Rishikesh Yoganagari railway station accident News: उत्तराखंड के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल ऋषिकेश से एक बेहद चौंकाने वाली और बड़ी खबर सामने आई है। ऋषिकेश स्थित अत्याधुनिक योगनगरी रेलवे स्टेशन पर सोमवार देर रात एक बड़ा ट्रेन हादसा हो गया। उज्जैन से चलकर ऋषिकेश पहुंचने वाली उज्जैनी एक्सप्रेस ट्रेन वॉशिंग लाइन में साफ-सफाई और शंटिंग प्रक्रिया के दौरान अचानक अनियंत्रित हो गई। रफ्तार अनियंत्रित होने की वजह से ट्रेन ट्रैक के अंतिम छोर पर बने बफर स्टॉप को तोड़ते हुए आगे निकल गई। इस जोरदार टक्कर के कारण ट्रेन के इंजन के ठीक पीछे जुड़े तीन डिब्बे पटरी से उतर गए और पूरी तरह बेपटरी हो गए। देर रात हुए इस हादसे के बाद रेलवे महकमे और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया।

देर रात शंटिंग के दौरान अचानक बिगड़ा संतुलन
प्रत्यक्षदर्शियों और शुरुआती विभागीय जानकारी के अनुसार, उज्जैनी एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय पर शाम को सुरक्षित रूप से योगनगरी ऋषिकेश रेलवे स्टेशन पर पहुंच चुकी थी। सभी यात्रियों के स्टेशन पर उतरने के बाद खाली ट्रेन को उसकी अगली यात्रा के लिए तैयार किया जा रहा था। इसी प्रक्रिया के तहत देर रात ट्रेन को साफ-सफाई और रूटीन मेंटेनेंस के लिए रेलवे स्टेशन की वॉशिंग लाइन की तरफ ले जाया जा रहा था। शंटिंग के दौरान अचानक ट्रेन की गति पर नियंत्रण खो गया और वह अप्रत्याशित रूप से तेजी से आगे बढ़ने लगी। लोको पायलट और शंटिंग स्टाफ जब तक कुछ समझ पाते या आपातकालीन ब्रेक लगा पाते, तब तक ट्रेन ट्रैक के एंड प्वाइंट (अंतिम छोर) पर पहुंच चुकी थी।

