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	<title>मौसम &#8211; MDANO NEWS</title>
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	<description>Latest Hindi News &#38; Updates</description>
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	<title>मौसम &#8211; MDANO NEWS</title>
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		<title>Uttarakhand News: उत्तराखंड में मानसून ने दी दस्तक,  कल का ऑरेंज अलर्ट</title>
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		<dc:creator><![CDATA[MDANO Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 01 Jul 2026 14:38:29 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[Uttarakhand News: उत्तराखंड में मानसून की दस्तक के साथ ही राजधानी देहरादून सहित पूरे प्रदेश में मूसलाधार बारिश का दौर]]></description>
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<p class="wp-block-paragraph">Uttarakhand News: उत्तराखंड में मानसून की दस्तक के साथ ही राजधानी देहरादून सहित पूरे प्रदेश में मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग ने देहरादून, बागेश्वर, टिहरी, पौड़ी और नैनीताल के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। आपदाओं से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए 2 जुलाई को राज्यभर में 66 जगहों पर व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया जा रहा है, जिसकी कमान खुद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी संभालेंगे। जानिए इस महा-तैयारी और प्रशासनिक अलर्ट की पूरी विस्तृत ग्राउंड रिपोर्ट।</p>



<h2 class="wp-block-heading">देवभूमि में मानसून की दस्तक </h2>



<p class="wp-block-paragraph">उत्तराखंड में तपती और उमस भरी गर्मी से जूझ रहे लोगों के लिए आखिरकार राहत की खबर आई है। देवभूमि में मानसून ने अपनी धमाकेदार दस्तक दे दी है, जिसके साथ ही राजधानी देहरादून समेत प्रदेश के तमाम पहाड़ी और मैदानी इलाकों में झमाझम और मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो गया है। मानसून की इस पहली ही फुहार ने जहां मौसम को खुशनुमा बना दिया है, वहीं दूसरी ओर पर्वतीय जिलों में संभावित आपदाओं का खतरा भी बढ़ा दिया है। इस बदलते और चुनौतीपूर्ण मौसम को देखते हुए मौसम विभाग ने बेहद गंभीरता दिखाई है। विभाग ने देहरादून और बागेश्वर जिले में भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका व्यक्त करते हुए &#8216;ऑरेंज अलर्ट&#8217; (Orange Alert) जारी कर दिया है। मौसम विज्ञानियों की मानें तो यह खतरा अभी टलने वाला नहीं है, क्योंकि आगामी 2 जुलाई को भी देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल और बागेश्वर जैसे संवेदनशील पर्वतीय जनपदों के लिए भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट बरकरार रखा गया है, जिसके चलते प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी</h2>



<p class="wp-block-paragraph">मौसम विभाग की इस गंभीर चेतावनी और लगातार हो रही बारिश को देखते हुए देहरादून के जिलाधिकारी ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया है। उन्होंने जनपदवासियों और बाहर से आने वाले पर्यटकों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए एक बेहद जरूरी और भावुक अपील जारी की है। जिलाधिकारी ने सभी नागरिकों से आग्रह किया है कि जब तक बहुत अधिक आवश्यक न हो, तब तक वे किसी भी प्रकार की लंबी या पहाड़ी यात्रा करने से पूरी तरह बचें। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे समय-समय पर मौसम की अद्यतन (अपडेटेड) जानकारी लेते रहें और स्थानीय प्रशासन व आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी किए जाने वाले सभी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करें। जिलाधिकारी ने विशेष रूप से सचेत किया है कि बरसात के इस शुरुआती दौर में नदी-नालों, उफनते गधेरों और पहाड़ों पर भूस्खलन (लैंडस्लाइड) संभावित क्षेत्रों के आसपास जाने की भूल कतई न करें और अत्यधिक सतर्कता बरतें। इसके साथ ही, उन्होंने जिले के सभी संबंधित विभागों और आपातकालीन अधिकारियों को &#8216;अलर्ट मोड&#8217; में रहने तथा किसी भी आकस्मिक स्थिति से तुरंत और प्रभावी ढंग से निपटने हेतु सभी आवश्यक जीवन रक्षक तैयारियां पूरी रखने के कड़े निर्देश दिए हैं। जनता से यह भी कहा गया है कि यदि कहीं भी कोई अप्रिय घटना या जलभराव की स्थिति दिखे, तो इसकी सूचना तुरंत जिला प्रशासन या नजदीकी आपदा नियंत्रण कक्ष को उपलब्ध कराएं।</p>



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<figure class="wp-block-video"><video height="478" style="aspect-ratio: 848 / 478;" width="848" controls src="https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/07/WhatsApp-Video-2026-07-01-at-1.08.50-PM.mp4"></video><figcaption class="wp-element-caption">Video- Uttarakhand weather update</figcaption></figure>
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</div>



<p class="wp-block-paragraph">मानसून के दौरान पहाड़ों में आने वाली बाढ़, भूस्खलन और क्लाउड बर्स्ट (बादल फटना) जैसी वास्तविक आपदाओं के समय प्रशासनिक प्रतिक्रिया को जांचने के लिए उत्तराखंड सरकार एक बहुत बड़ा कदम उठाने जा रही है। आगामी 02 जुलाई को समूचे राज्य में एक व्यापक और ऐतिहासिक &#8216;मॉक ड्रिल&#8217; (आपदा अभ्यास) का आयोजन किया जाएगा, जिसके लिए शासन स्तर पर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस महा-अभ्यास की अंतिम चरण की तैयारियों और रणनीतियों का सटीक आकलन करने के लिए उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (USDMA) के सचिवालय स्थित &#8216;राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र&#8217; में एक उच्च स्तरीय &#8216;टेबल टॉप एक्सरसाइज&#8217; का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण एक्सरसाइज के दौरान राज्य के सभी 13 जनपदों के जिलाधिकारियों और विभिन्न रेखीय विभागों (लाइन डिपार्टमेंट्स) जैसे सेना, पुलिस, स्वास्थ्य, वन और लोनिवि की आपदा प्रतिक्रिया प्रणाली, आपसी तालमेल, आपातकालीन वायरलेस व सैटेलाइट संचार, आधुनिक खोज व बचाव उपकरणों की उपलब्धता तथा राहत शिविरों की पूरी कार्ययोजना का बहुत ही बारीकी से और विस्तृत परीक्षण किया गया।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><a href="https://mdanonews.com/uttarakhand-pm-svanidhi-scheme-news/">Uttarakhand PM SVANidhi Scheme News: पीएम स्वनिधि महोत्सव में स्ट्रीट वेंडरों को किया गया सम्मानित</a></p>



<p class="wp-block-paragraph">मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कड़े और सीधे निर्देशों के क्रम में आगामी 02 जुलाई को आयोजित होने वाली यह मॉक ड्रिल उत्तराखंड के इतिहास की अब तक की सबसे बड़ी और व्यापक मॉक ड्रिल होने जा रही है। राज्य के सभी 13 जनपदों में मानसून की चुनौतियों का पूरी ताकत और सूझबूझ से सामना करने के लिए अलग-अलग 66 रणनीतिक स्थानों पर एक साथ इस मॉक ड्रिल को अंजाम दिया जाएगा। इस बार के अभियान की सबसे खास और महत्वपूर्ण बात यह है कि जिन 66 स्थानों को इस अभ्यास के लिए चुना गया है, उनमें से लगभग 95 प्रतिशत स्थान बिल्कुल नए हैं, जहां पहले कभी ऐसा अभ्यास नहीं हुआ था। इसका फायदा यह होगा कि नए दुर्गम क्षेत्रों में भी प्रशासन की पहुंच और तैयारियों का वास्तविक टेस्ट हो सकेगा। सूबे के मुखिया पुष्कर सिंह धामी स्वयं इस पूरी मॉक ड्रिल का बहुत बारीकी से निरीक्षण करेंगे और कंट्रोल रूम में बैठकर अधिकारियों की त्वरित निर्णय क्षमता को परखेंगे।</p>



<p class="wp-block-paragraph">इस महा-अभियान के उद्देश्यों और इसकी रूपरेखा को स्पष्ट करते हुए आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विभाग के सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का यह साफ विजन है कि आपदा के समय किसी भी विभाग के बीच आपसी समन्वय (कॉर्डिनेशन) की कमी नहीं होनी चाहिए। इसी विजन के तहत विभिन्न सरकारी और अर्धसरकारी रेखीय विभागों के बीच आपसी तालमेल को मजबूत करने, आपदा राहत उपकरणों और मानव संसाधनों का संकट के समय बेहतर से बेहतर और समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित करने तथा वास्तविक आपदा के समय धरातल पर राहत और बचाव कार्यों को अत्यधिक प्रभावी और त्वरित तरीके से संचालित करने के लिए इस मॉक ड्रिल का खाका तैयार किया गया है।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="925" height="521" src="https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/07/image.png" alt="image" class="wp-image-24091" srcset="https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/07/image.png 925w, https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/07/image-300x169.png 300w, https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/07/image-768x433.png 768w, https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/07/image-150x84.png 150w" sizes="(max-width: 925px) 100vw, 925px" /><figcaption class="wp-element-caption">photo- Uttarakhand weather news</figcaption></figure>



