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Daler Mehndi Controversy: मंत्री सुबोध उनियाल ने मानी गलती, मांगी दलेर मेहंदी से माफी

On: October 26, 2026 4:53 AM
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Daler Mehndi Controversy: मंत्री सुबोध उनियाल ने मानी गलती, मांगी दलेर मेहंदी से माफी
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Daler Mehndi Controversy: उत्तराखंड के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाले टिहरी जनपद में आयोजित कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले के दौरान उपजा विवाद भी कुछ ऐसा ही रूप लेता दिखाई दे रहा था। प्रसिद्ध पंजाबी गायक दलेर मेहंदी के लाइव कार्यक्रम के दौरान अचानक उत्पन्न हुई अप्रिय स्थिति ने एक बड़े सांस्कृतिक विवाद का रूप ले लिया था। मंच पर हुई तीखी नोकझोंक और गंभीर आरोपों के बाद देश भर के संगीत प्रेमियों और कलाकारों में नाराजगी फैलने लगी थी। इस पूरे प्रकरण में सबसे सुखद और परिपक्व पहलू तब सामने आया जब राज्य के शीर्ष नेतृत्व ने इस मामले की गंभीरता को समझा और अहंकार को दरकिनार करते हुए गरिमापूर्ण तरीके से संवाद का रास्ता चुना। राज्य के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल द्वारा फोन पर माफी मांगने और प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा स्वयं दोनों संगीतकार भाइयों से सीधे बात कर उन्हें राज्य में पुनः आमंत्रित करने से इस पूरे विवाद का एक सकारात्मक और मर्यादित समापन हुआ है।

इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत और उससे जुड़े घटनाक्रम पर नजर डालें तो मुख्य घटना 18 अक्टूबर को घटित हुई थी। टिहरी जिले के नरेंद्र नगर क्षेत्र में हर वर्ष की भांति कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले का भव्य आयोजन किया जा रहा था। इस मेले की सांस्कृतिक संध्या के तहत 18 अक्टूबर की शाम देश-विदेश में अपनी आवाज का जादू बिखेरने वाले पंजाबी गायक दलेर मेहंदी के लाइव कंसर्ट की प्रस्तुति तय थी। कार्यक्रम को देखने के लिए हजारों की संख्या में स्थानीय नागरिक, युवा और दर्शक उमड़े हुए थे। मंच पर दलेर मेहंदी अपनी टीम के साथ प्रस्तुति दे रहे थे और बताया गया कि स्वास्थ्य संबंधी कुछ असहजता के बावजूद वे लगभग डेढ़ घंटे से लगातार दर्शकों का मनोरंजन कर रहे थे। इसी बीच राज्य के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल मंच पर पहुंचे और कार्यक्रम के संचालन तथा प्रस्तुति की शैली को लेकर भारी असंतोष व्यक्त करने लगे। मंत्री जी का आरोप था कि गायक ने कथित रूप से नशा किया हुआ है और वे ठीक से गा नहीं पा रहे हैं। मंच से सार्वजनिक रूप से कही गई इस बात ने माहौल को बेहद तनावपूर्ण बना दिया और कार्यक्रम को बीच में ही रोक दिया गया। इस घटना के बाद मामला तेजी से तूल पकड़ने लगा।

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Photo- X Daler Mehndi Controversy