बफर स्टॉप से जोरदार टक्कर और मची अफरा-तफरी
तेजी से आगे बढ़ती हुई उज्जैनी एक्सप्रेस का अगला हिस्सा ट्रैक के अंत में सुरक्षा के लिहाज से बनाए गए बफर स्टॉप से बेहद तेज आवाज के साथ टकरा गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि उसकी गूंज दूर-दूर तक सुनाई दी। इस भयानक भिड़ंत के कारण ट्रेन के इंजन के ठीक पीछे लगे तीन कोच (डिब्बे) एक-दूसरे पर दबाव के चलते पटरी से नीचे उतर गए और एक तरफ झुक गए। देर रात के सन्नाटे में हुई इस जोरदार टक्कर और चीखने-चिल्लाने जैसी आवाजों को सुनकर रेलवे स्टेशन के पास स्थित खांड गांव और आसपास के स्थानीय निवासी बेहद घबरा गए। अनहोनी की आशंका के चलते बड़ी संख्या में ग्रामीण और स्थानीय लोग तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े।
प्रशासनिक अमला और सुरक्षा बल मौके पर पहुंचे
हादसे की सूचना जैसे ही रेलवे कंट्रोल रूम को मिली, पूरे रेल प्रशासन में खलबली मच गई। आनन-फानन में राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी), स्थानीय पुलिस और योगनगरी स्टेशन प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों की टीमें दलबल के साथ मौके पर पहुंच गईं। सुरक्षा बलों ने तुरंत पूरे दुर्घटनास्थल को अपने घेरे में ले लिया और राहत व बचाव कार्य की तैयारियां शुरू कर दीं। ऋषिकेश के कोतवाल कैलाश चंद्र भट्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बताया कि दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस की आपातकालीन टीम मौके पर पहुंच गई थी और स्थिति को तुरंत नियंत्रण में लिया गया।
हादसे में कोई हताहत नहीं और टल गई बड़ी त्रासदी
इस पूरे रेल हादसे में सबसे राहत की बात यह रही कि इसमें किसी भी व्यक्ति के घायल या हताहत होने की कोई सूचना नहीं मिली है। चूंकि ट्रेन अपनी यात्रा पूरी कर चुकी थी और केवल मेंटेनेंस के लिए वॉशिंग लाइन में जा रही थी, इसलिए ट्रेन के भीतर कोई भी यात्री सवार नहीं था। शंटिंग स्टाफ और लोको पायलट भी पूरी तरह सुरक्षित बताए जा रहे हैं। यदि यह हादसा यात्रियों से भरी ट्रेन के साथ मुख्य स्टेशन परिसर या किसी चालू ट्रैक पर हुआ होता, तो जान-माल का एक बहुत बड़ा नुकसान हो सकता था। खाली होने की वजह से एक बहुत बड़ी त्रासदी होने से बाल-बाल टल गई।
मंगलवार की सुबह उज्जैन के लिए होनी थी रवाना
हादसे का शिकार हुई उज्जैनी एक्सप्रेस के समय चक्र की बात करें तो यह ट्रेन सोमवार शाम को ऋषिकेश पहुंची थी और इसे सभी जरूरी तकनीकी जांचों और साफ-सफाई के बाद अगले ही दिन यानी मंगलवार की सुबह वापस योगनगरी रेलवे स्टेशन से मध्य प्रदेश के उज्जैन शहर के लिए रवाना होना था। सुबह की यात्रा के लिए ट्रेन पूरी तरह तैयार की जा रही थी, लेकिन रात में ही यह हादसा हो गया। इस घटना के बाद रेलवे प्रशासन के सामने सुबह की सेवा को सुचारू रूप से संचालित करने और यात्रियों को असुविधा से बचाने की एक बड़ी चुनौती खड़ी हो गई, जिसके लिए तुरंत वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर विचार किया जाने लगा।

मुख्य रेलवे ट्रैक पर परिचालन पूरी तरह सुरक्षित
रेलवे के वरिष्ठ तकनीकी अधिकारियों और स्टेशन मास्टर से मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी दुर्घटना मुख्य परिचालन लाइन से दूर वाशिंग और मेंटेनेंस यार्ड के भीतर हुई है। इस वजह से योगनगरी-रायवाला मुख्य रेलवे ट्रैक इस घटना से बिल्कुल भी प्रभावित नहीं हुआ है। ऋषिकेश आने और यहां से जाने वाली अन्य सभी यात्री व मालगाड़ियों का आवागमन पूरी तरह से सामान्य और सुचारू रूप से जारी है। मुख्य मार्ग पर कोई भी बाधा उत्पन्न नहीं हुई है, जिससे रेलवे ने एक बड़ी राहत की सांस ली है और सामान्य यात्री यातायात पर इसका कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ा है।
उच्च स्तरीय जांच शुरू और कारणों की खोज जारी
हादसा किन कारणों से हुआ, इसकी सटीक वजह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाई है। क्या यह लोको पायलट और शंटिंग स्टाफ की मानवीय भूल थी या फिर ट्रेन के ब्रेकिंग सिस्टम में कोई तकनीकी खराबी आई थी, इसकी परतें जांच के बाद ही खुलेंगी। रेलवे प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए घटना के उच्च स्तरीय तकनीकी और प्रशासनिक जांच के आदेश दे दिए हैं। फॉरेंसिक और मैकेनिकल टीमों ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाना शुरू कर दिया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि बफर स्टॉप से टकराने से पहले गति को नियंत्रित क्यों नहीं किया जा सका। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।







