Uttarakhand Police News: उत्तराखण्ड राज्य के लिए राष्ट्रीय पटल से एक बेहद गौरवशाली और ऐतिहासिक समाचार सामने आया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान पासपोर्ट आवेदनों के सत्यापन में देश भर में सबसे उत्कृष्ट, तीव्र और प्रभावी कार्य निष्पादन करने के लिए भारत सरकार द्वारा उत्तराखण्ड पुलिस को बेहद प्रतिष्ठित “Institutional Performance Award for State Police” से सम्मानित किया गया है। यह राष्ट्रीय स्तर का सम्मान देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की पुलिस प्रणालियों के प्रदर्शन के कड़े आकलन और मूल्यांकन के आधार पर प्रदान किया गया है, जिसमें उत्तराखण्ड पुलिस ने बाजी मारते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया है।
राजधानी नई दिल्ली में विशेष समारोह का आयोजन
इस ऐतिहासिक और गरिमामयी पुरस्कार को प्रदान करने के लिए देश की राजधानी नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय के जवाहरलाल नेहरू भवन में एक भव्य और विशेष समारोह का आयोजन किया गया था। इस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित माननीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने स्वयं अपने कर-कमलों से उत्तराखण्ड पुलिस की इस अभूतपूर्व उपलब्धि के लिए यह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान किया। उत्तराखण्ड पुलिस विभाग की ओर से इस सम्मान को ग्रहण करने के लिए राज्य के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और अपर पुलिस महानिदेशक (प्रशासन) श्री ए. पी. अंशुमान वहां मौजूद थे, जिन्होंने अत्यंत गर्व के साथ विदेश मंत्री से यह “Institutional Performance Award for State Police” प्राप्त किया। यह क्षण पूरे उत्तराखण्ड और वहां के पुलिस महकमे के लिए एक मील का पत्थर साबित हुआ है।
उत्तराखण्ड पुलिस को राष्ट्रीय सम्मान
उत्तराखण्ड पुलिस के इस असाधारण प्रदर्शन और राष्ट्रीय सम्मान मिलने की पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए राज्य के पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने विभाग की ओर से अपनी गहरी प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार किसी एक व्यक्ति का नहीं बल्कि उत्तराखण्ड पुलिस के प्रत्येक उस जवान और अधिकारी की कड़ी मेहनत, निष्ठा और कर्तव्यपरायणता का परिणाम है, जो धरातल पर काम कर रहे हैं। पुलिस महानिदेशक ने बताया कि उत्तराखण्ड पुलिस पिछले लंबे समय से पासपोर्ट सत्यापन की पूरी प्रक्रिया को पूरी तरह से समयबद्ध, पारदर्शी, भ्रष्टाचार मुक्त और नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए निरंतर तकनीकी और प्रशासनिक सुधार कर रही थी। राज्य के सुदूर पर्वतीय क्षेत्रों से लेकर मैदानी इलाकों तक फैले थानों में आधुनिक तकनीकों का समावेश किया गया और पुलिस कर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया ताकि आम जनता को पासपोर्ट बनवाने में किसी भी तरह की देरी या परेशानी का सामना न करना पड़े। उनके इन्हीं सतत और सुनियोजित प्रयासों का सुखद परिणाम आज इस राष्ट्रीय पुरस्कार के रूप में पूरे देश के सामने आया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड पुलिस बल को दी हार्दिक बधाई
इस बड़ी राष्ट्रीय उपलब्धि पर राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी उत्तराखण्ड पुलिस बल को अपनी हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग की पीठ थपथपाते हुए कहा कि उत्तराखण्ड के आम नागरिकों को बिना किसी रुकावट के उच्च गुणवत्तापूर्ण, पूरी तरह से पारदर्शी और एक निश्चित समय सीमा के भीतर सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराना उनकी सरकार की सबसे बड़ी और सर्वोच्च प्राथमिकता रही है। उन्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि उत्तराखण्ड पुलिस को मिला यह राष्ट्रीय सम्मान इसी बात का जीवंत प्रमाण और प्रतीक है कि राज्य सरकार की नीतियां और पुलिस प्रशासन के प्रयास बिल्कुल सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यह आशा भी व्यक्त की कि इस सम्मान से उत्साहित होकर भविष्य में भी उत्तराखण्ड पुलिस नागरिक सेवाओं के क्षेत्र में इसी प्रकार नए-नए कीर्तिमान स्थापित करती रहेगी, अपने प्रदर्शन को और अधिक जन-अनुकूल बनाएगी और विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करते हुए देवभूमि उत्तराखण्ड का गौरव पूरे देश में बढ़ाती रहेगी।
उत्तराखण्ड पुलिस ने आधुनिक संचार माध्यमों का बेहतरीन उपयोग कर के धारणा को पूरी तरह बदला
यह पुरस्कार इस दृष्टिकोण से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि किसी भी राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ नागरिकों से जुड़ी प्रशासनिक सेवाओं जैसे पासपोर्ट वेरिफिकेशन को समय पर पूरा करना एक बड़ी चुनौती होती है। आमतौर पर पुलिस सत्यापन की प्रक्रिया में लगने वाले समय को लेकर नागरिकों में चिंता रहती है, लेकिन उत्तराखण्ड पुलिस ने आधुनिक संचार माध्यमों और मोबाइल एप्लिकेशनों का बेहतरीन उपयोग करके इस धारणा को पूरी तरह बदल दिया है। अब राज्य में पासपोर्ट के लिए आवेदन करने वाले व्यक्ति का वेरिफिकेशन रिकॉर्ड समय में पूरा हो जाता है, जिससे पासपोर्ट जारी होने की गति में अप्रत्याशित तेजी आई है। केंद्र सरकार और विदेश मंत्रालय द्वारा देशव्यापी स्तर पर किए गए डेटा विश्लेषण में यह पाया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में उत्तराखण्ड पुलिस ने न केवल सबसे तेज गति से आवेदनों का निस्तारण किया, बल्कि उनकी जांच की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों में भी किसी भी प्रकार का कोई समझौता नहीं किया गया।
पुलिस की रिपोर्ट सबसे पहला और मजबूत आधार होती है
नई दिल्ली के इस समारोह में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने भी अपने संबोधन में देश के विकास और सुरक्षा में पुलिस सत्यापन की महत्ता को रेखांकित किया था। उन्होंने कहा था कि वैश्विक स्तर पर भारतीय नागरिकों की आवाजाही को सुगम बनाने और आंतरिक सुरक्षा को मजबूत रखने में पुलिस की रिपोर्ट सबसे पहला और मजबूत आधार होती है। ऐसे में उत्तराखण्ड जैसी कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाले राज्य की पुलिस द्वारा इतना शानदार और अनुकरणीय प्रदर्शन करना वास्तव में सराहनीय है। यह पुरस्कार मिलने के बाद अब उत्तराखण्ड पुलिस के प्रशासनिक गलियारों में भारी उत्साह का माहौल है और इसे विभाग की कार्यशैली में आए बड़े सकारात्मक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। निश्चित रूप से यह सम्मान राज्य पुलिस के मनोबल को सातवें आसमान पर ले जाने वाला है और आने वाले समय में अन्य राज्यों की पुलिस के लिए भी एक रोल मॉडल की तरह कार्य करेगा।







