Uttarakhand CM Dhami News: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य सेवाओं, पर्यटन, पेयजल और धार्मिक स्थलों के कायाकल्प के लिए लगभग ₹99 करोड़ की भारी-भरकम वित्तीय राशि को स्वीकृति प्रदान की है। इस फैसले के तहत राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण की महत्वाकांक्षी गोल्डन कार्ड योजना के सुचारू संचालन और बकाया भुगतानों को चुकता करने के लिए अकेले ₹75 करोड़ जारी किए गए हैं। इसके अतिरिक्त रामनगर ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक ऑटोमेशन, ऋषिकेश चौरासी कुटिया बीटल्स स्ट्रीट प्रोजेक्ट, बहादराबाद फायर स्टेशन और चम्पावत पूर्णागिरि मार्ग पर स्ट्रीट लाइट जैसी दर्जनों विकास परियोजनाओं को प्रशासनिक मंजूरी मिली है। जानिए उत्तराखंड विकास बजट 2026 की पूरी जमीनी ग्राउंड रिपोर्ट।
देवभूमि में बुनियादी ढांचे के विकास को मिली नई बजटीय उड़ान
उत्तराखंड में जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने और प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों तक अत्याधुनिक सुविधाएं पहुंचाने के लिए धामी सरकार ने अपने खजाने का दरवाजा पूरी तरह खोल दिया है। राज्य में बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर), स्वास्थ्य प्रबंधन, सड़क-परिवहन सुरक्षा, बिजली-पानी की व्यवस्था तथा पौराणिक धार्मिक स्थलों के सौंदर्यीकरण को रफ्तार देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने करीब ₹99 करोड़ की महत्वपूर्ण वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृतियां प्रदान की हैं। सरकार के इस बड़े फैसले से मैदानी जिलों के साथ-साथ पर्वतीय जनपदों जैसे चम्पावत, पिथौरागढ़, चमोली, रुद्रप्रयाग और पौड़ी गढ़वाल के दूरदराज के क्षेत्रों में विकास कार्यों को एक नई संजीवनी मिलेगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि सभी स्वीकृत परियोजनाओं की पहली किस्त तुरंत जारी कर निर्माण कार्यों को उच्च गुणवत्ता और पूर्ण पारदर्शिता के साथ निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए।
स्वास्थ्य सेवाओं पर सबसे बड़ा दांव: गोल्डन कार्ड के लिए ₹75 करोड़ जारी
धामी सरकार ने अपने इस नए बजट आवंटन में सबसे बड़ा और संवेदनशील हिस्सा राज्य के स्वास्थ्य तंत्र को मजबूत करने और सरकारी कर्मचारियों व आम नागरिकों को कैशलेस इलाज की सुविधा देने पर केंद्रित किया है। मुख्यमंत्री ने ‘राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण’ (State Health Authority) के तहत संचालित होने वाली अति-महत्वाकांक्षी ‘गोल्डन कार्ड योजना’ (Golden Card Scheme) के निर्बाध और सुचारू संचालन के लिए अकेले ₹75 करोड़ की भारी-भरकम धनराशि को एकमुश्त स्वीकृति प्रदान की है। इस स्वीकृत राशि का उपयोग योजना से जुड़े सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों के लंबित देयकों (एरियर भुगतानों) का निपटारा करने के लिए किया जाएगा। अस्पतालों को समय पर पैसा मिलने से राज्य के लाखों कर्मचारियों, पेंशनरों और आम कार्डधारकों को इलाज के दौरान अस्पतालों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे और उन्हें हर छोटे-बड़े एम्पैनल्ड अस्पताल में समय पर निशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण इलाज मिलना सुनिश्चित हो सकेगा।
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हाइटेक ड्राइविंग ट्रैक, अत्याधुनिक फायर स्टेशन और एसटीपी प्लांट को हरी झंडी
स्वास्थ्य के साथ-साथ राज्य में परिवहन और जन-सुरक्षा के बुनियादी मानकों को सुधारने के लिए भी बड़ी राशि मंजूर की गई है। कुमाऊं के प्रवेश द्वार रामनगर में सड़क हादसों पर लगाम लगाने और वैज्ञानिक तरीके से ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने के लिए ‘ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक’ के ऑटोमेशन कार्य हेतु ₹3.68 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं। वहीं औद्योगिक क्षेत्र की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हरिद्वार जनपद के बहादराबाद स्थित औद्योगिक क्षेत्र में एक अत्याधुनिक फायर स्टेशन (अग्निशमन केंद्र) की स्थापना के लिए ₹9.45 करोड़ मंजूर किए गए हैं, जिससे किसी भी औद्योगिक दुर्घटना या आपात स्थिति में तुरंत दमकल सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी। इसके अलावा, राजधानी देहरादून के धौरणखास क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए 150 केएलडी (KLD) क्षमता के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) और साइट डेवलपमेंट के लिए ₹2.73 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति दी गई है। वित्तीय प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए रुद्रप्रयाग जिला कोषागार भवन के जीर्णोद्धार, अनुरक्षण और आधुनिक विद्युतीकरण कार्यों के लिए ₹38.06 लाख की राशि जारी की गई है।
