Kedarnath Temple Opening 2026 News In Hindi रुद्रप्रयाग, उत्तराखंड। हिमालय की गोद में स्थित द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक, भगवान शिव के ग्यारहवें ज्योतिर्लिंग श्री केदारनाथ धाम के कपाट आज यानी 22 अप्रैल 2026 को पूरे विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए हैं। सुबह ठीक 8:00 बजे शुभ वृष लग्न में मंदिर के मुख्य द्वार खोले गए, जिससे पूरा केदारनाथ धाम ‘हर-हर महादेव’ और ‘जय बाबा केदार’ के जयघोष से गुंजायमान हो उठा।

सेना ने की पुष्पवर्षा, भक्तिमय हुआ वातावरण
इस ऐतिहासिक क्षण को और भी भव्य बनाने के लिए भारतीय सेना के हेलीकॉप्टरों द्वारा मंदिर परिसर और वहां मौजूद हजारों श्रद्धालुओं पर पुष्पवर्षा की गई। जैसे ही मंदिर के विशाल कपाट खुले, आसमान से गिरती फूलों की पंखुड़ियों ने वातावरण को अलौकिक और दिव्य बना दिया। कपाट खुलने के समय लगभग 20 हजार से अधिक श्रद्धालु धाम में मौजूद थे, जो कड़ाके की ठंड के बावजूद घंटों पहले से कतारों में खड़े होकर बाबा की एक झलक पाने का इंतजार कर रहे थे।
CM धामी ने की PM मोदी के नाम की पहली पूजा
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कपाट खुलने के साक्षी बने। उन्होंने मुख्य पुजारी और तीर्थ पुरोहितों के साथ मंदिर के भीतर प्रवेश किया। परंपरा के अनुसार, धाम के कपाट खुलने के बाद पहली पूजा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से संपन्न की गई। मुख्यमंत्री धामी ने लोक-कल्याण और राष्ट्र की समृद्धि की कामना करते हुए बाबा केदार का अभिषेक किया।
मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा:
“आज का दिन हमारे लिए सौभाग्य का विषय है। बाबा केदार के आशीर्वाद से उत्तराखंड और पूरे देश में सुख-शांति बनी रहे। प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में केदारपुरी का पुनर्निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है, जिसका फल आज भक्तों को एक भव्य और सुव्यवस्थित धाम के रूप में मिल रहा है।”
दिव्य सजावट और सुरक्षा के कड़े इंतजाम
केदारनाथ मंदिर को लगभग 20 क्विंटल फूलों से भव्य तरीके से सजाया गया था। कपाट खुलने से पूर्व ऊखीमठ के ओंकारेश्वर मंदिर से आई बाबा की उत्सव डोली को मंदिर परिसर में लाया गया, जिसकी अगवानी स्वयं मुख्यमंत्री और बद्री-केदार मंदिर समिति (BKTC) के पदाधिकारियों ने की।

सुरक्षा और सुविधा की दृष्टि से प्रशासन ने इस बार कड़े इंतजाम किए हैं:
- पंजीकरण: दर्शन के लिए आने वाले हर यात्री के लिए अनिवार्य पंजीकरण प्रणाली लागू की गई है।
- स्वास्थ्य सुविधाएं: ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ऑक्सीजन की कमी को देखते हुए स्वास्थ्य शिविरों की संख्या बढ़ाई गई है।
- स्वच्छता: प्लास्टिक मुक्त यात्रा के लिए विशेष टीमें तैनात की गई हैं।
6 महीने बाद जागी केदारपुरी
सर्दियों के 6 महीनों के दौरान भारी बर्फबारी के कारण मंदिर के कपाट बंद रहते हैं और बाबा की पूजा शीतकालीन गद्दीस्थल ऊखीमठ में होती है। आज कपाट खुलने के साथ ही केदारघाटी में व्यापारिक और धार्मिक गतिविधियों की रौनक वापस लौट आई है। मंदिर के कपाट खुलने के साथ ही अखंड ज्योति के दर्शन करने के लिए भी श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।
चारधाम यात्रा का आगाज
यमुनोत्री और गंगोत्री के कपाट पहले ही खुल चुके हैं, और केदारनाथ के बाद अब आगामी दिनों में बद्रीनाथ धाम के कपाट भी खोल दिए जाएंगे। इस वर्ष रिकॉर्ड तोड़ संख्या में तीर्थयात्रियों के आने की संभावना जताई जा रही है, जिसके लिए उत्तराखंड सरकार ने ‘सुरक्षित चारधाम यात्रा’ का नारा दिया है।
बाबा केदार के भक्तों के लिए अब अगले छह महीनों तक दर्शन खुले रहेंगे, जहां देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु इस पावन ज्योतिर्लिंग के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित कर सकेंगे।









