Uttarakhand News: उत्तराखंड के संवैधानिक और राजनीतिक इतिहास में 19 अक्टूबर 2026 की तारीख एक बेहद महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में दर्ज होने जा रही है। देवभूमि उत्तराखंड के नव नियुक्त राज्यपाल डॉ. ढाल सिंह बिसेन इसी दिन विधिवत रूप से पदभार ग्रहण करेंगे। राज्य के प्रथम नागरिक के रूप में उनके दायित्व ग्रहण करने की इस ऐतिहासिक घड़ी को पूरी तरह भव्य, अनुशासित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए शासन-प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो चुका है। राजभवन से लेकर जिला कलेक्ट्रेट तक तैयारियों का ताना-बाना बेहद बारीकी से बुना जा रहा है, ताकि शपथ ग्रहण का पूरा कार्यक्रम अपनी तय गरिमा के साथ संपन्न हो सके।
समारोह के सफल और निर्बाध आयोजन की कमान देहरादून जिला प्रशासन ने संभाल ली है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कलेक्ट्रेट सभागार में सभी संबंधित विभागों के उच्चाधिकारियों की एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक ली। इस बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्यपाल का शपथ ग्रहण समारोह राज्य के लिए एक अत्यंत औपचारिक और उच्च संवैधानिक मर्यादा का पर्व होता है। ऐसे में किसी भी स्तर पर व्यवस्थागत लापरवाही या ढिलाई के लिए कोई जगह नहीं हो सकती। बैठक में उपस्थित विभिन्न विभागों के प्रमुखों को समयबद्ध रूप से अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन करने की सख्त हिदायत दी गई।

विशिष्ट अतिथियों का होगा आगमन
इस भव्य आयोजन में उत्तराखंड के कोने-कोने के साथ-साथ देश के विभिन्न राज्यों और राष्ट्रीय राजधानी से भी महत्वपूर्ण गणमान्य व्यक्तियों, मंत्रियों, न्यायविदों, वरिष्ठ अधिकारियों और विशिष्ट अतिथियों का आगमन होना तय है। अतिथियों के स्वागत और सुविधा को शीर्ष प्राथमिकता देते हुए जिला प्रशासन ने विशेष प्रोटोकॉल तैयार किया है। इसके तहत तुरंत प्रभाव से लाइजन अधिकारियों की तैनाती के निर्देश जारी किए गए हैं। इन अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है कि वे अतिथियों के आगमन से लेकर उनके प्रस्थान तक हर जरूरी जरूरत का ध्यान रखें। होटल, विश्राम गृह, हवाई अड्डे और रेलवे स्टेशनों पर संपर्क अधिकारी तैनात रहेंगे, ताकि किसी भी मेहमान को मार्ग, वाहन अथवा ठहरने से संबंधित तनिक भी असुविधा का सामना न करना पड़े।
राजधानी देहरादून की भौगोलिक संरचना और यातायात के दबाव को देखते हुए सुरक्षा एवं सुगम यातायात प्रबंधन पर प्रशासन का सबसे गहरा ध्यान केंद्रित है। शपथ ग्रहण के दिन वीआईपी मूवमेंट के कारण आम नागरिकों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए यातायात पुलिस और स्थानीय प्रशासन संयुक्त कार्ययोजना पर काम कर रहे हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रमुख मार्गों, विशेष रूप से जौलीग्रांट एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और राजभवन की ओर जाने वाले सभी मुख्य मार्गों पर डायवर्जन और ट्रैफिक रेगुलेशन की अग्रिम योजना सार्वजनिक की जाए। साथ ही आवश्यकतानुसार वाहनों का अधिग्रहण करने और आपातकालीन स्थितियों के लिए अतिरिक्त वाहनों के बेड़े को रिजर्व रखने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासनिक स्तर पर अंतर-विभागीय समन्वय को इस पूरे ऑपरेशन की रीढ़ माना जा रहा है। लोक निर्माण विभाग को राजभवन और उसके संपर्क मार्गों की सघन मरम्मत, साज-सज्जा और प्रकाश व्यवस्था को दुरुस्त करने का काम सौंपा गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें विशेष चिकित्सा इकाइयों और एंबुलेंस के साथ रणनीतिक बिंदुओं पर तैनात रहेंगी। इसी तरह नगर निगम को पूरे मार्ग और आयोजन स्थल के आसपास व्यापक स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस महकमा सुरक्षा के ऐसे कड़े घेरे की योजना बना रहा है जिसमें चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा सके, लेकिन साथ ही आयोजन का माहौल सहज और सौहार्दपूर्ण बना रहे।
