Uttarakhand News: उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) की राज्य स्तरीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति की उच्च स्तरीय बैठक संपन्न हुई। मुख्य सचिव ने शहरी विकास एवं आवास विभाग को कड़े निर्देश देते हुए अफोर्डेबल हाउसिंग (AHP) प्रोजेक्ट के तहत निर्मित 13,576 आवासों को आगामी 15 अगस्त 2026 तक हर हाल में आवंटित कर ऑपरेशनल करने के निर्देश दिए हैं। जानिए पर्यावरण मित्रों और पीएम स्वनिधि लाभार्थियों को मिलने वाले इस बड़े लाभ की पूरी विस्तृत रिपोर्ट।

उत्तराखंड में बेघर और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को अपना पक्का घर देने के संकल्प को राज्य सरकार अब बेहद आक्रामक और मिशन मोड में आगे बढ़ा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के तहत संचालित ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ (शहरी) की प्रगति को रफ्तार देने के लिए शुक्रवार को राजधानी देहरादून स्थित सचिवालय परिसर में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और उच्च स्तरीय बैठक संपन्न हुई। प्रदेश के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में आयोजित इस राज्य स्तरीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति की बैठक में आवास और शहरी विकास से जुड़े तमाम नीति-निर्माता और आला अधिकारी मौजूद रहे। बैठक का मुख्य एजेंडा राज्य में गतिमान किफायती आवास परियोजनाओं की धरातलीय प्रगति की समीक्षा करना और आ रही बाधाओं को तुरंत दूर करना था। मुख्य सचिव ने दो टूक शब्दों में अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रधानमंत्री आवास योजना 1.0 (PMAY 1.0) के अंतर्गत जितने भी प्रोजेक्ट वर्तमान में चल रहे हैं, उन्हें भारत सरकार द्वारा निर्धारित की गई सख्त समय-सीमा (डेडलाइन) के भीतर ही हर हाल में गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जाए। इसमें किसी भी प्रकार की हीलाहवाली या लेट-लतीफी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
योजनाओं की कछुआ चाल पर लगाम कसने के लिए मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने कड़े प्रशासनिक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने शहरी विकास एवं आवास विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे केवल मासिक या पाक्षिक रिपोर्ट पर निर्भर न रहें, बल्कि इन सभी प्रोजेक्ट्स की धरातलीय स्थिति को परखने के लिए लगातार (निरन्तर) मॉनिटरिंग तंत्र को मजबूत करें। मुख्य सचिव ने इसके लिए विभागीय स्तर पर ‘साप्ताहिक समीक्षा बैठकें’ आयोजित करने के कड़े निर्देश जारी किए हैं। इसके साथ ही, उन्होंने सचिव, शहरी विकास एवं आवास विभाग को विशेष जिम्मेदारी सौंपते हुए कहा कि ‘अफोर्डेबल हाउसिंग इन पार्टनरशिप’ (AHP) मॉडल के तहत चल रही प्रत्येक परियोजना की प्रगति की वे स्वयं साप्ताहिक आधार पर क्लोज मॉनिटरिंग (बारीक निगरानी) सुनिश्चित करें, ताकि निर्माण कार्यों की गति बनी रहे और प्रोजेक्ट्स अपने तय समय पर पूरे होकर जनता को समर्पित किए जा सकें।
इस उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण फैसला राज्य के बेघर लोगों के लिए एक बड़ी सौगात लेकर आया है। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को एक ऐतिहासिक डेडलाइन देते हुए सख्त निर्देश दिए कि एएचपी (AHP) प्रोजेक्ट के तहत राज्यभर में अब तक निर्मित हो चुके चौदह हजार के करीब यानी कुल 13,576 आवासों को आगामी 15 अगस्त, 2026 (स्वतंत्रता दिवस) तक अनिवार्य रूप से पात्र परिवारों को आवंटित कर दिया जाए। उन्होंने कहा कि केवल आवंटन पत्र बांटना काफी नहीं है, बल्कि 15 अगस्त तक इन सभी 13,576 तैयार घरों को पूरी तरह से ऑपरेशनल (रहने योग्य) करवाना सुनिश्चित किया जाए, ताकि गरीब परिवारों को बुनियादी सुविधाओं के साथ उनका अपना पक्का आशियाना मिल सके।