<p class="wp-block-paragraph">सचिव विनोद कुमार सुमन ने आगे जोड़ते हुए कहा कि इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य केवल एक पारंपरिक सरकारी अभ्यास या कोरम पूरा करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा संबंध मानव जीवन की रक्षा से है। इसके माध्यम से हम यह देखना चाहते हैं कि जब अचानक कोई वास्तविक आपदा आएगी, तो हमारे विभिन्न विभागों की तत्परता, सूचना तंत्र की गति, संसाधनों को मौके पर पहुंचाने की रफ्तार और अधिकारियों की त्वरित निर्णय लेने की क्षमता कितनी सुदृढ़ है। उन्होंने एक बहुत ही व्यावहारिक बात साझा करते हुए कहा कि किसी भी प्रभावी आपदा प्रबंधन की सबसे मजबूत आधारशिला उसकी &#8216;पूर्व तैयारी&#8217; होती है। यदि हमारे सभी विभाग मानसून के पूरी तरह सक्रिय होने से पहले ही अपनी सभी व्यवस्थाओं, कमियों और वायरलेस प्रणालियों का जमीनी परीक्षण कर लें और उनमें सुधार कर लें, तो हम किसी भी बड़ी से बड़ी आपदा के दौरान होने वाली जन-धन की हानि को बहुत हद तक कम करने में कामयाब हो सकते हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">आपदा सचिव ने अपनी बात को विराम देते हुए विश्वास जताया कि 2 जुलाई को होने वाले इस व्यापक और सघन अभ्यास के माध्यम से हमारे सिस्टम में छिपी हुई संभावित कमियों, व्यावहारिक चुनौतियों और संचार संबंधी बाधाओं की समय रहते सटीक पहचान हो सकेगी। इन कमियों की पहचान होने के तुरंत बाद उनका तकनीकी और प्रशासनिक समाधान किया जाएगा, ताकि जब वास्तव में मानसून के चरम पर कोई आपातकालीन परिस्थिति पैदा हो, तब हमारी खोज, राहत एवं बचाव टीमें अधिक प्रभावी, पूरी तरह से समन्वित और बिना किसी देरी के त्वरित रूप से धरातल पर एक्शन ले सकें और देवभूमि के प्रत्येक नागरिक व श्रद्धालु की जान की मुस्तैदी से रक्षा की जा सके।</p>
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		<title>Uttarakhand Pauri Garhwal Monsoon News: पौड़ी के प्रभारी सचिव ने लिया आपदा प्रबंधन की तैयारियों का जायजा, दिए ये निर्देश</title>
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		<dc:creator><![CDATA[MDANO Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 29 Jun 2026 18:37:33 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[Uttarakhand Pauri Garhwal Monsoon News: उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जनपद में आगामी मानसून सत्र के मद्देनजर प्रभारी एवं जलागम सचिव]]></description>
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<p class="wp-block-paragraph">Uttarakhand Pauri Garhwal Monsoon News: उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जनपद में आगामी मानसून सत्र के मद्देनजर प्रभारी एवं जलागम सचिव दिलीप जावलकर ने एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। कलेक्ट्रेट सभागार में हुई इस बैठक में संवेदनशील गुमखाल-सतपुली मार्ग की ड्रोन सर्विलांस से निगरानी करने, आपदा परिचालन केंद्र को हाई-टेक बनाने और नयार नदी के पुनर्जीवन के लिए तैयार विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) को एक सप्ताह के भीतर शासन को भेजने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। जानिए मानसून तैयारियों और नदी संरक्षण की इस विस्तृत जमीनी रिपोर्ट को।</p>



<p class="wp-block-paragraph">उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में मानसून का आगमन अपने साथ प्राकृतिक हुस्न के साथ-साथ आपदाओं की गंभीर चुनौतियां भी लेकर आता है। आगामी मानसून सत्र के दौरान संभावित दैवीय आपदाओं, भूस्खलन और अतिवृष्टि जैसी आपातकालीन स्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए <a href="https://share.google/jZIjPwA1g5UxPOe66" target="_blank" rel="noopener">पौड़ी गढ़वाल</a> जिला प्रशासन ने अपनी कमर कस ली है। इसी सिलसिले में जनपद की तैयारियों का धरातलीय जायजा लेने पहुंचे प्रदेश के प्रभारी एवं जलागम सचिव दिलीप जावलकर ने आज कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और उच्च स्तरीय बैठक में विभागवार मानसून तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक के दौरान जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी ने वार्षिक आपदा प्रबंधन कार्ययोजना, जिले के अत्यधिक संवेदनशील और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों की वर्तमान स्थिति, उपलब्ध राहत एवं बचाव संसाधनों, स्थानीय स्वयंसेवकों के विशेष प्रशिक्षण, समय-समय पर आयोजित होने वाले मॉक अभ्यास तथा विभिन्न विभागों के बीच आपसी समन्वय को लेकर तैयार किए गए ब्लूप्रिंट की विस्तृत जानकारी प्रभारी सचिव के समक्ष प्रस्तुत की। इस दौरान वन विभाग की समीक्षा करते हुए डीएफओ गढ़वाल ने एक बड़ी राहत भरी जानकारी दी कि बेहतर प्रबंधन के कारण इस वर्ष वनाग्नि (जंगलों की आग) की घटनाओं में जिले के भीतर किसी भी प्रकार की मानव या जनहानि दर्ज नहीं हुई है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">सभागार की मुख्य बैठक से ठीक पहले प्रभारी सचिव दिलीप जावलकर ने स्वयं जिला आपदा परिचालन केंद्र (कंट्रोल रूम) का औचक निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के दौरान उन्होंने केंद्र में स्थापित संचार प्रणालियों, सैटेलाइट फोन, वायरलेस सेटों और अन्य तकनीकी खोज एवं बचाव उपकरणों की कार्यप्रणाली को बारीकी से देखा और व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की। अधिकारियों और कर्मचारियों को कड़े शब्दों में निर्देशित करते हुए उन्होंने कहा कि मानसून की पूरी अवधि के दौरान सभी संबंधित सरकारी विभाग शत-प्रतिशत सतर्कता, मुस्तैदी और आपसी बेहतर तालमेल (समन्वय) के साथ चौबीसों घंटे कार्य करें। उन्होंने दो टूक लहजे में स्पष्ट किया कि आपदा प्रबंधन से जुड़े सुरक्षा और राहत संसाधनों की जिले में किसी भी स्तर पर या किसी भी मोड़ पर रत्ती भर भी कमी नहीं होनी चाहिए।</p>



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<figure class="wp-block-video"><video height="720" style="aspect-ratio: 1280 / 720;" width="1280" controls src="https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/06/WhatsApp-Video-2026-06-29-at-6.14.37-PM-6.mp4"></video><figcaption class="wp-element-caption">मुख्य बैठक से ठीक पहले प्रभारी सचिव दिलीप जावलकर ने दी जानकारी</figcaption></figure>
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</div>



<p class="wp-block-paragraph">इस महत्वपूर्ण मौके पर मीडिया से बात करते हुए दिलीप जावलकर ने बताया कि उन्होंने आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट हिदायत दी है कि जितने भी खोज एवं बचाव उपकरण (सर्च एंड रेस्क्यू इक्विपमेंट्स) और सैटेलाइट संचार तंत्र जिले के पास उपलब्ध हैं, उनकी नियमित रूप से देखरेख और तकनीकी टेस्टिंग सुनिश्चित रखी जाए ताकि आपातकाल के समय कोई उपकरण निष्प्रभावी साबित न हो। इसके अतिरिक्त, उन्होंने जिला कंट्रोल रूम के भीतर संचालित शिकायत निवारण कक्ष की कार्यप्रणाली को और अधिक चुस्त बनाने पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि मानसून अवधि में कंट्रोल रूम को प्राप्त होने वाली प्रत्येक छोटी-बड़ी सूचना, सड़क बंद होने की खबर या जनसामान्य की शिकायत पर न केवल तुरंत एक्शन लिया जाए, बल्कि संबंधित विभाग द्वारा समस्या का समाधान होने तक उसका लगातार कड़ा फॉलोअप भी रखा जाए। प्रभारी सचिव ने विशेष रूप से कोटद्वार-पौड़ी राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित &#8216;गुमखाल-सतपुली मार्ग&#8217; को मानसून के दौरान भूस्खलन की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील और खतरनाक बताते हुए निर्देश दिए कि इस पूरे मार्ग पर संभावित भूस्खलन और अन्य जोखिमों की चौबीसों घंटे निगरानी के लिए &#8216;ड्रोन सर्विलांस&#8217; (Drone Surveillance) जैसी आधुनिक तकनीक का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए ताकि किसी भी दुर्घटना से पहले ही मार्ग को बंद कर जान-माल की रक्षा की जा सके।</p>



<p class="wp-block-paragraph">आपदा समीक्षा के उपरांत, प्रभारी सचिव और जलागम सचिव दिलीप जावलकर की अध्यक्षता में &#8216;जल स्रोत एवं नदी पुनर्जीवन प्राधिकरण&#8217; (SARA &#8211; सारा) की एक और अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु पौड़ी जिले की जीवनदायिनी मानी जाने वाली &#8216;नयार नदी&#8217; का पुनरुद्धार रहा। सचिव ने नयार नदी के पुनर्जीवन के लिए विभाग द्वारा तैयार की गई &#8216;विस्तृत परियोजना रिपोर्ट&#8217; (DPR) की तकनीकी और व्यावहारिक समीक्षा की। उन्होंने इस दूरगामी और महत्वाकांक्षी पर्यावरण परियोजना की गंभीरता को देखते हुए संबंधित अभियंताओं और अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए कि इस डीपीआर को तमाम आवश्यक संशोधनों के साथ आगामी एक सप्ताह के भीतर अनिवार्य रूप से राज्य शासन को प्रेषित कर दिया जाए, ताकि शासन स्तर से बजटीय और प्रशासनिक स्वीकृति मिलते ही इस पूरी नदी घाटी परियोजना पर धरातल पर शीघ्रता से निर्माण और संरक्षण कार्य शुरू किया जा सके। बैठक में जलागम विभाग के उप निदेशक ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन (PPT) के माध्यम से नयार नदी घाटी संरक्षण परियोजना का एक-एक बिंदुवार विस्तृत ब्यौरा और भविष्य का खाका प्रस्तुत किया।</p>