मां पूर्णागिरि धाम, बीटल्स स्ट्रीट और सीमांत क्षेत्रों के कायाकल्प की योजना
पर्यटन और धार्मिक आस्था के केंद्रों को नया रूप देने के लिए मुख्यमंत्री ने कई अनोखी योजनाओं को बजट आवंटित किया है। चम्पावत जिले के प्रसिद्ध सिद्धपीठ ककराली-टनकपुर से मां पूर्णागिरि धाम तक जाने वाले मुख्य यात्रा मार्ग को रात के समय सुरक्षित और रोशन बनाने के लिए सोल्डर स्ट्रीट लाइट लगाने हेतु ₹5 करोड़ की कुल परियोजना स्वीकृत की गई है, जिसकी पहली किस्त के रूप में ₹2 करोड़ तुरंत जारी करने के आदेश दिए गए हैं। इसके अलावा, विश्वप्रसिद्ध तीर्थनगरी ऋषिकेश-यमकेश्वर संभाग में ऐतिहासिक जानकी पुल से चौरासी कुटिया (महर्षि महेश योगी आश्रम) तक जाने वाले मुख्य संपर्क मार्ग को वैश्विक पर्यटन के नक्शे के अनुरूप ‘बीटल्स स्ट्रीट’ (Beatles Street) के रूप में विकसित करने के लिए ₹85.74 लाख मंजूर किए गए हैं।
सीमांत जनपदों की बात करें तो पिथौरागढ़ के डीडीहाट स्थित लोहारगांव संपर्क मार्ग, धारचूला में सुप्रसिद्ध नंदा देवी मंदिर से खोली बन तक जाने वाले सुरक्षित पैदल मार्ग के निर्माण और लोहाघाट के पौराणिक शिव मंदिर परिसर के आध्यात्मिक सौंदर्यीकरण के लिए भी विशेष वित्तीय स्वीकृतियां प्रदान की गई हैं।
ओपन जिम, बुग्यालों में विश्राम गृह और ग्रामीण बिजली सब-स्टेशन
ग्रामीण क्षेत्रों में युवाओं के शारीरिक स्वास्थ्य और पर्यटकों की सुविधा के लिए भी कई महत्वपूर्ण काम स्वीकृत हुए हैं। चम्पावत स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय लटौली परिसर में छात्रों व युवाओं के लिए आधुनिक ‘ओपन जिम’ के निर्माण हेतु ₹99.44 लाख की भारी राशि स्वीकृत की गई है। इसके साथ ही, पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भीमताल के ओखलकांडा स्थित मनोरम कैडाकोट बुग्याल और धारी तहसील के मौनीबाग आश्रम में दूर-दराज से आने वाले तीर्थयात्रियों व पर्यटकों के विश्राम हेतु आधुनिक धर्मशालाओं और यात्री विश्राम गृहों के निर्माण को हरी झंडी दिखाई गई है।
दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में लो-वोल्टेज और बिजली कटौती की समस्या से हमेशा के लिए निजात दिलाने के लिए बागेश्वर जिले के कपकोट स्थित सरयू वैली और प्रसिद्ध शामा क्षेत्र में नए हाई-कैपेसिटी विद्युत सब-स्टेशन की स्थापना के लिए ₹5 करोड़ का भारी बजट मंजूर किया गया है। साथ ही मां पूर्णागिरि धाम के पास स्थित सेलागाड़ गांव के आंतरिक रास्तों को सुगम और कीचड़-मुक्त बनाने के लिए इंटरलॉकिंग टाइल्स बिछाने के निर्माण कार्य को भी प्रशासनिक स्वीकृति मिल गई है।
ग्रामीण रास्तों को जोड़ने के लिए पुल और मोटर मार्गों की पहली किस्त जारी
पहाड़ों के सुदूरवर्ती गांवों को मुख्यधारा और अस्पतालों से जोड़ने के लिए सड़कों तथा पैदल पुलों के निर्माण में कोई वित्तीय रुकावट न आए, इसके लिए ‘ग्रामीण निर्माण विभाग’ (RDD) को विभिन्न परियोजनाओं की पहली किस्त के रूप में ₹1.37 करोड़ की धनराशि तुरंत जारी करने का अनुमोदन दिया गया है। इस वित्तीय पैकेज के तहत चमोली जिले के गोखमल्ला गांव में उफनते गधेरे पर नई पैदल पुलिया का निर्माण कराया जाएगा, जबकि पर्यटन और स्थानीय आवागमन की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण देवाल-मुंदोली-वाण-भराण मोटर मार्ग के व्यापक सुधारीकरण और डामरीकरण का काम शुरू होगा। इसके अतिरिक्त, पौड़ी गढ़वाल के यमकेश्वर ब्लॉक में सतेड़ (खासन) नदी पर एक मजबूत और आधुनिक स्टील ट्रस पैदल पुल के निर्माण के लिए राशि जारी कर दी गई है, जिससे मानसून के दौरान दर्जनों गांवों का संपर्क कटने से बचेगा और ग्रामीणों की आवाजाही हर मौसम में सुरक्षित रहेगी।









