ताजा खबरें क्राइम लाइफस्टाइल मौसम खेल बॉलीवुड हॉलीवुड जॉब - एजुकेशन स्वास्थ्य राज्य देश विदेश राशिफल लाइफ - साइंस धर्म अन्य

---Advertisement---

Uttarakhand News: स्किल डेवलपमेंट से युवाओं को मिलेगा ग्लोबल मंच

On: October 3, 2026 5:15 PM
Follow Us:
Uttarakhand News: स्किल डेवलपमेंट से युवाओं को मिलेगा ग्लोबल मंच
---Advertisement---

Uttarakhand News: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में युवाओं को बदलते वैश्विक परिवेश और आधुनिक औद्योगिक मांग के अनुरूप कुशल बनाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने एक बड़ा और ठोस कदम उठाया है। अब समय केवल पारंपरिक डिप्लोमा और सर्टिफिकेट बांटने का नहीं, बल्कि युवाओं के हाथों में वह व्यावहारिक हुनर सौंपने का है जिसकी मांग न केवल उत्तराखंड के स्थानीय उद्योगों में है, बल्कि सात समंदर पार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी तेजी से बढ़ रही है। इसी विजन को धरातल पर उतारने के लिए कलक्ट्रेट सभागार में जिला कौशल विकास योजना की एक बेहद महत्वपूर्ण और उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता देहरादून के जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने की।

image 10
Photo- uttarakhand Skill Development meeting

बैठक का मुख्य ध्येय यह सुनिश्चित करना रहा कि पहाड़ और तराई के युवाओं की प्रतिभा को सही दिशा देकर उन्हें सीधे स्थानीय उद्योगों, बहुराष्ट्रीय कंपनियों और विदेशी रोजगार के अवसरों से कैसे जोड़ा जाए। बैठक की शुरुआत में ही जिला सेवायोजन विभाग की ओर से साझा किए गए आंकड़ों ने यह साबित कर दिया कि यदि युवाओं को सटीक और लक्षित प्रशिक्षण दिया जाए, तो वे दुनिया के किसी भी कोने में अपनी योग्यता का परचम लहरा सकते हैं। जिला सेवायोजन अधिकारी ने समीक्षा के दौरान जानकारी दी कि प्रशासन और सेवायोजन विभाग द्वारा संचालित विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रमों के सकारात्मक और उत्साहजनक परिणाम सामने आए हैं। हाल ही के अभियानों के माध्यम से देहरादून और आसपास के क्षेत्रों के कुल 126 युवाओं ने विभिन्न देशों में सीधे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित रोजगार हासिल किया है।

image 11
Photo- uttarakhand Skill Development meeting

इस वैश्विक चयन का विवरण साझा करते हुए बताया गया कि स्वास्थ्य सेवा और बुजुर्गों की देखभाल के क्षेत्र में सबसे बड़ी सफलता मिली है, जहां 75 कुशल युवाओं का चयन जापान के प्रतिष्ठित स्वास्थ्य संस्थानों में केयर गिवर के रूप में हुआ है। जापान जैसे विकसित देश में जहां कार्यसंस्कृति और स्वास्थ्य मानकों को अत्यंत कड़ाई से परखा जाता है, वहां उत्तराखंड के युवाओं की इस बड़ी संख्या में नियुक्ति उनकी दक्षता और प्रशिक्षण की उच्च गुणवत्ता का प्रत्यक्ष प्रमाण है। इसके साथ ही चिकित्सा के क्षेत्र में एक प्रतिभावान युवा ने यूरोपीय मानकों पर खरा उतरते हुए जर्मनी के नर्सिंग सेक्टर में अपनी जगह बनाई है। वहीं लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन के तेजी से उभरते क्षेत्र में वेयरहाउस प्रबंधन के लिए 30 युवाओं को सऊदी अरब की प्रतिष्ठित कंपनियों में नियुक्ति पत्र मिला है। शेष युवाओं को भी अन्य वैश्विक क्षेत्रों में रोजगार के बेहतरीन अवसर प्राप्त हुए हैं।

image 12
Photo- uttarakhand Skill Development meeting

यह आंकड़ा इस बात का स्पष्ट संकेत है कि उत्तराखंड का युवा अब भौगोलिक सीमाओं को लांघकर अंतरराष्ट्रीय कार्यबल का एक सशक्त हिस्सा बन रहा है। समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने इन उपलब्धियों की सराहना की, लेकिन साथ ही अधिकारियों को चेताया कि यह केवल एक शुरुआत है और इसे एक व्यापक अभियान का रूप देना होगा। उन्होंने प्रशासनिक और तकनीकी तंत्र को स्पष्ट निर्देश दिए कि अब युवाओं को बरसों पुराने, घिसे-पिटे और परंपरागत पाठ्यक्रमों के दायरे में कैद रखने का दौर खत्म होना चाहिए। आज का उद्योग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, ऑटोमेशन, डेटा एनालिटिक्स और ग्रीन एनर्जी जैसी अत्याधुनिक तकनीकों के इर्द-गिर्द घूम रहा है। ऐसे में हमारे युवाओं को स्टार्टअप संस्कृति, नवाचार और नए जमाने की उभरती तकनीकों के लिए मानसिक और व्यावहारिक रूप से तैयार किया जाना अनिवार्य है।