<p class="wp-block-paragraph">इस विशेष मौके पर नयार नदी के महत्व को रेखांकित करते हुए दिलीप जावलकर ने कहा कि जनपद पौड़ी गढ़वाल की पूरी &#8216;नयार घाटी&#8217; सदियों से स्थानीय निवासियों के लिए पेयजल, कृषि सिंचाई और ग्रामीण आजीविका का सबसे प्रमुख और मजबूत आधार रही है। लेकिन बदलते पर्यावरण और मानवीय हस्तक्षेप के कारण आज यह नदी और इसके सहायक जल स्रोत संकट के दौर से गुजर रहे हैं। ऐसे में नयार नदी और उससे जुड़े पारंपरिक प्राकृतिक जल स्रोतों (धारों-नौलों) का संरक्षण करना केवल एक पर्यावरणीय आवश्यकता नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास की दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण और अपरिहार्य कदम है। उन्होंने दृढ़ता के साथ कहा कि इस वैज्ञानिक नदी पुनर्जीवन योजना के माध्यम से पहाड़ों में तेजी से सूखते जा रहे प्राचीन जल स्रोतों को दोबारा पुनर्जीवित किया जाएगा, जिससे समूची घाटी की दीर्घकालिक जल सुरक्षा (Water Security) हमेशा के लिए सुनिश्चित हो सकेगी।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="947" height="531" src="https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/06/image-235.png" alt="image 235" class="wp-image-24079" srcset="https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/06/image-235.png 947w, https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/06/image-235-300x168.png 300w, https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/06/image-235-768x431.png 768w, https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/06/image-235-150x84.png 150w" sizes="(max-width: 947px) 100vw, 947px" /><figcaption class="wp-element-caption">photo Mdano news</figcaption></figure>



<p class="wp-block-paragraph">उन्होंने इस व्यापक परियोजना के तहत अपनाए जाने वाले तकनीकी और वैज्ञानिक तौर-तरीकों की जानकारी देते हुए बताया कि नयार नदी के कैचमेंट एरिया (जलग्रहण क्षेत्र) में आधुनिक जलागम आधारित उपचार किए जाएंगे। इसके तहत पहाड़ों की ढलानों पर वर्षाजल को रोकने के लिए व्यापक कंटूर ट्रेंच (खंतियां) खोदी जाएंगी, ऊंचे क्षेत्रों में चाल-खाल और छोटे-बड़े पारंपरिक तालाबों का निर्माण किया जाएगा, तथा नदी के छोटे बरसाती नालों पर बड़े पैमाने पर चेकडैम (चेक बांध) बनाए जाएंगे। इस पूरे अभियान को पूरी तरह पारदर्शी और आधुनिक बनाने के लिए विलेज लेवल पर &#8216;माइक्रोप्लानिंग&#8217; की जाएगी और प्रत्येक निर्मित होने वाली संरचना की &#8216;जियोटैगिंग&#8217; (Geotagging) के साथ-साथ &#8216;डिजिटल मॉनिटरिंग&#8217; जैसी उन्नत वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाया जाएगा। प्रभारी सचिव ने विश्वास जताया कि इन समन्वित विजनरी प्रयासों से मानसून के दौरान होने वाले भारी वर्षाजल का पहाड़ियों पर ही बेहतर संरक्षण हो सकेगा, जिससे क्षेत्र के भूजल स्तर (Groundwater Level) में भारी सुधार आएगा, बरसात में होने वाले घातक मृदा अपरदन (मिट्टी के कटाव) पर प्रभावी नियंत्रण मिलेगा और अंततः नयार नदी तंत्र का पूरा पारिस्थितिक संतुलन (Ecological Balance) दोबारा मजबूत और हरा-भरा हो उठेगा।</p>
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		<title>Uttarakhand Weather Update News: उत्तराखंड में मौसम ने फिर ली करवट, जानें कहा बरसेंगे मेघ</title>
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		<dc:creator><![CDATA[MDANO Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 24 Jun 2026 04:52:18 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[Uttarakhand Weather Update News: हिमालय की गोद में बसे देवभूमि उत्तराखंड में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली]]></description>
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<p class="wp-block-paragraph">Uttarakhand Weather Update News: हिमालय की गोद में बसे देवभूमि उत्तराखंड में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। तपती गर्मी और चिलचिलाती धूप से परेशान लोगों के लिए राहत की खबर है, लेकिन पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले स्थानीय निवासियों और चारधाम यात्रा पर आए तीर्थयात्रियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के देहरादून केंद्र ने राज्य के आठ महत्वपूर्ण जिलों के लिए मौसम का विशेष बुलेटिन जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, आने वाले चौबीस घंटों के भीतर प्रदेश के एक बड़े हिस्से में जोरदार मौसमी बदलाव देखने को मिल सकते हैं। इस बदलाव के तहत झमाझम बारिश, तेज आंधी और आकाशीय बिजली का तांडव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने प्रभावित जिलों में प्रशासनिक अमले और आम जनता को पूरी तरह से सतर्क रहने की सलाह दी है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">आठ जिलों के लिए विभाग का अलर्ट</h2>



<p class="wp-block-paragraph">मौसम विज्ञान केंद्र से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, जिन आठ जिलों को विशेष रूप से चिन्हित किया गया है, उनमें उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, नैनीताल, देहरादून, टिहरी और पिथौरागढ़ शामिल हैं। इन सभी जिलों में मौसम के मिजाज को देखते हुए &#8216;यलो अलर्ट&#8217; घोषित कर दिया गया है। इसका सीधा अर्थ यह है कि आने वाले समय में मौसम बेहद खराब हो सकता है, इसलिए लोग अपनी दैनिक योजनाओं को लेकर सचेत रहें और बिना किसी जरूरी काम के असुरक्षित स्थानों पर जाने से बचें। उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और चमोली जैसे जिले, जो धार्मिक और रणनीतिक दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण हैं, वहां इस तरह के बदलावों का असर बहुत जल्दी और व्यापक रूप से दिखाई देता है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">मौसम विभाग ने दी चेतावनी</h2>



<p class="wp-block-paragraph"><a href="https://www.accuweather.com/en/in/dehradun/191339/weather-forecast/191339" target="_blank" rel="noopener">मौसम वैज्ञानिकों</a> ने चेतावनी दी है कि इस दौरान केवल बारिश ही नहीं होगी, बल्कि वायुमंडल में बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण इन आठ जिलों में चालीस से पचास किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने की पूरी संभावना है। इतनी तेज गति से चलने वाली हवाएं पर्वतीय क्षेत्रों में कच्चे मकानों, पेड़ों और बिजली के खंभों को भारी नुकसान पहुंचा सकती हैं। इसके साथ ही, विभाग ने सबसे बड़ी आशंका गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की जताई है। पहाड़ों में आकाशीय बिजली का गिरना अक्सर जान-माल के नुकसान का कारण बनता है, जिसे देखते हुए लोगों को खुले मैदानों, पेड़ों के नीचे या ऊंचे शिखरों पर न जाने की ताकीद की गई है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">हरिद्वार से अल्मोड़ा तक कई जगहों पर बारिश</h2>



<p class="wp-block-paragraph">दूसरी ओर, राज्य के जो जिले इस यलो अलर्ट के दायरे से बाहर हैं, वहां भी मौसम पूरी तरह साफ नहीं रहने वाला है। मौसम विभाग का अनुमान है कि प्रदेश के बाकी बचे जिलों, जिनमें ऊधमसिंह नगर, हरिद्वार, पौड़ी और अल्मोड़ा जैसे क्षेत्र शामिल हैं, वहां भी आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। इन क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर बहुत हल्की से लेकर हल्की बारिश हो सकती है या फिर गरज-चमक के साथ अचानक तेज बौछारें पड़ सकती हैं। इस तरह के आंशिक बदलाव से मैदानी इलाकों के तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे पिछले कुछ समय से उमस और गर्मी झेल रहे लोगों को खासी राहत मिलने की उम्मीद है।</p>



<figure class="wp-block-image size-full is-resized"><img decoding="async" width="500" height="375" src="https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/06/image-204.png" alt="image 204" class="wp-image-23971" style="width:790px;height:auto" srcset="https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/06/image-204.png 500w, https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/06/image-204-300x225.png 300w, https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/06/image-204-150x113.png 150w" sizes="(max-width: 500px) 100vw, 500px" /><figcaption class="wp-element-caption">Photo &#8211; Uttarakhand Weather Update</figcaption></figure>



<p class="wp-block-paragraph">इस मौसमी चेतावनी का सबसे बड़ा असर उत्तराखंड में चल रही चारधाम यात्रा पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। वर्तमान में देश-दुनिया से लाखों श्रद्धालु बाबा केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के दर्शन के लिए पहुंचे हुए हैं। यलो अलर्ट वाले जिलों में उत्तरकाशी (जहां गंगोत्री और यमुनोत्री स्थित हैं), रुद्रप्रयाग (जहां केदारनाथ धाम स्थित है) और चमोली (जहां बद्रीनाथ धाम स्थित है) सीधे तौर पर शामिल हैं। ऐसे में पहाड़ी रास्तों पर सफर कर रहे यात्रियों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी। तेज बारिश के कारण संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और चट्टानें खिसकने का खतरा हमेशा बना रहता है, जिससे यात्रा मार्ग बाधित हो जाते हैं। प्रशासन ने यात्रा मार्गों पर तैनात एसडीआरएफ और स्थानीय पुलिस को मुस्तैद रहने के निर्देश दिए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।</p>



