Dehradun News In Hindi: देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को देहरादून-मसूरी मार्ग की जीवनरेखा माने जाने वाले शिव मंदिर के पास निर्माणाधीन पुल का औचक स्थलीय निरीक्षण किया। भारी बारिश और प्राकृतिक आपदा के कारण क्षतिग्रस्त हुए इस पुल की धीमी प्रगति पर मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनहित और आगामी पर्यटन सीजन को देखते हुए इस पुल का निर्माण प्राथमिकता के आधार पर समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए।

क्षतिग्रस्त पुल का स्थलीय निरीक्षण और वर्तमान स्थिति
मुख्यमंत्री ने मंगलवार सुबह मसूरी रोड पहुंचकर पुल के निर्माण कार्यों का बारीकी से जायजा लिया। पिछले मानसून सत्र में भारी बारिश के कारण इस पुल का एक बड़ा हिस्सा ढह गया था, जिससे देहरादून और मसूरी के बीच यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई थी। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद इंजीनियरों और विभागीय अधिकारियों से कार्य की प्रगति की विस्तृत जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने कहा:
“यह मार्ग केवल एक सड़क नहीं है, बल्कि देहरादून और मसूरी के बीच का सबसे महत्वपूर्ण संपर्क सूत्र है। इसकी मरम्मत और पुनर्निर्माण में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
वैली ब्रिज: यातायात सुचारू करने की तत्काल व्यवस्था
वर्तमान में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए, मुख्यमंत्री ने बताया कि दोनों ओर से आवागमन को सुचारू रखने के लिए वैली ब्रिज (Valley Bridge) का निर्माण कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है।
- एक ओर का वैली ब्रिज पहले ही संचालित है।
- दूसरी ओर का वैली ब्रिज भी अंतिम चरण में है और शीघ्र ही इसे जनता के लिए खोल दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जब तक स्थायी पुल तैयार नहीं हो जाता, तब तक वैली ब्रिज के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाए कि पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों को घंटों लंबे जाम का सामना न करना पड़े।

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3 माह की समयसीमा: स्थायी समाधान की तैयारी
निरीक्षण के दौरान सबसे महत्वपूर्ण घोषणा स्थायी पुल को लेकर रही। मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग को कड़ा लक्ष्य देते हुए कहा कि अगले 2 से 3 माह के भीतर स्थायी पुल का निर्माण कार्य हर हाल में पूर्ण हो जाना चाहिए।
उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल पैचवर्क करना नहीं, बल्कि भविष्य की चुनौतियों को देखते हुए मजबूत अवसंरचना तैयार करना है। यह पुल न केवल स्थानीय लोगों के लिए बल्कि देहरादून आने वाले हजारों पर्यटकों के लिए सुरक्षित सफर की गारंटी बनेगा।

चारधाम और आदि कैलाश यात्रा के लिए चाक-चौबंद तैयारी
मुख्यमंत्री ने इस निरीक्षण को आगामी चारधाम यात्रा और आदि कैलाश यात्रा से जोड़ते हुए कहा कि उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था पर्यटन और तीर्थाटन पर टिकी है।
- अवसंरचना विकास: सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि यात्रा मार्गों पर पड़ने वाले सभी पुलों और सड़कों की मरम्मत समय से पूरी कर ली जाए।
- नियमित मॉनिटरिंग: मुख्यमंत्री ने सचिव स्तर के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे इन कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करें और साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
- कनेक्टिविटी: सरकार का मुख्य फोकस प्रदेश के दुर्गम क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करना है, ताकि आपदा के समय भी संपर्क न टूटे।
सुदृढ़ बुनियादी ढांचा: सरकार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दोहराया कि राज्य सरकार प्रदेश में सड़कों और पुलों के सुदृढ़ीकरण हेतु निरंतर प्रयासरत है। “स्मार्ट सिटी” और “ऑल वेदर रोड” जैसी परियोजनाओं के साथ-साथ छोटे लेकिन महत्वपूर्ण संपर्क मार्गों का जीर्णोद्धार भी तेजी से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में सड़क एवं पुल निर्माण से संबंधित अनेक परियोजनाएं तेजी से क्रियान्वित की जा रही हैं, जिससे उत्तराखंड के विकास को नई गति मिलेगी।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री के साथ शासन के वरिष्ठ अधिकारी और लोक निर्माण विभाग के अभियंता मौजूद रहे। मुख्यमंत्री के इस कड़े रुख से विभाग में हड़कंप की स्थिति है और अब उम्मीद जताई जा रही है कि मसूरी मार्ग पर यातायात की समस्या का जल्द ही स्थायी समाधान हो जाएगा।
मुख्य तथ्य (Quick Insights)
| विवरण | विवरण/लक्ष्य |
| निरीक्षण स्थल | शिव मंदिर, मसूरी रोड (देहरादून) |
| मुख्य उद्देश्य | पुल निर्माण की प्रगति की जांच |
| स्थायी पुल का लक्ष्य | आगामी 2 से 3 माह |
| तात्कालिक व्यवस्था | वैली ब्रिज का निर्माण |
| फोकस क्षेत्र | चारधाम यात्रा, आदि कैलाश यात्रा, सुरक्षित पर्यटन |