उन्होंने कहा कि युवाओं में उद्यमशीलता की भावना जागृत करनी होगी ताकि वे केवल नौकरी तलाशने वाले न बनें, बल्कि भविष्य में स्थानीय स्तर पर नए रोजगार सृजित करने में भी सक्षम हो सकें। स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए द्वार खोलने के लिए जिलाधिकारी ने सिडकुल (स्टेट इंफ्रास्ट्रक्चर एंड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन ऑफ उत्तराखंड लिमिटेड) और उद्योग विभाग के बीच बेहतर तालमेल पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि अक्सर यह देखा जाता है कि उद्योगों को जिस तरह के कुशल मानव संसाधन की आवश्यकता होती है, वह स्थानीय स्तर पर उपलब्ध नहीं हो पाता, जिसके चलते स्थानीय युवाओं को उपेक्षित रहना पड़ता है। इस खाई को पाटने के लिए सिडकुल और उद्योग विभाग नियमित रूप से संयुक्त कार्यशालाओं का आयोजन करें। इन कार्यशालाओं में औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों के साथ सीधा संवाद स्थापित किया जाए और उनसे उनकी भावी जरूरतों, तकनीकी आवश्यकताओं और कार्यबल की मांग का वास्तविक आकलन लिया जाए।

image 13
Photo- uttarakhand Skill Development meeting

उद्योगों की इसी मांग को ध्यान में रखते हुए जिले के सभी राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों यानी आईटीआई में चल रहे पाठ्यक्रमों की व्यापक समीक्षा करने के आदेश दिए गए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा कि आईटीआई के उन पाठ्यक्रमों को तुरंत बंद या संशोधित किया जाए जिनकी बाजार में अब कोई प्रासंगिकता या मांग नहीं बची है। उनकी जगह आधुनिक तकनीकी उद्योग की जरूरत के अनुसार नए और व्यावहारिक ट्रेड शुरू किए जाएं, ताकि आईटीआई से पास आउट होने वाले छात्र को किसी अतिरिक्त प्रशिक्षण के बिना सीधे उद्योगों में काम मिल सके। संस्थानों के भौतिक और शैक्षणिक ढांचे को आधुनिक बनाने के संदर्भ में बैठक में ‘पीएम सेतु योजना’ के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी विस्तृत विमर्श हुआ।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि इस योजना के अंतर्गत जिले के सभी सरकारी आईटीआई और राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थानों (एनएसटीआई) के बुनियादी ढांचे का पूरी तरह से आधुनिकीकरण किया जाए। उन्होंने कहा कि पुरानी और खराब मशीनों पर अभ्यास करके कोई भी छात्र आज के डिजिटल दौर की फैक्ट्रियों में काम नहीं कर सकता। इसलिए इन संस्थानों में विश्वस्तरीय और आधुनिक मशीनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि छात्रों को व्यावहारिक और हैंड्स-ऑन अनुभव मिल सके। इसके साथ ही उन्होंने इस बात पर भी विशेष जोर दिया कि प्रशिक्षण संस्थानों की चारदीवारी से बाहर निकलकर औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र यानी इकोसिस्टम का वास्तविक अनुभव लेना छात्रों के लिए अनिवार्य किया जाए।

image 14
Photo- uttarakhand Skill Development meeting

इसके लिए औद्योगिक घरानों के साथ एमओयू किए जाएं, छात्रों को नियमित रूप से फैक्ट्रियों में इंटर्नशिप और ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग के लिए भेजा जाए और वरिष्ठ उद्योग विशेषज्ञों को गेस्ट लेक्चर के लिए आमंत्रित किया जाए। इससे छात्रों को न केवल मशीनों का ज्ञान होगा, बल्कि उनका प्रोफेशनल नेटवर्क भी मजबूत होगा, जो उन्हें भविष्य में करियर के बेहतर अवसर तलाशने में मदद करेगा। इस पूरी समीक्षा बैठक ने यह स्पष्ट कर दिया कि देहरादून जिला प्रशासन अब केवल कागजी लक्ष्यों तक सीमित न रहकर युवाओं के कौशल संवर्धन को एक मिशन मोड में लेकर आगे बढ़ रहा है, जिसका सीधा असर आने वाले दिनों में स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय रोजगार परिदृश्य पर दिखाई देगा।

CM Helpline: सीएम हेल्पलाइन की 36 से 180 दिन तक लंबित शिकायतों पर डीएम देहरादून सख्त

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment