दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-1 के पास सोमवार शाम एक खड़ी हुंडई आई-20 कार में हुए भीषण विस्फोट में अब तक 12 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 29 लोग घायल हुए हैं। यह घटना लगभग शाम 6:52 बजे एक ट्रैफिक सिग्नल पर हुई, जिसने राष्ट्रीय राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जांच और कार्रवाई
विस्फोट की गंभीरता को देखते हुए, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मामले की जांच आधिकारिक तौर पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंप दी है, जिसने गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) और विस्फोटक अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।
- आत्मघाती हमले की आशंका: दिल्ली पुलिस की शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि यह एक फिदायीन (आत्मघाती) हमला हो सकता है। सूत्रों के अनुसार, हमलावर ने फरीदाबाद मॉड्यूल के भंडाफोड़ होने के बाद यह हमला करने की योजना बनाई थी।
- पहचान और धरपकड़: सीसीटीवी फुटेज में कार चलाने वाले नकाबपोश शख्स की पहचान डॉ. मोहम्मद उमर के रूप में हुई है, जिसके तार फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल से जुड़े बताए जा रहे हैं।
- जांच का दायरा: पुलिस ने कार डीलर सहित कई संदिग्धों को हिरासत में लिया है। जांच एजेंसियां उस कार की आवाजाही को ट्रैक कर रही हैं जिसे पहले कनॉट प्लेस और मयूर विहार जैसे इलाकों में देखा गया था।
विस्फोट का स्वरूप
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने धमाके की उच्च तीव्रता की भयावहता का खुलासा किया है। रिपोर्ट के अनुसार, पीड़ितों को कान के पर्दे फटने, फेफड़ों और पेट के अंगों में व्यापक क्षति सहित गंभीर आंतरिक चोटें लगी हैं, जो एक हाई-इम्पैक्ट शॉकवेव की ओर इशारा करता है। फॉरेंसिक टीमें कार के मलबे और शरीर से मिले अमोनियम नाइट्रेट, फ्यूल ऑयल और डेटोनेटर के अंशों की जांच कर रही हैं।
सुरक्षा व्यवस्था
- धमाके के बाद लाल किला मेट्रो स्टेशन को लगातार दूसरे दिन (बुधवार, 12 नवंबर) भी सुरक्षा कारणों से बंद रखा गया है, जबकि लाल किला भी तीन दिनों के लिए बंद कर दिया गया है।
- घायलों का इलाज एलएनजेपी (LNJP) अस्पताल में चल रहा है।
इस घटना के बाद पूरे दिल्ली-एनसीआर में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है और सभी सार्वजनिक स्थानों, रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।