<h2 class="wp-block-heading">पर्यटकों से भी प्रशासन की खास अपील</h2>



<p class="wp-block-paragraph">नैनीताल और देहरादून जैसे पर्यटन केंद्रों में भी इस मौसम का व्यापक असर देखने को मिल सकता है। नैनीताल में सप्ताहांत पर आने वाले पर्यटकों की संख्या काफी अधिक होती है, ऐसे में अंधड़ और तेज बारिश के चलते पर्यटकों को होटलों या सुरक्षित स्थानों के भीतर ही रहने की सलाह दी जा रही है। राजधानी देहरादून के पहाड़ी और मैदानी दोनों ही हिस्सों में हवा की तेज रफ्तार के कारण बिजली आपूर्ति बाधित होने की आशंका जताई जा रही है। नगर निगम और स्थानीय प्रशासन को पेड़ों की टहनियों को छांटने और जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए पहले से ही मुस्तैद रहने को कहा गया है ताकि आम जनजीवन को कम से कम असुविधा हो।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><a href="https://mdanonews.com/uttarakhand-fire-safety-audit-cm-pushkar-singh-dhami/">Uttarakhand Fire Safety Audit News: मुख्यमंत्री ने प्रदेशभर में दिए फायर सेफ्टी ऑडिट कराने के निर्देश</a></p>



<h2 class="wp-block-heading">सेब, आड़ू और प्लम जैसी फसलों को नुकसान की आशंका</h2>



<p class="wp-block-paragraph">कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, इस समय पहाड़ों में कई तरह की नकदी फसलों और फलों का सीजन चल रहा है। बागेश्वर, पिथौरागढ़ और टिहरी के ऊंचाई वाले इलाकों में अचानक होने वाली तेज बारिश और आंधी सेब, आड़ू और प्लम जैसी फसलों को नुकसान पहुंचा सकती है। तेज हवाओं के कारण पेड़ों से फल गिरने की आशंका बनी रहती है, जिससे बागवानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। हालांकि, जो किसान अपनी खरीफ फसलों की बुवाई की तैयारी कर रहे हैं, उनके लिए यह शुरुआती बारिश मिट्टी की नमी बढ़ाने में मददगार साबित हो सकती है। मैदानी इलाकों में भी इस हल्की बारिश से कृषि कार्यों को थोड़ी गति मिलने की संभावना है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">कुल मिलाकर, उत्तराखंड में अगले कुछ दिन बेहद संवेदनशील रहने वाले हैं। मौसम विभाग लगातार उपग्रह से प्राप्त आंकड़ों की निगरानी कर रहा है और पल-पल की जानकारी आपदा प्रबंधन तंत्र के साथ साझा की जा रही है। राज्य सरकार ने भी सभी जिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में आपदा कंट्रोल रूम को चौबीसों घंटे सक्रिय रखने के आदेश दिए हैं। स्थानीय निवासियों और यात्रियों से बार-बार यही अपील की जा रही है कि वे मौसम की पल-पल की अपडेट लेते रहें, स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और नदी-नालों के किनारे जाने से पूरी तरह परहेज करें। प्रकृति के इस बदलते रूप के बीच सतर्कता और समझदारी ही सबसे बड़ा बचाव है।</p>
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		<title>Uttarakhand Weather Update Today: उत्तराखंड  में बारिश का येलो अलर्ट, जानें कैसा रहेगा मौसम</title>
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		<dc:creator><![CDATA[MDANO Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 21 Jun 2026 19:10:23 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[Uttarakhand weather today News: उत्तराखंड में गर्मी और उमस से परेशान लोगों को जून में जल्द ही राहत मिलेगी। मौसम]]></description>
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<p class="wp-block-paragraph">Uttarakhand weather today News: उत्तराखंड में गर्मी और उमस से परेशान लोगों को जून में जल्द ही राहत मिलेगी। मौसम विभाग के अनुसार, मौसम का मिजाज जल्दी बदलने वाला है। भारतीय मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून ने राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों के लिए बारिश और तेज अंधड़ का येलो अलर्ट जारी किया है। इसका असर मैदानी इलाकों पर भी देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, कई दिनों से सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तराखंड के ऊंचे पहाड़ी इलाकों में तापमान में गिरावट हो रही है। हालांकि, मैदानी जिलों में अभी भी शुष्क मौसम के कारण उमस बनी हुई है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">24 प्रतिशत कम बारिश से लोग परेशान</h2>



<p class="wp-block-paragraph">मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, पहाड़ी क्षेत्रों में आकाशीय बिजली, तेज गर्जना और कई किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका जताई गई है। इस चेतावनी का असर पूरे प्रदेश में भी देखा जा सकता है। नौ जिलों में सामान्य से कम बारिश जानकारी के मुताबिक, इस वर्ष जून महीने के पहले तीन हफ्तों में उत्तराखंड के अधिकांश हिस्सों में मानसून पूर्व की बारिश सामान्य से काफी कम रही है। आंकड़ों के अनुसार, देहरादून और हरिद्वार सहित राज्य के नौ जिलों में बारिश सामान्य से कम हुई है। कुछ मैदानी और तराई इलाकों में सामान्य से 76 प्रतिशत तक कम बारिश रिकॉर्ड की गई है। पूरे राज्य में इस अवधि में कुल मिलाकर 24 प्रतिशत कम बारिश हुई है, जिसका प्रतिकूल असर स्थानीय खेती, बागवानी और जल स्रोतों पर पड़ने लगा है। </p>



<h2 class="wp-block-heading">पश्चिमी विक्षोभ कमजोर, जल्द मिलेगी राहत </h2>



<p class="wp-block-paragraph">कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के कारण मैदानी इलाकों में पर्याप्त नमी नहीं पहुंची है, जिससे तापमान बढ़ रहा है। इसके विपरीत, अल्मोड़ा, बागेश्वर, चमोली और टिहरी जैसे पर्वतीय जिलों में स्थिति बेहतर है। टिहरी जिले में इस सीजन में लगभग 93.4 मिलीमीटर बारिश हुई है, जो सामान्य से लगभग 43 प्रतिशत अधिक है। अगले पांच दिनों तक कैसा रहेगा मौसम मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून के साप्ताहिक बुलेटिन के अनुसार, आगामी 25 जून तक राज्य के 11 जिलों में रुक-रुक कर बारिश जारी रहने की उम्मीद है। </p>



<h2 class="wp-block-heading">पर्वतीय इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के आसार</h2>



<p class="wp-block-paragraph">उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, नैनीताल और पिथौरागढ़ जैसे पर्वतीय इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और तीव्र बौछारें आने की चेतावनी दी गई है। अन्य मध्यम ऊंचाई वाले पर्वतीय इलाकों में भी गरज-चमक के साथ बौछारों की संभावना है। इस दौरान हरिद्वार और उधम सिंह नगर में मौसम पूरी तरह शुष्क रहेगा। इन जिलों में 26 जून के बाद मौसम में बड़े बदलाव की उम्मीद है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पहाड़ों में होने वाली यह बारिश तापमान को कम करेगी, जिससे स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को गर्मी से राहत मिलेगी। </p>



<h2 class="wp-block-heading">चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ </h2>



<p class="wp-block-paragraph">चारधाम यात्रा मार्ग पर विशेष एहतियात उत्तराखंड में चल रही चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी है। अब तक लगभग 37 लाख तीर्थयात्री बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के दर्शन कर चुके हैं। मौसम में आ रहे बदलाव और पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन ने यात्रा मार्ग पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। उच्च गढ़वाल हिमालयी क्षेत्रों में तापमान काफी नीचे गिर चुका है। केदारनाथ और गंगोत्री धाम में न्यूनतम तापमान शून्य से 4 डिग्री सेल्सियस तक बना हुआ है, जिससे वहां ठंड का अहसास हो रहा है। </p>



<p class="wp-block-paragraph">यात्रियों को गर्म कपड़े, रेनकोट और जरूरी दवाइयां साथ रखने की सलाह दी गई है। पहाड़ी मार्गों पर भूस्खलन की संवेदनशीलता को देखते हुए तीर्थयात्रियों से अपील की गई है कि वे खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रुकें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। देहरादून सहित मैदानी इलाकों में गर्मी का कहर जहां एक तरफ उत्तराखंड के पहाड़ों में ठंडी हवाएं चल रही हैं और बारिश हो रही है, वहीं दूसरी तरफ, देहरादून समेत मैदानी इलाकों में भीषण गर्मी और उमस है। </p>



<h2 class="wp-block-heading">तापमान 37 डिग्री  के पार, बारिश से राहत की उम्मीद </h2>



<p class="wp-block-paragraph">देहरादून में अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है, जो सामान्य से लगभग 3 डिग्री अधिक है। दोपहर में तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण सड़कों पर सन्नाटा है। लोग केवल जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। शुष्क मौसम और तेज धूप के कारण बिजली की मांग में तेजी आई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि जब तक दक्षिण-पश्चिम मानसून राज्य में पूरी तरह नहीं आएगा, तब तक मैदानी क्षेत्रों में उमस भरी गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद कम है। हालांकि, पहाड़ी इलाकों से आ रही ठंडी हवाएं शाम के समय तापमान में थोड़ी गिरावट लाएंगी। खेती और बागवानी पर मौसम का असर जून में सामान्य से कम बारिश होने से उत्तराखंड के निचले इलाकों और मैदानी भागों के किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं। </p>



<p class="wp-block-paragraph"><a href="https://mdanonews.com/uttarakhand-cm-pushkar-dhami-yoga-day-in-banbasa/">Uttarakhand Yoga Day News: मुख्यमंत्री ने बनबसा में किया सामूहिक योगाभ्यास, योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का किया आह्वान</a></p>