डॉ. ढाल सिंह बिसेन के पदभार ग्रहण करने से उत्तराखंड में जनसेवा, विकास और संवैधानिक संरक्षण के नए युग की शुरुआत की उम्मीद बंधी है। एक अनुभवी, विद्वान और जनसरोकारों से जुड़े व्यक्तित्व के राज्यपाल बनने से प्रदेश के विकास कार्यों को नई दिशा और गति मिलने का विश्वास जताया जा रहा है। प्रशासनिक अमला जिस निष्ठा और तत्परता के साथ 19 अक्टूबर की तैयारियों में जुटा है, उससे यह स्पष्ट है कि यह शपथ ग्रहण समारोह न केवल ऐतिहासिक दृष्टि से स्मरणीय बनेगा, बल्कि देवभूमि की अतिथि-देवो भव की सांस्कृतिक परंपरा को भी अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित करेगा।
राजभवन देहरादून में 19 अक्टूबर को आयोजित होने वाले राज्यपाल के शपथ ग्रहण समारोह को लेकर पुलिस और जिला प्रशासन ने संयुक्त रूप से व्यापक सुरक्षा घेरा और विस्तृत यातायात डायवर्जन प्लान तैयार किया है। वीआईपी और वीवीआईपी मूवमेंट को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था त्रिस्तरीय रखी गई है, जबकि आम जनता की सुविधा के लिए कई वैकल्पिक मार्गों का प्रावधान किया गया है।
त्रिस्तरीय सुरक्षा प्रोटोकॉल (Three-Tier Security Plan)
समारोह की संवेदनशीलता और गरिमा को देखते हुए पूरे आयोजन क्षेत्र को तीन सुरक्षा घेरों में विभाजित किया गया है:
- आंतरिक घेरा (Inner Cordon – राजभवन परिसर):
- राजभवन मुख्य लॉन और मुख्य भवन में केवल वैध आमंत्रण पत्र और विशेष सुरक्षा पास धारकों को ही प्रवेश की अनुमति होगी।
- प्रवेश द्वारों पर डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर (DFMD) और हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर (HHMD) से सघन जांच की जाएगी।
- समारोह स्थल पर क्विक रिस्पांस टीम (QRT) और विशेष कमांडो दस्ते की तैनाती रहेगी।
- मध्य घेरा (Middle Cordon – संपर्क मार्ग एवं परिधि):
- राजभवन की ओर आने वाले सभी संपर्क मार्गों (सर्किट हाउस रोड, हाथीबड़कला मार्ग आदि) पर बैरिकेडिंग और पिकेट्स तैनात किए गए हैं।
- सादे कपड़ों में एलआईयू (LIU) और विशेष खुफिया शाखा के कर्मी संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखेंगे।
- ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी कंट्रोल रूम के माध्यम से परिधि क्षेत्र की 24 घंटे निगरानी की व्यवस्था की गई है।
- बाह्य घेरा (Outer Cordon – शहर एवं सीमा क्षेत्र):
- जौलीग्रांट एयरपोर्ट, देहरादून रेलवे स्टेशन और आईएसबीटी से राजभवन की ओर जाने वाले प्रमुख कॉरिडोर पर लगातार गश्त जारी रहेगी।
- शहर के सभी प्रवेश द्वारों (आशारोड़ी, कुल्हाल, रायवाला चेक पोस्ट) पर बाहरी वाहनों की सघन चेकिंग सुनिश्चित की गई है।

प्रस्तावित यातायात डायवर्जन प्लान (Traffic Diversion Plan)
समारोह के दिन सुबह 8:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक शहर के प्रमुख मार्गों पर भारी और सामान्य वाहनों के लिए निम्नलिखित रूट डायवर्जन प्रभावी रहेगा:
| मार्ग / क्षेत्र | सामान्य यातायात की स्थिति | प्रस्तावित डायवर्जन / वैकल्पिक मार्ग |
| हाथीबड़कला से राजभवन मार्ग | वीआईपी मूवमेंट के दौरान पूर्णतः प्रतिबंधित | दिलाराम चौक से अनारवाला / कैंट रोड होकर भेजा जाएगा। |
| दिलाराम चौक से कैनाल रोड | केवल पासधारक वाहनों की अनुमति | राजपुर रोड से आने वाले सामान्य वाहन जाखन तिराहा होकर निकलेंगे। |
| सर्किट हाउस तिराहा | राजभवन की ओर आवागमन बंद | गढ़ी कैंट और डाकरा बाजार मार्ग का उपयोग किया जाएगा। |
| जौलीग्रांट से शहर की ओर | भारी वाहनों का प्रवेश सुबह 7 बजे से वर्जित | भारी वाहन डोईवाला और भानियावाला से हरिद्वार बाईपास डायवर्ट रहेंगे। |
| आईएसबीटी / सहारनपुर चौक | कॉमर्शियल वाहनों पर समयबद्ध रोक | शिमला बाईपास और कारगी चौक मार्ग से वाहनों को भेजा जाएगा। |
पार्किंग एवं आपातकालीन सेवाएं
- वीआईपी/पासधारक पार्किंग: आमंत्रित अतिथियों के वाहनों के लिए राजभवन के समीप निर्धारित पार्किंग स्थल और सर्किट हाउस परिसर में व्यवस्था की गई है।
- मीडिया एवं स्टाफ पार्किंग: मीडिया प्रतिनिधियों और प्रशासनिक अमले के वाहनों के लिए सर्वे ऑफ इंडिया ग्राउंड / हाथीबड़कला के पास स्थान चिह्नित किया गया है।
- आपातकालीन ग्रीन कॉरिडोर: राजभवन से दून अस्पताल और मैक्स अस्पताल के लिए एक लेन को ‘इमरजेंसी कॉरिडोर’ के रूप में आरक्षित रखा गया है, ताकि एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां बिना रुकावट आवागमन कर सकें।
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