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Rudrapur Child Safety Awareness Campaign News: रुद्रपुर में बच्चों की सुरक्षा के लिए विशेष जागरूकता अभियान, बाल संस्कार शिविर में सीखे आत्मरक्षा और अधिकारों के गुर

On: May 19, 2026 7:27 AM
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Rudrapur Child Safety Awareness Campaign News: रुद्रपुर में बच्चों की सुरक्षा के लिए विशेष जागरूकता अभियान, बाल संस्कार शिविर में सीखे आत्मरक्षा और अधिकारों के गुर
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Rudrapur Child Safety Awareness Campaign News: उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले के रुद्रपुर में बच्चों को उनके मौलिक अधिकारों और व्यक्तिगत सुरक्षा के प्रति सजग बनाने के लिए महिला कल्याण विभाग और स्थानीय समाजसेवी संस्थाओं के संयुक्त तत्वावधान में एक विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया। रुद्रपुर के जगपुरा आवास विकास स्थित बालिका विद्या मंदिर जूनियर हाई स्कूल में आयोजित इस बाल संस्कार शिविर का मुख्य उद्देश्य छात्र-छात्राओं को वर्तमान सामाजिक चुनौतियों और सुरक्षात्मक उपायों से अवगत कराना था। शिविर के दौरान उपस्थित विशेषज्ञों और अधिकारियों ने बच्चों को बाल अधिकार, पॉक्सो एक्ट, गुड टच-बैड टच, बाल विवाह निषेध, बाल श्रम उन्मूलन और बढ़ते साइबर अपराधों से जुड़ी बेहद अहम और व्यावहारिक जानकारियां प्रदान कीं ताकि वे किसी भी विषम परिस्थिति का सामना सूझबूझ से कर सकें।

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photo= Rudrapur Child Safety

इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में मौजूद जिला प्रोबेशन अधिकारी ब्योमा जैन ने छात्र-छात्राओं को आपातकालीन परिस्थितियों में तुरंत सहायता प्राप्त करने के लिए विभिन्न सरकारी हेल्पलाइन नंबरों की उपयोगिता के बारे में विस्तार से समझाया। उन्होंने बच्चों को चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098, साइबर अपराधों की शिकायत के लिए टोल-फ्री नंबर 1930 और आपातकालीन पुलिस सहायता नंबर 112 के इस्तेमाल के बारे में जागरूक किया। उन्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि यदि कोई भी बच्चा खुद को असुरक्षित माहौल में पाता है या उसे किसी भी प्रकार के संरक्षण और सहयोग की आवश्यकता महसूस होती है, तो वह बिना किसी संकोच के जिला बाल कल्याण समिति और चाइल्ड हेल्पलाइन की मदद ले सकता है, जहां उनकी पहचान पूरी तरह गुप्त रखकर त्वरित कानूनी और प्रशासनिक सहायता प्रदान की जाती है।

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जागरूकता शिविर की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए विद्यालय के प्राचार्य धीरज पंत ने कहा कि वर्तमान समय में समाज में पैर पसार रही विभिन्न विकृतियों और आधुनिक खतरों से नौनिहालों को समय रहते सचेत करना बेहद अनिवार्य हो गया है। इस तरह के आयोजनों से बच्चों के भीतर आत्मविश्वास का संचार होता है और वे अपनी सुरक्षा को लेकर अधिक सजग और आत्मनिर्भर बनते हैं। कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली समाजसेवी रेखा अरोरा ने साझा किया कि उनकी संस्था सामाजिक सरोकारों के तहत समय-समय पर इस प्रकार के प्रेरणादायक अभियान चलाकर बच्चों का मार्गदर्शन करती रहती है। वहीं शिविर में शामिल छात्राओं ने भी इस सत्र को अत्यंत उपयोगी और ज्ञानवर्धक बताते हुए कहा कि गुड टच-बैड टच की समझ और कानूनी अधिकारों की जानकारी मिलने से अब वे खुद को पहले से अधिक सुरक्षित महसूस कर रही हैं। महिला कल्याण विभाग ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षित बचपन और उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के लिए जिले के अन्य क्षेत्रों में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रम निरंतर जारी रहेंगे।

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