प्रशासनिक समन्वय को सुदृढ़ करने पर जोर देते हुए मुख्य सचिव ने याद दिलाया कि केंद्र और राज्य सरकार के बीच हुए आपसी समझौते (MoU) के तहत समय-सीमा का पालन करना उत्तराखंड की साख के लिए बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार के साथ हस्ताक्षरित एमओयू की शर्तों के अनुसार सभी प्रोजेक्टों को निर्धारित टाइमलाइन में पूरा कराने हेतु सचिव, आवास विभाग, सचिव, शहरी विकास, निदेशक, शहरी विकास तथा मुख्य नगर एवं ग्राम नियोजक (CTCP) को एक टीम के रूप में काम करना होगा। उन्होंने इन चारों शीर्ष अधिकारियों को नियमित रूप से ‘संयुक्त समीक्षा बैठक’ (Joint Review Meeting) आयोजित करने और आपसी समन्वय से तकनीकी व प्रशासनिक अड़चनों को मौके पर ही दूर करने के निर्देश दिए।
बैठक के अंतिम चरण में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सामाजिक न्याय और अंत्योदय की सोच को आगे बढ़ाते हुए एक बेहद संवेदनशील और मानवीय निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत आवासों का आवंटन करते समय समाज के सबसे निचले और वंचित पायदान पर खड़े लोगों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से निर्देशित किया कि ‘पीएम स्वनिधि योजना’ के तहत लाभ पा रहे सड़क किनारे के छोटे रेहड़ी-पटरी दुकानदारों, फड़ व्यवसायियों तथा शहरों को साफ-सुथरा रखने वाले हमारे अग्रिम पंक्ति के कर्मयोगियों यानी ‘पर्यावरण मित्रों’ (सफाई कर्मचारियों) और अन्य सभी वास्तविक रूप से पात्र लाभार्थियों को चिन्हित कर उन्हें ये उपयुक्त पक्के आवास प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराए जाएं। मुख्य सचिव ने कहा कि जब हमारे इन कर्मयोगियों और गरीब परिवारों के पास अपना सुरक्षित घर होगा, तभी हमारा समाज वास्तव में सशक्त होगा और तभी उत्तराखंड आत्मनिर्भर और समृद्ध राज्य बनने की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ सकेगा।
गौर हो कि उत्तराखंड मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में शुक्रवार को सचिवालय में शहरी विकास विभाग के अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना की राज्य स्तरीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति की बैठक संपन्न हुई। इस अवसर पर मुख्य सचिव ने प्रधानमंत्री आवास योजना 1.0 के प्रोजेक्ट निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निरन्तर मॉनिटरिंग करते हुए साप्ताहिक समीक्षा बैठक किए जाने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने सचिव, शहरी विकास एवं आवास विभाग को अफोर्डेबल हाउसिंग के तहत परियोजना की प्रगति की भी साप्ताहिक निगरानी किए जाने के निर्देश दिए ताकि प्रोजेक्ट को समय से पूर्ण किया जा सके। उन्होंने निर्देश दिए कि एएचपी प्रोजेक्ट के तहत निर्मित 13576 आवासों को 15 अगस्त, 2026 तक आवंटन करते हुए ऑपरेशनल करवाया जाना सुनिश्चित किया जाए।
वहीं मुख्य सचिव ने कहा कि भारत सरकार के साथ हुए एमओयू के अनुसार सभी प्रोजेक्टों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने हेतु सचिव, आवास विभाग, शहरी विकास, निदेशक शहरी विकास एवं सीटीसीपी संयुक्त समीक्षा बैठक करते हुए सभी प्रोजेक्टों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कराएँ। उन्होंने कहा कि पी.एम. स्वनिधि के लाभार्थी, पर्यावरण मित्रों एवं अन्य पात्र लाभार्थियों को उपयुक्त आवास उपलब्ध कराए जाएं।
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