CarryMen Shopping Assistance Service Delhi: देश की राजधानी दिल्ली अपने दिलकश और ऐतिहासिक बाजारों के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है। चांदनी चौक की संकरी गलियां हों, सरोजिनी नगर के ट्रेंडी कपड़े हों, या फिर खान मार्केट और कनॉट प्लेस के आलीशान शोरूम, यहाँ हर रोज लाखों लोग खरीदारी के लिए उमड़ते हैं। हालांकि, दिल्ली के बाजारों में शॉपिंग करना जितना मजेदार है, उतना ही थकाऊ भी होता है। घंटों पैदल चलना और फिर भारी-भरकम शॉपिंग बैग्स को हाथों में उठाकर घूमना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं होता। खरीदारी के इसी अनुभव को बेहद आरामदायक और तनावमुक्त बनाने के लिए दिल्ली के प्रमुख बाजारों में एक बेहद अनूठी और आधुनिक सर्विस की शुरुआत की गई है। अब दिल्लीवाले अपनी शॉपिंग के दौरान भारी सामान और बैग्स को उठाने के लिए पेशेवर सहायकों यानी ‘शॉपिंग कूरियर’ को किराये पर ले सकते हैं। यह अनोखा स्टार्टअप मॉडल न केवल खरीदारों को राहत दे रहा है, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा कर रहा है।
भारी बैग्स की झंझट से मुक्ति और बदलता शॉपिंग कल्चर
अक्सर देखा जाता है कि त्योहारों, शादियों के सीजन या वीकेंड्स पर जब लोग बाजारों का रुख करते हैं, तो कुछ ही घंटों में उनके हाथ बड़े-बड़े थैलों और पैकेटों से भर जाते हैं। इसके बाद न तो वे सुकून से आगे की खरीदारी कर पाते हैं और न ही बाजारों में मिलने वाले लजीज व्यंजनों का लुत्फ उठा पाते हैं। कई बार भारी सामान के कारण लोग अपनी मनपसंद दुकानों पर जाने की योजना भी टाल देते हैं। ग्राहकों की इसी व्यावहारिक समस्या को भांपते हुए इस सर्विस की रूपरेखा तैयार की गई है। अब जैसे ही आप बाजार में कदम रखेंगे, आप एक ऐप या बाजार में मौजूद हेल्प डेस्क के जरिए अपने लिए एक पर्सनल ‘बैग कैरियर’ बुक कर सकते हैं। यह सहायक पूरी शॉपिंग के दौरान आपके साथ साये की तरह रहेगा और आपके द्वारा खरीदे गए हर छोटे-बड़े बैग को पूरी सुरक्षा के साथ अपने पास संभालेगा। इससे खरीदार बिल्कुल खुले हाथों से, बिना किसी शारीरिक थकान के पूरे बाजार में घूम सकते हैं और अपनी शॉपिंग को एक उत्सव की तरह एन्जॉय कर सकते हैं।
कैसे काम करती है यह सर्विस और क्या है इसकी बुकिंग प्रक्रिया
इस सर्विस को बेहद पारदर्शी और तकनीकी रूप से सुदृढ़ बनाया गया है ताकि ग्राहकों को सुरक्षा या धोखाधड़ी की कोई चिंता न रहे। इसके लिए एक समर्पित मोबाइल एप्लिकेशन लॉन्च किया गया है, जहाँ ग्राहक बाजार का चयन करके अपनी जरूरत के अनुसार सहायक की बुकिंग कर सकते हैं। इसके अलावा, दिल्ली के बड़े बाजारों जैसे लाजपत नगर, करोल बाग और राजौरी गार्डन में विशेष काउंटर और हेल्प डेस्क भी बनाए गए हैं, जहाँ से तुरंत भी इस सेवा का लाभ लिया जा सकता है। बुकिंग करते ही ग्राहक को एक डिजिटल कोड और उनके लिए अलॉट किए गए सहायक की पूरी प्रामाणिक जानकारी जैसे नाम, आधार कार्ड नंबर, लाइव लोकेशन ट्रैकिंग और उनका यूनिक आईडी कार्ड मिल जाता है। यह सहायक एक विशेष वर्दी में होता है और उसके पास एक सुरक्षित, वाटरप्रूफ और पहियों वाला कूरियर बैग या ट्रॉली होती है, जिसमें वह ग्राहक का सारा सामान रखता जाता है। ग्राहक जब तक चाहें, तब तक वह सहायक उनके साथ बाजार में रहेगा और शॉपिंग खत्म होने पर सामान को सुरक्षित रूप से ग्राहक की गाड़ी या मेट्रो स्टेशन तक पहुंचाएगा।
सुरक्षा और विश्वसनीयता के कड़े इंतजाम
