Ranveer Singh Don 3 controversy News In Hindi: साल 2023 में जब एक्सेल एंटरटेनमेंट (Excel Entertainment) ने एक धमाकेदार टीज़र के साथ रणवीर सिंह को नया ‘डॉन‘ घोषित किया था, तब सोशल मीडिया पर मिला-जुला रिस्पॉन्स देखने को मिला था। अमिताभ बच्चन और शाहरुख खान की विरासत को आगे बढ़ाना रणवीर के लिए एक बड़ी चुनौती थी। लेकिन, शूटिंग शुरू होने से ठीक पहले चीजें पूरी तरह बिगड़ गईं।
इंडस्ट्री के अंदरूनी सूत्रों और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रणवीर सिंह फिल्म की स्क्रिप्ट (Script) में लगातार हो रही देरी और प्रोडक्शन के टलने से नाखुश थे। इसी बीच कुछ ऐसी खबरें भी आईं कि रणवीर की पीठ पीछे एक्सेल एंटरटेनमेंट अन्य कास्टिंग विकल्पों (Alternative Casting) पर भी विचार कर रहा था। अपनी हालिया फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ (Dhurandhar: The Revenge) की सफलता के बाद, रणवीर ने आधिकारिक तौर पर इस प्रोजेक्ट से अपने हाथ पीछे खींच लिए। लेकिन फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी के लिए यह फैसला किसी बड़े झटके से कम नहीं था, क्योंकि शूटिंग शुरू होने में महज कुछ ही दिन बचे थे।
₹45 करोड़ का नुकसान: मेकर्स ने खटखटाया फेडरेशन का दरवाजा
रणवीर सिंह के अचानक फिल्म से वॉकआउट (Walkout) करने के बाद निर्माता फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी ने दावा किया कि उन्हें भारी वित्तीय नुकसान हुआ है। अप्रैल 2026 में एक्सेल एंटरटेनमेंट ने इस मामले की शिकायत पहले ‘इफ्ता’ (IFTDA) और फिर फिल्म कर्मचारियों की सबसे बड़ी संस्था FWICE में दर्ज कराई।

निर्माताओं का आरोप है कि उन्होंने ‘डॉन 3’ के प्री-प्रोडक्शन (Pre-production) पर करीब ₹45 करोड़ खर्च कर दिए थे। इस खर्च में शामिल थे:
- लोकेशन रेकी (Location Recce): विदेशों और देश के विभिन्न हिस्सों में शूटिंग लोकेशंस फाइनल करने का खर्च।
- कर्मचारियों की बुकिंग: 200 से अधिक क्रू मेंबर्स, तकनीशियनों और स्पॉट बॉयज के लिए एडवांस इंटरनेशनल ट्रैवल और होटल बुकिंग।
- सेट डिजाइनिंग और प्री-विजुअलाइजेशन: फिल्म के हाई-ऑक्टेन एक्शन सीन्स के लिए की गई एडवांस तैयारियां।
मेकर्स का तर्क है कि इतने उन्नत स्तर (Advanced Stage) पर आकर किसी मुख्य अभिनेता का अचानक हट जाना पूरी फिल्म को अधर में लटका देता है और प्रोड्यूसर को दिवालिया होने की कगार पर ला खड़ा करता है। इसलिए उन्होंने रणवीर सिंह से इस ₹45 करोड़ की पूरी भरपाई (Reimbursement) करने की मांग की है।
FWICE का कड़ा रुख: रणवीर सिंह पर क्यों लगा बैन?