<p class="wp-block-paragraph">धान की रोपाई और अन्य खरीफ फसलों के लिए यह समय बहुत महत्वपूर्ण है, लेकिन पानी की कमी के कारण खेतों की तैयारी प्रभावित हो रही है। पर्वतीय क्षेत्रों में सेब, आड़ू और प्लम जैसे फलों की बागवानी करने वाले किसान भी मौसम की स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि पहाड़ों में होने वाली हल्की से मध्यम बारिश फसलों के लिए फायदेमंद होगी, लेकिन मैदानी इलाकों के किसानों को अपने फसलों की सिंचाई के लिए अन्य संसाधनों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। मौसम विभाग को उम्मीद है कि जून के आखिरी हफ्ते में मानसून की रफ्तार बढ़ने से पूरे राज्य में अच्छी बारिश शुरू होगी, जिससे कृषि क्षेत्र को राहत मिलेगी।</p>



<p class="wp-block-paragraph">मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में जल्द ही बारिश के साथ लोगों को गरमी से राहत मिलने की उम्मीद जताई है। गौर हो कि इस अनुमान के बाद प्रदेश के साथ लगते कई राज्यों में इसका असर देखने को मिल रहा है। वहीं पंजाब, हिमाचल के साथ चंडीगढ़ शहर में भी कई जगहों पर आज रात इसके असर देखने को मिला है। जहां देर रात से बारिश शुरू हो गई है। वहीं इस दौरान बारिश को लेकर लोगों को भी प्रदेश के अत्यधिक ऊंचाई वाले पहाड़ों पर न जाने की भी सलाह दी है। वहीं कई जगह पर बारिश होने से लोगों को राहत जरूर मिली है। </p>



<figure class="wp-block-image size-full is-resized"><img loading="lazy" decoding="async" width="500" height="375" src="https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/06/image-179.png" alt="image 179" class="wp-image-23918" style="width:790px;height:auto" srcset="https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/06/image-179.png 500w, https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/06/image-179-300x225.png 300w, https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/06/image-179-150x113.png 150w" sizes="auto, (max-width: 500px) 100vw, 500px" /></figure>
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		<title>Uttarakhand monsoon 2026: मानसून से पहले अलर्ट मोड में देहरादून, प्रमुख सचिव ने की आपदा तैयारियों एवं पुनर्वास कार्यों की समीक्षा</title>
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		<dc:creator><![CDATA[MDANO Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 18 Jun 2026 17:24:37 +0000</pubDate>
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		<category><![CDATA[Dehradun landslide area]]></category>
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		<category><![CDATA[डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम]]></category>
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					<description><![CDATA[Uttarakhand monsoon 2026 News: देहरादून (उत्तराखंड)। मानसून के आगमन से पहले उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में आपदा प्रबंधन और राहत]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph">Uttarakhand monsoon 2026 News: <strong><a href="https://share.google/0DkYNKLsNjaDRLPif" target="_blank" rel="noopener">देहरादून </a>(उत्तराखंड)।</strong> मानसून के आगमन से पहले उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में आपदा प्रबंधन और राहत व्यवस्थाओं को चुस्त-दुरुस्त करने के लिए शासन और प्रशासन ने पूरी तरह से कमर कस ली है। आगामी वर्षाकाल के दौरान जनहानि और संपत्ति के नुकसान को न्यूनतम करने के उद्देश्य से प्रमुख सचिव एवं जनपद प्रभारी डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक जिला कार्यालय सभागार में आयोजित की गई।</p>



<p class="wp-block-paragraph">इस महत्वपूर्ण बैठक में जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के नेतृत्व में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने मानसून पूर्व (Pre-Monsoon) तैयारियों, जलभराव की समस्या से निपटने के उपायों, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में जारी शमन कार्यों और संवेदनशील आबादी के पुनर्वास से जुड़ी विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत की।</p>



<h2 class="wp-block-heading">देहरादून में मानसून पूर्व तैयारियां</h2>



<p class="wp-block-paragraph">प्रशासन द्वारा इस वर्ष डेटा-आधारित विश्लेषण और पिछले वर्षों के अनुभवों के आधार पर सूक्ष्म योजना (Micro-planning) तैयार की गई है। मुख्य आंकड़ों और व्यवस्थाओं को नीचे दी गई तालिका के माध्यम से समझा जा सकता है:</p>



<figure class="wp-block-table"><table class="has-fixed-layout"><thead><tr><td><strong>मुख्य घटक (Key Components)</strong></td><td><strong>कुल संख्या / स्थिति</strong></td><td><strong>वर्तमान प्रगति व रणनीति</strong></td></tr></thead><tbody><tr><td><strong>कुल प्रमुख नाले</strong></td><td>169</td><td>153 नालों की सफाई पूर्ण, शेष पर कार्य गतिमान</td></tr><tr><td><strong>डी-वॉटरिंग पंप (De-watering Pumps)</strong></td><td>39</td><td>जलभराव वाले संवेदनशील स्थलों (जैसे ISBT) पर तैनाती तय</td></tr><tr><td><strong>चिन्हित भूस्खलन क्षेत्र (Landslide Zones)</strong></td><td>12</td><td>किमाड़ी सहित क्रॉनिक स्लिप जोनों पर विशेष निगरानी</td></tr><tr><td><strong>संवेदनशील विद्यालय (Vulnerable Schools)</strong></td><td>89</td><td>नदी-नालों के समीप स्थित, सुरक्षा के विशेष निर्देश</td></tr><tr><td><strong>संपर्क विहीन संभावित गांव (Isolated Villages)</strong></td><td>73</td><td>भारी बारिश में कनेक्टिविटी टूटने वाले क्षेत्रों की पहचान</td></tr><tr><td><strong>लीकेज मैपिंग (Water Leakage Points)</strong></td><td>18 स्थान</td><td>रिसाव चिन्हित, सुधारीकरण का कार्य प्रगति पर</td></tr></tbody></table></figure>



<h2 class="wp-block-heading">जलभराव और बाढ़ सुरक्षा परियोजनाओं की गहन समीक्षा</h2>



<p class="wp-block-paragraph">प्रमुख सचिव डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम ने बैठक में <strong>सौंग नदी परियोजना</strong>, नंदा की चौकी क्षेत्र में चल रहे सुरक्षा कार्यों, नदी सफाई और चैनलाइजेशन (River Channelization) कार्यों की प्रगति की व्यक्तिगत रूप से समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि मानसून के विधिवत आरंभ होने से पहले सभी लंबित और निर्माणाधीन बाढ़ सुरक्षा कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><a href="https://mdanonews.com/pm-modi-donald-trump-meeting-international-news/">PM Modi Donald Trump Meeting News: मोदी-ट्रंप मुलाकात, भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर पीएम मोदी सख्त</a></p>



<h3 class="wp-block-heading">ISBT क्षेत्र के लिए संयुक्त टीम का गठन</h3>



<p class="wp-block-paragraph">देहरादून का अंतरराज्यीय बस अड्डा (ISBT) क्षेत्र हर वर्ष मानसून में भारी जलभराव का गवाह बनता है। इस बार इस समस्या के स्थायी और त्वरित समाधान के लिए एक संयुक्त टीम का गठन किया गया है।</p>



<ul class="wp-block-list">
<li>इस संयुक्त टीम में <strong>एमडीडीए (MDDA), लोक निर्माण विभाग (PWD), नगर निगम, सिंचाई विभाग और जिला प्रशासन</strong> के अधिकारी शामिल रहेंगे।</li>



<li>यह टीम समन्वित तरीके से ड्रेनेज सिस्टम में सुधार और पानी की तत्काल निकासी सुनिश्चित करेगी।</li>



<li>इसके साथ ही शहर के 12 अन्य प्रमुख नालों के सुधारीकरण और सफाई कार्यों को तत्काल शुरू करने को कहा गया है।</li>
</ul>



<blockquote class="wp-block-quote is-layout-flow wp-block-quote-is-layout-flow">
<p class="wp-block-paragraph"><strong>शॉर्ट ड्यूरेशन हाई इंटेंसिटी रेनफॉल (कम समय में अत्यधिक वर्षा):</strong> बैठक में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि जलवायु परिवर्तन के कारण अब कम समय में बहुत ज्यादा बारिश होने की घटनाएं बढ़ी हैं। इसके लिए मौसम विभाग के सहयोग से डेटा-आधारित विश्लेषण किया जा रहा है ताकि संभावित जलभराव वाले हॉटस्पॉट की अग्रिम पहचान कर वहां पहले से ही सुरक्षात्मक कदम उठाए जा सकें।</p>
</blockquote>



<h2 class="wp-block-heading">भूस्खलन (Landslide) और क्लाउड बर्स्ट को लेकर अलर्ट</h2>



<p class="wp-block-paragraph">उत्तराखंड के पहाड़ी और अर्ध-पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन एक बड़ी चुनौती है। देहरादून जनपद में इस समय <strong>12 लैंडस्लाइड और क्रॉनिक स्लिप जोन</strong> चिन्हित किए गए हैं।</p>



<ul class="wp-block-list">
<li><strong>किमाड़ी क्षेत्र पर विशेष ध्यान:</strong> प्रमुख सचिव ने किमाड़ी जैसे अत्यधिक संवेदनशील क्षेत्रों में केवल तात्कालिक सुरक्षा उपाय करने के बजाय एक स्थायी और दीर्घकालिक (Long-term) कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं ताकि ढलान स्थिरता (Slope Stabilization) सुनिश्चित की जा सके।</li>