किसी अजनबी व्यक्ति को अपनी कीमती शॉपिंग के बैग सौंपना सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ा सवाल खड़ा करता है। इस चिंता को दूर करने के लिए सर्विस प्रदाता कंपनियों ने सुरक्षा के बेहद कड़े और अंतरराष्ट्रीय स्तर के मानक अपनाए हैं। इस काम में नियुक्त किए जाने वाले हर पुरुष और महिला सहायक का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य रूप से कराया जाता है। इसके अलावा, प्रत्येक सहायक के बैग में एक स्मार्ट जीपीएस ट्रैकर (GPS Tracker) लगा होता है, जिससे ग्राहक अपने मोबाइल ऐप पर हर सेकंड की लाइव लोकेशन देख सकते हैं। कंपनियों ने एक और बेहतरीन कदम उठाते हुए प्रत्येक बुकिंग के साथ ‘सामान बीमा’ (Luggage Insurance) की सुविधा भी जोड़ी है। इसका मतलब यह है कि यदि शॉपिंग के दौरान कोई सामान गुम होता है या क्षतिग्रस्त होता है, तो कंपनी ग्राहकों को उसकी पूरी कीमत अदा करेगी। इन पुख्ता इंतजामों के कारण महिलाओं, बुजुर्गों और दूर-दराज से आने वाले पर्यटकों के बीच यह सर्विस बहुत तेजी से लोकप्रिय हो रही है और लोग इस पर पूरा भरोसा जता रहे हैं।
रोजगार का नया जरिया और पॉकेट-फ्रेंडली चार्ज
इस अनोखी सेवा की सबसे खूबसूरत बात यह है कि यह दिल्ली और आस-पास के क्षेत्रों के छात्रों और बेरोजगार युवाओं के लिए पार्ट-टाइम और फुल-टाइम रोजगार का एक बेहतरीन जरिया बनकर उभरी है। कॉलेज की पढ़ाई कर रहे कई युवा वीकेंड्स पर इस काम को करके अच्छी पॉकेट मनी कमा रहे हैं। इसके चार्ज को भी बहुत ही किफायती और आम जनता की जेब के अनुकूल रखा गया है। इसे घंटे के आधार पर तय किया गया है, जिसमें एक घंटे के लिए लगभग सौ से डेढ़ सौ रुपये का शुल्क लिया जाता है। इसके अलावा, पूरे दिन के लिए फिक्स पैकेज भी उपलब्ध हैं। इस मामूली शुल्क के बदले मिलने वाला आराम और मानसिक शांति ग्राहकों के लिए बेहद मूल्यवान साबित हो रही है। इस सेवा से जुड़े युवाओं को न केवल एक निश्चित आय मिलती है, बल्कि उन्हें ग्राहकों से अच्छा व्यवहार करने और बातचीत करने की व्यावसायिक ट्रेनिंग भी दी जाती है, जिससे उनका व्यक्तित्व विकास भी हो रहा है।

दिल्ली के इन प्रमुख बाजारों में मिल रही है सेवा
वर्तमान में इस इनोवेटिव सर्विस को दिल्ली के उन बाजारों में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया गया है जहाँ पैदल चलने की दूरी ज्यादा है और भीड़ अत्यधिक होती है। मध्य दिल्ली के कनॉट प्लेस और चांदनी चौक में इसकी मांग सबसे ज्यादा देखी जा रही है, क्योंकि इन ऐतिहासिक बाजारों में गाड़ियों का अंदर जाना प्रतिबंधित या बेहद मुश्किल होता है। इसके अलावा, दक्षिण दिल्ली के लाजपत नगर (सेंट्रल मार्केट) और सरोजिनी नगर, पश्चिमी दिल्ली के राजौरी गार्डन और करोल बाग के बाजारों में भी ये ‘शॉपिंग कूरियर’ अपनी सेवाएं दे रहे हैं। आने वाले समय में कंपनियों की योजना दिल्ली के सभी प्रमुख मॉल्स और आगामी फेस्टिव सीजन को देखते हुए अन्य छोटे बाजारों में भी इसका विस्तार करने की है। विदेशी पर्यटकों के लिए यह सेवा किसी वरदान से कम नहीं है, क्योंकि वे दिल्ली के पारंपरिक बाजारों को बिना किसी सामान के बोझ के खुलकर एक्सप्लोर कर पा रहे हैं। कुल मिलाकर, यह सर्विस दिल्ली के रिटेल और शॉपिंग इकोसिस्टम को पूरी तरह से बदलने का दम रखती है।
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यह सेवा, जो फिलहाल केवल लाजपत नगर बाजार में उपलब्ध है, बूथों के माध्यम से दी जाती है जहाँ आप 30 मिनट के पैकेज के लिए 79 रुपये से शुरू होने वाले शुल्क पर सहायक किराए पर ले सकते हैं। सेवा की अवधि के आधार पर शुल्क 400 रुपये तक जा सकता है।












