प्रशासन का मूल लक्ष्य केवल नए नाम जोड़ना ही नहीं, बल्कि संपूर्ण मतदाता सूची को त्रुटिरहित, अद्यतन और प्रामाणिक बनाना है।
इस सघन अभियान की सफलता सुनिश्चित करने के लिए निगरानी व्यवस्था को चाक-चौबंद किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया है कि बूथ स्तर से लेकर घर-घर सत्यापन तक प्रत्येक गतिविधि की दैनिक आधार पर प्रगति समीक्षा की जाए। किसी भी क्षेत्र या वर्ग के नागरिकों की उपेक्षा न हो, इसके लिए क्षेत्रवार निगरानी दल गठित किए जाएंगे जो प्रतिदिन प्राप्त होने वाले आवेदनों और सत्यापन की गति का मूल्यांकन करेंगे। समय-सीमा का कड़ाई से पालन करना सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए अनिवार्य किया गया है, ताकि निर्धारित अवधि के भीतर संपूर्ण डाटा का संकलन और डिजिटलीकरण सुगमता से संपन्न हो सके।
ऋषिपर्णा सभागार में आयोजित इस महत्वपूर्ण संवाद बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह तथा सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी नरेन्द्र देवली प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। इसके अलावा लोकतंत्र की इस साझी प्रक्रिया में राजनीतिक संतुलन और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए विभिन्न दलों के प्रतिनिधि भी सम्मिलित हुए, जिनमें कांग्रेस से जसविन्दर सिंह गोगी व सनील जायसवाल, सीपीआई(एम) से अनंत आकाश तथा आम आदमी पार्टी से कमल राणा ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाने पर अपने विचार रखे। जिले के समस्त निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एवं अन्य चुनाव संबंधी अधिकारी तकनीकी माध्यम से इस बैठक से जुड़े रहे और उन्होंने अभियान को सफल बनाने के लिए जारी किए गए निर्देशों को आत्मसात किया।

प्रशासन की इस संगठित और चरणबद्ध पहल से यह स्पष्ट होता है कि चुनावी प्रक्रिया की शुचिता और समावेशन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। बूथ स्तर पर लगने वाले शिविरों और उसके बाद घर-घर सत्यापन की व्यवस्था से उन युवाओं, महिलाओं तथा वरिष्ठ नागरिकों को सबसे अधिक सुविधा मिलेगी जो औपचारिक प्रक्रियाओं की जानकारी के अभाव में अब तक अपने मताधिकार से दूर थे। संपूर्ण प्रशासनिक अमला अब इस प्रयास में जुट गया है कि तय समय-सीमा के भीतर जिले का प्रत्येक पात्र नागरिक गर्व के साथ मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करा सके और लोकतंत्र के महापर्व में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित कर सके।
हाल ही में संपन्न हुए विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद भी यदि कोई योग्य नागरिक मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने से वंचित रह गया है, तो उसे दोबारा अवसर देने के लिए प्रशासन पूरी संवेदनशीलता और सक्रियता के साथ मैदान में उतर रहा है। कलेक्ट्रेट स्थित ऋषिपर्णा सभागार में जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. आशीष चौहान की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक में इस पूरी कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया गया। बैठक में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ खुली चर्चा हुई, जिससे प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनी रहे।
प्रशासन द्वारा तैयार किए गए कार्यक्रम के अनुसार यह अभियान दो प्रमुख चरणों में संचालित होगा। पहला चरण आठ से दस अक्टूबर तक बूथ स्तर पर केंद्रित रहेगा। इन तीन दिनों के दौरान सभी मतदान केंद्रों पर संबंधित अधिकारी मौजूद रहेंगे, जहां नागरिक सीधे पहुंचकर अपना दावा प्रस्तुत कर सकते हैं और फॉर्म छह भरकर आवेदन जमा कर सकते हैं। इसके बाद बारह से बीस अक्टूबर तक दूसरा चरण चलेगा, जिसमें बूथ लेवल अधिकारी प्रत्येक क्षेत्र में घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन करेंगे। इस दोहरी व्यवस्था का सीधा लाभ उन नागरिकों को मिलेगा जो किसी कारणवश बूथ तक नहीं पहुंच पाते।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पूरी प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में राजनीतिक दलों के साथ समन्वय बैठकें करें और बीएलओ को उनके दायित्वों से भली-भांति अवगत कराएं। जमीनी स्तर पर काम कर रहे कर्मियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि नए वयस्क हुए युवाओं, नवविवाहित महिलाओं और हाल ही में स्थानांतरित होकर आए परिवारों का नाम प्राथमिकता से सूची में शामिल हो।

अभियान की सफलता के लिए प्रतिदिन की प्रगति रिपोर्ट तैयार की जाएगी। प्राप्त सभी आवेदनों और फॉर्म छह की समयबद्ध जांच होगी ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति तकनीकी या प्रशासनिक कारणों से छूट न जाए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी नरेंद्र देवली सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे, जबकि अन्य क्षेत्रीय अधिकारी डिजिटल माध्यम से जुड़े। प्रशासन की इस सक्रियता और राजनीतिक दलों के सहयोग से यह उम्मीद बंधी है कि आगामी चुनावों से पूर्व मतदाता सूची पूरी तरह त्रुटिरहित, अद्यतन और समावेशी बनकर तैयार होगी।
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