<li><strong>पूर्व चेतावनी तंत्र (Early Warning System):</strong> जिन क्षेत्रों में अतिवृष्टि या बादल फटने (Cloud Burst) की संभावना अधिक होती है, वहां सैटेलाइट और रडार आधारित चेतावनी प्रणालियों के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर संचार तंत्र को मजबूत किया जा रहा है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) के वार रूम और नियंत्रण कक्ष (Control Room) को <strong>24×7 सक्रिय</strong> रखने के आदेश दिए गए हैं।</li>
</ul>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="683" src="https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/06/image-148-1024x683.png" alt="image 148" class="wp-image-23825" srcset="https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/06/image-148-1024x683.png 1024w, https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/06/image-148-300x200.png 300w, https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/06/image-148-768x512.png 768w, https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/06/image-148-1536x1024.png 1536w, https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/06/image-148-2048x1366.png 2048w, https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/06/image-148-150x100.png 150w, https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/06/image-148-scaled.png 1600w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /><figcaption class="wp-element-caption">photo Uttarakhand monsoon</figcaption></figure>



<h2 class="wp-block-heading">संवेदनशील आबादी और स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए &#8216;प्रॉम्ट एक्शन प्लान&#8217;</h2>



<p class="wp-block-paragraph">इस समीक्षा बैठक का सबसे मानवीय और महत्वपूर्ण पहलू गर्भवती महिलाओं और स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर बनाई गई रणनीति रही।</p>



<h3 class="wp-block-heading">गर्भवती महिलाओं के लिए एडवांस रिलीफ प्लान</h3>



<p class="wp-block-paragraph">जनपद के <strong>73 गांव</strong> ऐसे चिन्हित किए गए हैं, जो भारी बारिश के दिनों में मुख्य मार्गों से कट जाते हैं और जहां नदी-नाले उफान पर आने से कनेक्टिविटी पूरी तरह बाधित हो जाती है।</p>



<ol start="1" class="wp-block-list">
<li>प्रशासन ने इन गांवों की सभी गर्भवती महिलाओं का डेटाबेस तैयार कर लिया है।</li>



<li>प्रसव की संभावित तिथि (EDD) के आधार पर मानसून अवधि के दौरान इन महिलाओं को समय से पहले ही नजदीकी चिकित्सालयों या सुरक्षित स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती करा दिया जाएगा।</li>



<li>अस्पताल में रहने के दौरान गर्भवती महिला और उनके साथ आने वाले तीमारदार (Attendant) के रहने और भोजन आदि का पूरा खर्च स्वास्थ्य विभाग द्वारा वहन किया जाएगा।</li>
</ol>



<h3 class="wp-block-heading">जोखिमयुक्त विद्यालयों की निगरानी</h3>



<p class="wp-block-paragraph">बरसात के मौसम में उफान पर आने वाले नदी-नालों के मार्ग में पड़ने वाले <strong>89 स्कूलों</strong> की पहचान की गई है। जिला शिक्षा अधिकारी और स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि अत्यधिक बारिश की चेतावनी (Red/Orange Alert) के दौरान इन स्कूलों में एहतियातन छुट्टी घोषित की जाए या वैकल्पिक सुरक्षित स्थानों से कक्षाओं का संचालन किया जाए।</p>



<h3 class="wp-block-heading">वेक्टर जनित बीमारियों (Dengue &amp; Malaria) पर वार</h3>



<p class="wp-block-paragraph">स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों की समीक्षा करते हुए प्रमुख सचिव ने जलभराव वाले स्थानों पर विशेष नजर रखने को कहा। मानसून के साथ ही <strong>डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया</strong> जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसके लिए:</p>



<ul class="wp-block-list">
<li>पूरे जनपद में नियमित फॉगिंग और कीटनाशक दवाओं का छिड़काव सुनिश्चित किया जाएगा।</li>



<li>आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से जन-जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे।</li>



<li>पेयजल आपूर्ति लाइनों में रिसाव रोकने के लिए जो 18 लीकेज पॉइंट चिन्हित किए गए हैं, उन्हें तुरंत ठीक किया जा रहा है ताकि दूषित पानी से होने वाली बीमारियों (Water-borne diseases) पर लगाम लगाई जा सके।</li>
</ul>



<h2 class="wp-block-heading">कृषि क्षेत्र और ग्राउंड जीरो का निरीक्षण</h2>



<p class="wp-block-paragraph">आपदा प्रबंधन के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नुकसान से बचाने के लिए कृषि विभाग को भी अलर्ट किया गया है। विभाग को निर्देशित किया गया है कि मानसून के दौरान किसानों को खाद, उन्नत बीज और अन्य आवश्यक कृषि इनपुट्स की उपलब्धता में किसी भी प्रकार की देरी न हो। इसके अलावा, तेज हवाओं और बारिश के कारण संभावित वृक्ष गिरने (Tree Falling) की घटनाओं को रोकने के लिए चिन्हित जर्जर और खतरनाक पेड़ों की समयबद्ध छंटनी या निस्तारण के निर्देश दिए गए हैं। रैन बसेरों और राहत शिविरों (Relief Camps) को सभी आवश्यक राशन और चिकित्सा किट के साथ तैयार रखने को कहा गया है।</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="768" src="https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/06/image-149-1024x768.png" alt="image 149" class="wp-image-23826" srcset="https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/06/image-149-1024x768.png 1024w, https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/06/image-149-300x225.png 300w, https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/06/image-149-768x576.png 768w, https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/06/image-149-150x113.png 150w, https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/06/image-149.png 1280w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /><figcaption class="wp-element-caption">photo- Uttarakhand monsoon</figcaption></figure>



<h3 class="wp-block-heading">कार्लीगाड़ और माझाड़ा का स्थलीय निरीक्षण</h3>



<p class="wp-block-paragraph">बैठक के समापन के तुरंत बाद प्रमुख सचिव डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम और जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने अधिकारियों की टीम के साथ ग्राउंड जीरो का रुख किया। उन्होंने <strong>कार्लीगाड़ एवं माझाड़ा क्षेत्र</strong> सहित पिछले वर्ष की आपदाओं से प्रभावित रहे विभिन्न स्थलों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्रभावित परिवारों के पुनर्वास (Rehabilitation) कार्यों की गति, नदी चैनलाइजेशन (River Channelization) परियोजनाओं और विस्थापितों के लिए की गई व्यवस्थाओं का जायजा लिया और मौके पर ही अधिकारियों को आवश्यक तकनीकी और प्रशासनिक दिशा-निर्देश जारी किए।</p>



<p class="wp-block-paragraph">प्रशासन की इस मुस्तैदी और अग्रिम तैयारियों से स्पष्ट है कि इस बार देहरादून में मानसून की चुनौतियों से निपटने के लिए &#8220;प्रतिक्रियात्मक&#8221; (Reactive) होने के बजाय &#8220;निवारक&#8221; (Proactive) दृष्टिकोण अपनाया जा रहा है, ताकि हर एक नागरिक की जान-माल की मुकम्मल सुरक्षा की जा सके। <a href="https://whatsapp.com/channel/0029Vb7fDVG5Ui2XSGNtIn0X" target="_blank" rel="noopener">Mdano News</a></p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="768" src="https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/06/image-150-1024x768.png" alt="image 150" class="wp-image-23827" srcset="https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/06/image-150-1024x768.png 1024w, https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/06/image-150-300x225.png 300w, https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/06/image-150-768x576.png 768w, https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/06/image-150-150x113.png 150w, https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/06/image-150.png 1280w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /><figcaption class="wp-element-caption">photo- Uttarakhand monsoon</figcaption></figure>
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		<title>Uttarakhand Weather Update News: उत्तराखंड में तीन दिन के लिए बारिश का अलर्ट जारी, एहतियात बरतने की सलाह</title>
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		<dc:creator><![CDATA[MDANO Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 05 Jun 2026 16:39:50 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[मौसम]]></category>
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		<category><![CDATA[Heavy Rain in Uttarakhand]]></category>
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		<category><![CDATA[Uttarakhand Weather Update]]></category>
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		<category><![CDATA[उत्तराखंड में बारिश का अलर्ट]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तराखंड मौसम समाचार]]></category>
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		<category><![CDATA[मौसम विभाग देहरादून]]></category>
		<category><![CDATA[हिंदी में समाचार]]></category>
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					<description><![CDATA[Uttarakhand Weather Update News: उत्तराखंड में गर्मी के सितम के बीच मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है।]]></description>
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<p class="wp-block-paragraph">Uttarakhand Weather Update News: उत्तराखंड में गर्मी के सितम के बीच मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून (MeT Department Dehradun) ने राज्य के पर्वतीय और मैदानी दोनों ही क्षेत्रों के लिए अगले तीन दिनों का एक बड़ा वेदर अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक, 5 जून से लेकर 7 जून तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में तेज आंधी-तूफान, मूसलाधार बारिश और आकाशीय बिजली गिरने (Lightning Strikes) की प्रबल आशंका है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">इस बदलते मौसम को देखते हुए राज्य आपदा परिचालन केंद्र ने सभी जिलाधिकारियों (DM) और आपदा प्रबंधन टीमों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="576" src="https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/06/image-32-1024x576.png" alt="image 32" class="wp-image-23601" srcset="https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/06/image-32-1024x576.png 1024w, https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/06/image-32-300x169.png 300w, https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/06/image-32-768x432.png 768w, https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/06/image-32-150x84.png 150w, https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/06/image-32.png 1200w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /><figcaption class="wp-element-caption">photo- Uttarakhand Weather Update</figcaption></figure>



<h2 class="wp-block-heading">इन जिलों में रहेगा सबसे ज्यादा असर (5 जून की चेतावनी)</h2>