घटना के दो से तीन दिन बाद, यानी 21 और 22 अक्टूबर के दौरान दलेर मेहंदी के छोटे भाई और जाने-माने गायक मीका सिंह ने मुंबई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस पूरे वाकये पर गहरी पीड़ा और आक्रोश व्यक्त किया। मीका सिंह ने स्पष्ट किया कि दलेर मेहंदी पिछले कई दशकों से भारतीय संगीत जगत की सेवा कर रहे हैं और उन्होंने वैश्विक स्तर पर देश का नाम रोशन किया है। ऐसे में किसी वरिष्ठ कलाकार को मंच पर सार्वजनिक रूप से अपमानित करना, उन पर बेबुनियाद आरोप लगाना और उनकी छवि को धूमिल करना किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है। मीका सिंह ने यह भी साझा किया कि घटना के तुरंत बाद लोकप्रिय हास्य कलाकार कपिल शर्मा ने उन्हें फोन किया था और एक वरिष्ठ कलाकार के साथ हुए इस दुर्व्यवहार पर भारी चिंता जताई थी। मीका ने इस बात पर कड़ा एतराज जताया था कि मंच पर केवल दलेर मेहंदी ही नहीं, बल्कि एक अन्य पंजाबी गायक मनिंदर भुट्टर के पुराने संदर्भ को भी अवांछित रूप से घसीटा गया, जो एक जनप्रतिनिधि की गरिमा के अनुकूल नहीं था। विवाद जब राष्ट्रीय मीडिया और सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा का विषय बनने लगा, तब 24 और 25 अक्टूबर के दौरान उत्तराखंड शासन और सरकार के स्तर पर गंभीर मंथन शुरू हुआ। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस पूरे प्रकरण में अत्यंत संवेदनशील और दूरदर्शी दृष्टिकोण अपनाया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से माना कि उत्तराखंड देवभूमि होने के साथ-साथ ‘अतिथि देवो भव:’ की महान परंपरा का संवाहक है और राज्य में आने वाले किसी भी अतिथि अथवा कलाकार का सम्मान सर्वोपरि होना चाहिए। मुख्यमंत्री धामी ने सीधे पहल करते हुए दलेर मेहंदी और मीका सिंह से व्यक्तिगत तौर पर फोन पर विस्तृत बातचीत की। उन्होंने पूरी घटना पर संवेदना व्यक्त की और दोनों भाइयों को ससम्मान उत्तराखंड आने का न्योता दिया। इसके समानांतर, कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने भी अपनी पूर्व की प्रतिक्रिया पर खेद प्रकट करते हुए दलेर मेहंदी को फोन किया और प्रत्यक्ष रूप से उनसे माफी मांगते हुए मामले को यहीं समाप्त करने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री के इस आत्मीय और शालीन हस्तक्षेप के बाद स्थिति पूरी तरह सामान्य हो गई। मीका सिंह ने सार्वजनिक तौर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की बातचीत की शैली, संवेदनशीलता और विनम्रता की भूरि-भूरि प्रशंसा की। मीका ने कहा कि सीएम धामी ने जिस बड़े दिल और अपनत्व के साथ उनसे और दलेर पाजी से बात की है, उसने उनके दिलों को छू लिया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कलाकारों का उद्देश्य विवाद बढ़ाना नहीं, बल्कि कला की गरिमा की रक्षा करना होता है। मंत्री द्वारा अपनी भूल स्वीकार करने और मुख्यमंत्री के व्यक्तिगत निमंत्रण के बाद अब यह कड़वाहट पूरी तरह दूर हो चुकी है। मीका सिंह ने संकेत दिए हैं कि वे और दलेर मेहंदी जल्द ही देवभूमि उत्तराखंड का दौरा करेंगे और वहां की जनता के बीच एक बार फिर पूरे उल्लास के साथ अपनी कला की प्रस्तुति देंगे। यह पूरा घटनाक्रम यह स्पष्ट संदेश देता है कि सार्वजनिक जीवन में संवाद की शक्ति किसी भी विवाद को सुलझाने का सबसे प्रभावी माध्यम है। मंच की गरिमा, कलाकारों का मान-सम्मान और जन प्रतिनिधियों की जवाबदेही एक-दूसरे के पूरक हैं। जब नेतृत्व सकारात्मक और सुलझे हुए ढंग से आगे आता है, तो बड़े से बड़ा गतिरोध भी आपसी सम्मान और सौहार्द के साथ समाप्त हो जाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
प्रश्न: टिहरी के कुंजापुरी मेले में किस तारीख को विवाद हुआ था?

उत्तर: यह विवाद 18 अक्टूबर को नरेंद्र नगर (टिहरी गढ़वाल) में आयोजित कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले की सांस्कृतिक संध्या के दौरान हुआ था, जब दलेर मेहंदी के लाइव शो के बीच कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने हस्तक्षेप किया था।

प्रश्न: कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने दलेर मेहंदी पर क्या आरोप लगाए थे?

उत्तर: कैबिनेट मंत्री ने मंच पर पहुंचकर आरोप लगाया था कि गायक ने शराब पी रखी है और वे सही तरीके से प्रस्तुति नहीं दे पा रहे हैं, जिसके बाद कार्यक्रम को रोक दिया गया था।

प्रश्न: इस विवाद पर मीका सिंह की क्या प्रतिक्रिया थी?

उत्तर: मीका सिंह ने मुंबई में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मंत्री के व्यवहार पर गहरा रोष जताया था। उन्होंने कहा था कि उनके बड़े भाई की छवि को जानबूझकर खराब किया गया है, जबकि वे अस्वस्थ होने के बावजूद करीब डेढ़ घंटे से प्रस्तुति दे रहे थे। उन्होंने यह भी बताया था कि कपिल शर्मा ने भी फोन कर इस घटना पर क्षोभ जताया था।

प्रश्न: मामले का समाधान किस तरह हुआ और मुख्यमंत्री की क्या भूमिका रही?

उत्तर: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वयं पहल करते हुए दलेर मेहंदी और मीका सिंह से फोन पर बात की और दोनों को उत्तराखंड आने का सादर निमंत्रण दिया। इसके साथ ही कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने भी दलेर मेहंदी से फोन पर माफी मांग ली, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद पूरी तरह समाप्त हो गया।


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