FWICE के मुख्य सलाहकार अशोक पंडित (Ashoke Pandit) ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर अभिनेता पर लगाए गए बैन की वजह साफ की। उन्होंने बताया कि फेडरेशन ने रणवीर सिंह को अपना पक्ष रखने के लिए हर 10 दिन के अंतराल पर तीन आधिकारिक नोटिस भेजे थे, लेकिन अभिनेता की तरफ से कोई जवाब नहीं आया।

अशोक पंडित ने कड़े शब्दों में कहा:
“कोई भी सुपरस्टार कानून और फिल्म इंडस्ट्री की व्यवस्था से बड़ा नहीं है। जब फेडरेशन आपको चर्चा के लिए बुलाता है, तो आप उसे नजरअंदाज नहीं कर सकते। जब तक रणवीर सिंह व्यक्तिगत रूप से हमसे मिलकर इस मुद्दे को नहीं सुलझाते, तब तक भारत का कोई भी तकनीशियन, स्पॉट बॉय, वैनिटी वैन सप्लायर या क्रू मेंबर उनके साथ काम नहीं करेगा।”
फेडरेशन का मानना है कि शूटिंग से महज 10 दिन पहले प्रोजेक्ट छोड़ना एक बेहद गलत ट्रेंड (Worrying Trend) सेट करता है, जिससे न केवल निर्माताओं का पैसा डूबता है, बल्कि सेट पर काम करने वाले सैकड़ों दिहाड़ी मजदूरों की आजीविका भी छिन जाती है।
रणवीर सिंह की टीम का पलटवार: “यह फेडरेशन का अधिकार क्षेत्र नहीं”
जैसे ही FWICE ने प्रेस कॉन्फ्रेंस और बैन की घोषणा की, रणवीर सिंह की कानूनी टीम और पीआर (PR) टीम तुरंत सक्रिय हो गई। रणवीर सिंह की ओर से फेडरेशन को एक ईमेल भेजा गया, जिसमें साफ कहा गया कि यह दो व्यावसायिक पक्षों के बीच का कॉन्ट्रैक्ट (Contractual Issue) मामला है और FWICE इस पर हस्तक्षेप करने का ‘उचित मंच’ (Appropriate Forum) नहीं है।
इसके बाद रणवीर सिंह के प्रवक्ता ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा:
“रणवीर सिंह फिल्म बिरादरी और ‘डॉन’ फ्रैंचाइज़ी से जुड़े हर व्यक्ति का सर्वोच्च सम्मान करते हैं। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान उन्होंने गरिमा, परिपक्वता और आपसी सम्मान बनाए रखने के लिए जानबूझकर चुप्पी साधे रखी है। वह सार्वजनिक रूप से अटकलों पर प्रतिक्रिया देना जरूरी नहीं समझते। उनका पूरा ध्यान अपने आने वाले काम और कमिटमेंट्स पर है।”
प्रवक्ता ने यह भी स्पष्ट किया कि पेशेवर चर्चाओं और व्यक्तिगत समीकरणों को अदालतों या सही कानूनी मंचों पर सुलझाया जाना चाहिए, न कि ट्रेड यूनियनों के जरिए।
बॉलीवुड में बंटी राय: संजय गुप्ता ने फेडरेशन के फैसले पर उठाए सवाल
रणवीर सिंह पर लगे इस बैन के बाद पूरी फिल्म इंडस्ट्री दो धड़ों में बंट गई है। मशहूर फिल्म निर्देशक संजय गुप्ता (Sanjay Gupta) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर FWICE के इस कदम की तार्किकता पर बड़ा सवाल खड़ा किया है।
संजय गुप्ता ने लिखा:
“जब कोई ए-लिस्ट हीरो शूटिंग करता है, तो सेट पर 300 से अधिक कर्मचारी काम कर रहे होते हैं। उसे बैन करके आप उसे नहीं रोक रहे हैं, बल्कि उन सैकड़ों गरीब श्रमिकों को उनकी आजीविका से वंचित कर रहे हैं। इस बात का आखिर क्या मतलब बनता है???”
निश्चित रूप से यह विवाद अब केवल दो बड़े कलाकारों की ईगो (Ego) की लड़ाई नहीं रह गया है, बल्कि यह बॉलीवुड के कॉन्ट्रैक्ट कानूनों, स्टार्स की मनमानी और निर्माताओं की सुरक्षा से जुड़ा एक बड़ा मुद्दा बन चुका है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या रणवीर सिंह झुककर फेडरेशन से बात करते हैं या यह मामला सीधे कोर्ट की चौखट पर पहुंचता है।