<p class="wp-block-paragraph">मौसम विभाग के बुलेटिन के अनुसार, 5 जून को राज्य के कई प्रमुख जिलों में मौसम का सबसे उग्र रूप देखने को मिल सकता है। राजधानी <strong>देहरादून</strong> सहित <strong>टिहरी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और नैनीताल</strong> जैसे जिलों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश और ओलावृष्टि (Hailstorm) की संभावना जताई गई है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">इन क्षेत्रों में मौसम विभाग ने विशेष रूप से चेतावनी दी है कि बारिश के साथ-साथ <strong>40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार</strong> से विनाशकारी तेज हवाएं (Gale Winds) चल सकती हैं। ऐसी स्थिति में कमजोर पेड़ों के गिरने, बिजली के खंभे उखड़ने और यातायात बाधित होने का खतरा बढ़ जाता है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><a href="https://mdanonews.com/kainchi-dham-mela-neeb-karori-baba-darshan-june-15/">Kainchi Dham Mela 2026: कैंची धाम मेला, 14 और 15 जून को निजी वाहनों की ‘नो एंट्री’</a></p>



<h3 class="wp-block-heading">उत्तराखंड के अन्य प्रभावित जिले</h3>



<p class="wp-block-paragraph">इसके अलावा <strong>पौड़ी, पिथौरागढ़ और चंपावत</strong> जिलों में भी मौसम का मिजाज बेहद तल्ख रहेगा। यहाँ भी तेज आंधी के साथ भारी बौछारें पड़ने और बिजली चमकने का अलर्ट जारी किया गया है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">मैदानी इलाकों के लिए भी &#8216;येलो अलर्ट&#8217;</h2>



<p class="wp-block-paragraph">पहाड़ी इलाकों के साथ-साथ उत्तराखंड के मैदानी जिलों—<strong>हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर</strong>—में भी मौसम विभाग ने &#8216;येलो अलर्ट&#8217; (Yellow Alert) जारी किया है। हालांकि यहाँ पहाड़ों जितनी तेज बारिश की संभावना नहीं है, लेकिन धूल भरी आंधी, बादलों की आवाजाही और हल्की से मध्यम बारिश की वजह से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे लोगों को चिलचिलाती गर्मी से राहत तो मिलेगी, लेकिन सतर्कता बरतनी बेहद जरूरी है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद, जिलाधिकारियों को सख्त निर्देश</h2>



<p class="wp-block-paragraph">मौसम की संवेदनशीलता और चारधाम यात्रा (Char Dham Yatra) के पीक सीजन को देखते हुए उत्तराखंड प्रशासन किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरत रहा है। राज्य आपदा परिचालन केंद्र ने सभी 13 जिलों के जिलाधिकारियों को सतर्क रहने और सभी सुरक्षात्मक उपाय सुनिश्चित करने के आदेश जारी किए हैं।</p>



<figure class="wp-block-image size-full is-resized"><img loading="lazy" decoding="async" width="767" height="425" src="https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/06/image-31.png" alt="image 31" class="wp-image-23600" style="width:790px;height:auto" srcset="https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/06/image-31.png 767w, https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/06/image-31-300x166.png 300w, https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/06/image-31-150x83.png 150w" sizes="auto, (max-width: 767px) 100vw, 767px" /><figcaption class="wp-element-caption">फोटो- मौसम विभाग का अधिकारी</figcaption></figure>



<blockquote class="wp-block-quote is-layout-flow wp-block-quote-is-layout-flow">
<p class="wp-block-paragraph"><strong>प्रशासनिक गाइडलाइन:</strong></p>



<ul class="wp-block-list">
<li>सभी संवेदनशील और लैंडस्लाइड (भूस्खलन) संभावित क्षेत्रों में जेसीबी (JCB) और राहत टीमें तैनात की जाएं।</li>



<li>नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क किया जाए।</li>



<li>आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी अधिकारियों के मोबाइल फोन 24 घंटे ऑन रहें।</li>
</ul>
</blockquote>



<h2 class="wp-block-heading">चारधाम यात्रियों और पर्यटकों के लिए विशेष एडवायजरी</h2>



<p class="wp-block-paragraph">यह समय उत्तराखंड में पर्यटन और चारधाम यात्रा का है। ऐसे में मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन ने बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए एक महत्वपूर्ण एडवायजरी जारी की है:</p>



<ul class="wp-block-list">
<li><strong>यात्रा रोक-रोक कर करें:</strong> यदि आप उत्तरकाशी (गंगोत्री-यमुनोत्री), रुद्रप्रयाग (केदारनाथ) या चमोली (बद्रीनाथ) की यात्रा पर हैं, तो मौसम खराब होने की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर ही रुकें।</li>



<li><strong>बिजली चमकने पर बरतें सावधानी:</strong> पहाड़ों में आकाशीय बिजली गिरने का खतरा अधिक होता है। गड़गड़ाहट की आवाज सुनाई देने पर तुरंत पक्के मकानों या गाड़ियों के अंदर शरण लें। पेड़ों के नीचे या खुले मैदानों में खड़े होने से बचें।</li>



<li><strong>लैंडस्लाइड जोन से बचें:</strong> तेज बारिश के दौरान पहाड़ों में भूस्खलन (Landslides) और चट्टानें गिरने की घटनाएं आम हो जाती हैं। इसलिए रात के समय पहाड़ों में सफर करने से पूरी तरह परहेज करें।</li>
</ul>



<h2 class="wp-block-heading">यात्रा के दौरान क्या करें और क्या न करें?</h2>



<p class="wp-block-paragraph">आगामी 7 जून तक उत्तराखंड का मौसम अनप्रेडिक्टेबल (अस्थिर) रहने वाला है। स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को सलाह दी जाती है कि वे स्थानीय समाचारों और मौसम विभाग के अपडेट्स पर लगातार नजर बनाए रखें। तेज हवाएं चलने के दौरान सुरक्षित इमारतों में रहें और अपनी गाड़ियों को पेड़ों या कमजोर ढांचों के नीचे पार्क न करें।</p>
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		<title>Uttarakhand Weather: उत्तराखंड में आज बारिश-ओलावृष्टि का अलर्ट, 40-50 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं</title>
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		<dc:creator><![CDATA[MDANO Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 30 May 2026 06:41:38 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[मौसम]]></category>
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					<description><![CDATA[Uttarakhand Weather Update: देहरादून: उत्तराखंड में पिछले कुछ दिनों से जारी भीषण गर्मी और लू (Heatwave) के प्रकोप के बाद]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph">Uttarakhand Weather Update: <strong>देहरादून:</strong> उत्तराखंड में पिछले कुछ दिनों से जारी भीषण गर्मी और लू (Heatwave) के प्रकोप के बाद मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के देहरादून केंद्र ने राज्य के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में तेज आंधी-तूफान, आकाशीय बिजली चमकने और ओलावृष्टि को लेकर &#8216;ऑरेंज&#8217; और &#8216;यलो&#8217; अलर्ट जारी किया है। पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे स्थानीय निवासियों और चारधाम यात्रा पर आए तीर्थयात्रियों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश दर्ज की गई है, जिसमें नैनीताल जिले के खूबसूरत पर्यटक स्थल <strong><a href="https://share.google/N4A5jYd6KBVXpaDZO" target="_blank" rel="noopener">मुक्तेश्वर </a>में सबसे ज्यादा 28.5 मिलीमीटर (मिमी) बारिश</strong> रिकॉर्ड की गई है। इसके साथ ही मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आज राज्य के कई हिस्सों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झक्कड़ (तूफानी हवाएं) चल सकती हैं।</p>



<h2 class="wp-block-heading">मुक्तेश्वर में सबसे ज्यादा बारिश, बागेश्वर में बिछी ओलों की सफेद चादर</h2>



<p class="wp-block-paragraph"><a href="https://www.accuweather.com/en/in/mukteshwar/3014461/weather-forecast/3014461" target="_blank" rel="noopener">मौसम विज्ञान केंद्र</a> के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में कुमाऊं और गढ़वाल दोनों ही मंडलों के मौसम में व्यापक बदलाव देखा गया है। मुक्तेश्वर में जहां 28.5 मिमी बारिश ने पूरी घाटी को ठंडा कर दिया है, वहीं बागेश्वर और आसपास के ऊंचाई वाले ग्रामीण क्षेत्रों में भारी ओलावृष्टि हुई है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, ओलावृष्टि इतनी तीव्र थी कि सड़कों, छतों और खेतों पर ओलों की मोटी सफेद परत जमा हो गई, जिससे मई के महीने में भी दिसंबर जैसी ठंड का अहसास होने लगा है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><a href="https://mdanonews.com/uttarakhand-weather-update-news-in-hindi/">Uttarakhand Weather Update News: पिथौरागढ़-चमोली में बर्फबारी, 3 जिलों में बारिश से मौसम सुहावना</a></p>



<p class="wp-block-paragraph">इसके अलावा चमोली, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बौछारें गिरी हैं। इस बारिश के कारण पिछले कई हफ्तों से धधक रही उत्तराखंड के जंगलों की आग (Forest Fires) काफी हद तक शांत हो गई है, जिससे पर्यावरण और वन विभाग ने बड़ी राहत की सांस ली है। वायुमंडल में जमा धुंध और प्रदूषण भी इस बारिश के बाद साफ हो गया है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">जिलों के अनुसार मौसम का पूर्वानुमान</h2>



<p class="wp-block-paragraph">मौसम विभाग ने उत्तराखंड के भौगोलिक क्षेत्रों को देखते हुए अलग-अलग जिलों के लिए एडवाइजरी और चेतावनी जारी की है:</p>



<figure class="wp-block-table"><table class="has-fixed-layout"><thead><tr><th>जिला समूह</th><th>अलर्ट का प्रकार</th><th>संभावित मौसम स्थितियां</th></tr></thead><tbody><tr><td><strong>उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, पिथौरागढ़</strong></td><td><strong>ऑरेंज अलर्ट (Orange Alert)</strong></td><td>भारी बारिश, तीव्र ओलावृष्टि, आकाशीय बिजली चमकना और 50 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं।</td></tr><tr><td><strong>देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल</strong></td><td><strong>यलो अलर्ट (Yellow Alert)</strong></td><td>गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश, कहीं-कहीं ओले गिरने की संभावना और तेज हवाएं।</td></tr><tr><td><strong>हरिद्वार, उधम सिंह नगर</strong></td><td><strong>सामान्य से यलो अलर्ट</strong></td><td>आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे, धूल भरी तेज आंधी चलने की आशंका और छिटपुट बौछारें।</td></tr></tbody></table></figure>



