Uttarakhand Earthquake Today: देहरादून: उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों में एक बार फिर कुदरत का खौफ देखने को मिला है। शनिवार सुबह रुद्रप्रयाग जिले समेत आसपास के इलाकों में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 5.02 मापी गई है। सुबह का वक्त होने के कारण झटके महसूस होते ही लोग गहरी नींद से जाग गए और जान बचाने के लिए बदहवास होकर अपने घरों से बाहर खुले मैदान की ओर भागे।
15 सेकंड तक महसूस किए गए झटके
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार, भूकंप सुबह करीब 5:13:17 बजे आया। झटकों की अवधि लगभग 10 से 15 सेकंड तक रही, जो स्थानीय लोगों के लिए काफी डरावनी थी। भूकंप का केंद्र रुद्रप्रयाग से लगभग 10 किलोमीटर पूर्व में जमीन के भीतर 15 किलोमीटर की गहराई पर स्थित था। तीव्रता अधिक होने के कारण झटके चमोली, पौड़ी और टिहरी जिलों के कुछ हिस्सों में भी महसूस किए गए। (Uttarakhand Earthquake Breaking News)
भूकंप का विवरण और वैज्ञानिक डेटा
| विवरण | जानकारी |
| दिनांक | 11 अप्रैल 2026 |
| समय | सुबह 05:13:17 (IST) |
| तीव्रता | 5.02 (रिक्टर स्केल) |
| केंद्र (Epicenter) | रुद्रप्रयाग से 10 किमी पूर्व |
| गहराई | 15 किलोमीटर |
| प्रभावित क्षेत्र | रुद्रप्रयाग, चमोली, पौड़ी गढ़वाल |
दहशत का माहौल: ‘लगा जैसे घर गिर जाएगा’
स्थानीय निवासियों ने बताया कि सुबह जब वे सो रहे थे, तभी अचानक चारपाई और बर्तन हिलने लगे। रुद्रप्रयाग के एक स्थानीय निवासी ने बताया, “झटका इतना तेज था कि अलमारी में रखे सामान नीचे गिर गए। करीब 15 सेकंड तक धरती हिलती रही, हमें लगा कि कहीं मकान न गिर जाए। हम तुरंत बच्चों को लेकर बाहर भागे।”
गनीमत यह रही कि अब तक किसी भी बड़े जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है। प्रशासन अलर्ट मोड पर है और आपदा प्रबंधन की टीमें संवेदनशील इलाकों से अपडेट ले रही हैं।
क्यों बार-बार कांपता है उत्तराखंड?
वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखें तो उत्तराखंड भूकंप के लिहाज से बेहद संवेदनशील जोन-4 और जोन-5 में आता है। हिमालयी क्षेत्र में टेक्टोनिक प्लेट्स (Indian and Eurasian plates) के बीच हो रही हलचल के कारण यहां अक्सर भूकंप आते रहते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जमीन के नीचे जमा हो रही ऊर्जा जब बाहर निकलती है, तो धरती में कंपन पैदा होता है। रुद्रप्रयाग और चमोली जैसे जिले ‘फॉल्ट लाइन’ के करीब होने के कारण अधिक जोखिम में रहते हैं।
प्रशासन की तैयारी और अपील
भूकंप के तुरंत बाद जिला प्रशासन रुद्रप्रयाग ने आपदा प्रबंधन अधिकारियों को सक्रिय कर दिया है। जिला मजिस्ट्रेट ने सभी तहसीलों से रिपोर्ट मांगी है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और अफवाहों पर ध्यान न दें। यदि झटके दोबारा महसूस हों, तो मजबूत मेज के नीचे शरण लें या खुले स्थान पर चले जाएं।
चारधाम यात्रा पर नजर
वर्तमान में चारधाम यात्रा की तैयारियां जोरों पर हैं और केदारनाथ धाम रुद्रप्रयाग जिले में ही स्थित है। ऐसे में भूकंप के झटके प्रशासन के लिए चिंता का विषय हैं। भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
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