Uttarakhand Weather Update News: उत्तराखंड में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है, जिससे राज्य के पर्वतीय और मैदानी इलाकों में तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। पिछले कुछ दिनों से जारी भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप से परेशान लोगों को इस मौसम परिवर्तन से बड़ी राहत मिली है। देहरादून मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के 7 जिलों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ (नारंगी चेतावनी) जारी किया है, जिसमें तेज आंधी-तूफान, भारी बारिश और आकाशीय बिजली चमकने की आशंका जताई गई है। राज्य के उच्च हिमालयी क्षेत्रों, विशेषकर पिथौरागढ़ और चमोली में ताजा बर्फबारी दर्ज की गई है, जबकि मसूरी सहित 4 प्रमुख शहरों में भारी ओलावृष्टि हुई है। इसके साथ ही 9 अन्य जिलों में तेज बौछारें पड़ने से पूरा प्रदेश शीत लहर की चपेट में आ गया है।
पिथौरागढ़ और चमोली के उच्च पर्वतीय इलाकों में भारी बर्फबारी
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, उत्तराखंड के 3800 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। सीमांत जिले पिथौरागढ़ और चमोली के साथ-साथ उत्तरकाशी के उच्च पर्वतीय इलाकों में गुरुवार देर रात से ही बर्फबारी का सिलसिला शुरू हो गया। केदारनाथ, बद्रीनाथ, हेमकुंड साहिब और मुनस्यारी के उच्च शिखरों पर बर्फ की सफेद चादर बिछ गई है। पिथौरागढ़ के धारचूला और मुनस्यारी के ऊपरी इलाकों में हिमपात के कारण तापमान शून्य से नीचे (माइनस में) पहुंच गया है। इस असमय बर्फबारी के कारण जहां निचले इलाकों में ठंडी हवाएं चल रही हैं, वहीं चारधाम यात्रा पर आए तीर्थयात्रियों को भी एहतियात बरतने की सलाह दी गई है।

तीन जिलों में भारी बारिश और सात जनपदों के लिए ऑरेंज अलर्ट
एक तरफ जहां पहाड़ों पर बर्फ गिर रही है, वहीं दूसरी तरफ उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और चमोली सहित 3 प्रमुख जिलों में मूसलाधार बारिश दर्ज की गई है। इसके अतिरिक्त, मौसम विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश के 7 संवेदनशील जिलों- उत्तरकाशी, देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। इन क्षेत्रों में प्रशासन को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने और आकाशीय बिजली गिरने की प्रबल संभावना है, जो जनजीवन और संपत्ति को नुकसान पहुंचा सकती है।
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मसूरी सहित चार प्रमुख शहरों में ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान
पर्यटन नगरी मसूरी, धनोल्टी, चकराता और नैनीताल सहित राज्य के 4 प्रमुख शहरों में अचानक मौसम का मिजाज बदला और दोपहर के समय जमकर ओले गिरे। मसूरी के माल रोड और आसपास की पहाड़ियों पर ओलावृष्टि इतनी भीषण थी कि कुछ ही मिनटों में सड़कें और घरों की छतें सफेद ओलों से पट गईं। चंडीगढ़ और दिल्ली से मसूरी पहुंचे पर्यटक इस नजारे को देखकर रोमांचित हो उठे और मौसम का लुत्फ उठाते नजर आए। हालांकि, इस ओलावृष्टि ने स्थानीय किसानों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में तैयार खड़ी और कटी हुई गेहूं की फसल को इस ओलावृष्टि से भारी नुकसान पहुंचा है। ओलों की मार से फलदार वृक्षों, विशेषकर सेब और आड़ू के बौर भी पूरी तरह नष्ट हो गए हैं।

नौ जिलों में पड़ी तेज बौछारें और आंधी से कई जगहों पर पेड़ गिरे
पहाड़ी क्षेत्रों के अलावा उत्तराखंड के मैदानी और तराई वाले 9 जिलों में गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ीं। राजधानी देहरादून, हरिद्वार, उधम सिंह नगर, पौड़ी और कोटद्वार समेत कई इलाकों में बीती मध्यरात्रि और सुबह के समय झमाझम बारिश हुई। इस तेज बारिश और आंधी के कारण देहरादून के प्रेमनगर और मसूरी रोड पर विशालकाय पेड़ धराशायी हो गए, जिससे विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई और सड़कों पर आवाजाही ठप हो गई। कोटद्वार और आसपास के क्षेत्रों में गुरुवार को जहां तापमान 30 डिग्री से अधिक दर्ज किया गया था, वहीं शुक्रवार सुबह बारिश के बाद यह गिरकर 23 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इस बारिश का एक सकारात्मक पहलू यह भी रहा कि उत्तराखंड के जंगलों में कई दिनों से धधक रही वनाग्नि (जंगलों की आग) स्वतः ही शांत हो गई है। आपदा प्रबंधन विभाग ने यात्रियों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें।