<blockquote class="wp-block-quote is-layout-flow wp-block-quote-is-layout-flow">
<p class="wp-block-paragraph"><strong>मौसम वैज्ञानिक की चेतावनी:</strong> &#8220;मैदानी इलाकों से लेकर 3000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों तक अगले 48 घंटों में मौसम संवेदनशील बना रहेगा। विशेषकर पहाड़ी ढलानों पर यात्रा करने वाले लोगों को भूस्खलन (Landslides) के प्रति सतर्क रहना चाहिए।&#8221;</p>
</blockquote>



<h2 class="wp-block-heading">चारधाम यात्रियों और पर्यटकों के लिए विशेष गाइडलाइन</h2>



<p class="wp-block-paragraph">मौसम के इस बदले मिजाज का सीधा असर उत्तराखंड में चल रही प्रसिद्ध चारधाम यात्रा पर पड़ा है। केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धामों में कड़ाके की ठंड लौट आई है। ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी और निचले इलाकों में लगातार हो रही बारिश को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है।</p>



<ul class="wp-block-list">
<li><strong>हेलीकॉप्टर सेवाएं निलंबित:</strong> खराब दृश्यता (Low Visibility) और तेज हवाओं के कारण केदारनाथ धाम के लिए गुप्तकाशी, सिरसी, फाटा और सोनप्रयाग से संचालित होने वाली हेलीकॉप्टर सेवाओं को एहतियातन अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। मौसम साफ होने पर ही उड़ानें फिर से शुरू की जाएंगी।</li>



<li><strong>यात्रियों को सलाह:</strong> राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) ने तीर्थयात्रियों से अपील की है कि वे अपनी यात्रा शुरू करने से पहले मौसम का अपडेट जरूर देख लें। पहाड़ी रास्तों पर सफर करते समय नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर और पहाड़ों से गिरते पत्थरों (Shooting Stones) को लेकर विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। यात्रियों को अपने साथ पर्याप्त मात्रा में गर्म कपड़े, रेनकोट और जरूरी दवाइयां रखने की सलाह दी गई है।</li>
</ul>



<h2 class="wp-block-heading">किसानों के चेहरे पर चिंता: फसलों और बागवानों को नुकसान</h2>



<p class="wp-block-paragraph">जहां एक तरफ इस बारिश और ओलावृष्टि ने आम जनता को जानलेवा गर्मी से राहत दी है, वहीं दूसरी तरफ उत्तराखंड के काश्तकारों और बागवानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। मई और जून का महीना पहाड़ी क्षेत्रों में नकदी फसलों और फलों के पकने का समय होता है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">बागेश्वर, पिथौरागढ़ और नैनीताल के पहाड़ी ब्लॉकों में हुई भारी ओलावृष्टि के कारण सेब, आडू, पुलम और खुबानी की फसलों को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका है। ओलों की मार से पेड़ों पर लगे फल टूटकर गिर गए हैं, जिससे बागवानों को आर्थिक क्षति का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही मैदानी और घाटी वाले क्षेत्रों में टमाटर, शिमला मिर्च और फ्रासबीन जैसी सब्जियों की नर्सरियों को भी नुकसान पहुंचा है। हालांकि, कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यह बारिश धान की पौध (नर्सरी) लगाने के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगी, बशर्ते वहां ओले न गिरे हों।</p>



<figure class="wp-block-image size-full is-resized"><img loading="lazy" decoding="async" width="768" height="389" src="https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/05/image-205.png" alt="image 205" class="wp-image-23495" style="width:790px;height:auto" srcset="https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/05/image-205.png 768w, https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/05/image-205-300x152.png 300w, https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/05/image-205-150x76.png 150w" sizes="auto, (max-width: 768px) 100vw, 768px" /><figcaption class="wp-element-caption">photo- Uttarakhand Weather</figcaption></figure>



<h2 class="wp-block-heading">प्रशासन की तैयारियां और मुस्तैदी</h2>



<p class="wp-block-paragraph">मौसम विभाग की ओर से 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और भारी बारिश के अलर्ट को देखते हुए शासन स्तर पर सभी जिलाधिकारियों (DM) को 24 घंटे हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए गए हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph">आपदा प्रबंधन सचिव ने बताया कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) और स्थानीय पुलिस की टीमों को संवेदनशील और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में तैनात कर दिया गया है। लोक निर्माण विभाग (PWD), सीमा सड़क संगठन (BRO) और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को निर्देश दिए गए हैं कि यदि भारी बारिश या पेड़ गिरने के कारण कोई भी मुख्य मार्ग बाधित होता है, तो उसे तुरंत भारी मशीनों (JCB) की मदद से बहाल किया जाए, ताकि चारधाम यात्रियों और स्थानीय यातायात को कोई असुविधा न हो। इसके अतिरिक्त, ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली के पोल गिरने से बाधित हुई विद्युत आपूर्ति को जल्द से जल्द सुचारू करने के लिए ऊर्जा निगम की टीमें भी तैनात की गई हैं।</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="576" src="https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/05/image-207-1024x576.png" alt="image 207" class="wp-image-23497" srcset="https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/05/image-207-1024x576.png 1024w, https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/05/image-207-300x169.png 300w, https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/05/image-207-768x432.png 768w, https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/05/image-207-1536x864.png 1536w, https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/05/image-207-150x84.png 150w, https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/05/image-207.png 1600w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /><figcaption class="wp-element-caption">photo- Uttarakhand Weather</figcaption></figure>



<p class="wp-block-paragraph">आने वाले तीन से चार दिनों तक उत्तराखंड के अधिकांश हिस्सों में तापमान सामान्य से कम रहने की उम्मीद है, जिससे जून के शुरुआती हफ्ते की शुरुआत बेहद खुशनुमा मौसम के साथ होगी।</p>



<figure class="wp-block-image size-full is-resized"><img loading="lazy" decoding="async" width="421" height="237" src="https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/05/image-208.png" alt="image 208" class="wp-image-23499" style="width:790px;height:auto" srcset="https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/05/image-208.png 421w, https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/05/image-208-300x169.png 300w, https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/05/image-208-150x84.png 150w" sizes="auto, (max-width: 421px) 100vw, 421px" /></figure>
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		<title>Uttarakhand Weather Update News: पिथौरागढ़-चमोली में बर्फबारी, 3 जिलों में बारिश से मौसम सुहावना</title>
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		<dc:creator><![CDATA[MDANO Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 29 May 2026 16:21:22 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[मौसम]]></category>
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<p class="wp-block-paragraph">Uttarakhand Weather Update News: उत्तराखंड में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है, जिससे राज्य के पर्वतीय और मैदानी इलाकों में तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। पिछले कुछ दिनों से जारी भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप से परेशान लोगों को इस मौसम परिवर्तन से बड़ी राहत मिली है। देहरादून मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के 7 जिलों के लिए &#8216;ऑरेंज अलर्ट&#8217; (नारंगी चेतावनी) जारी किया है, जिसमें तेज आंधी-तूफान, भारी बारिश और आकाशीय बिजली चमकने की आशंका जताई गई है। राज्य के उच्च हिमालयी क्षेत्रों, विशेषकर पिथौरागढ़ और चमोली में ताजा बर्फबारी दर्ज की गई है, जबकि मसूरी सहित 4 प्रमुख शहरों में भारी ओलावृष्टि हुई है। इसके साथ ही 9 अन्य जिलों में तेज बौछारें पड़ने से पूरा प्रदेश शीत लहर की चपेट में आ गया है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">पिथौरागढ़ और चमोली के उच्च पर्वतीय इलाकों में भारी बर्फबारी</h2>



<p class="wp-block-paragraph"><a href="https://mausam.imd.gov.in/dehradun/mcdata/DISTRICT_FORECAST.pdf" target="_blank" rel="noopener">मौसम विभाग</a> के पूर्वानुमान के मुताबिक, उत्तराखंड के 3800 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। सीमांत जिले पिथौरागढ़ और चमोली के साथ-साथ उत्तरकाशी के उच्च पर्वतीय इलाकों में गुरुवार देर रात से ही बर्फबारी का सिलसिला शुरू हो गया। केदारनाथ, बद्रीनाथ, हेमकुंड साहिब और मुनस्यारी के उच्च शिखरों पर बर्फ की सफेद चादर बिछ गई है। पिथौरागढ़ के धारचूला और मुनस्यारी के ऊपरी इलाकों में हिमपात के कारण तापमान शून्य से नीचे (माइनस में) पहुंच गया है। इस असमय बर्फबारी के कारण जहां निचले इलाकों में ठंडी हवाएं चल रही हैं, वहीं चारधाम यात्रा पर आए तीर्थयात्रियों को भी एहतियात बरतने की सलाह दी गई है।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="972" height="492" src="https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/05/image-197.png" alt="image 197" class="wp-image-23481" srcset="https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/05/image-197.png 972w, https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/05/image-197-300x152.png 300w, https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/05/image-197-768x389.png 768w, https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/05/image-197-150x76.png 150w" sizes="auto, (max-width: 972px) 100vw, 972px" /><figcaption class="wp-element-caption">photo- Uttarakhand Weather Update </figcaption></figure>



<h2 class="wp-block-heading">तीन जिलों में भारी बारिश और सात जनपदों के लिए ऑरेंज अलर्ट</h2>



<p class="wp-block-paragraph">एक तरफ जहां पहाड़ों पर बर्फ गिर रही है, वहीं दूसरी तरफ उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और चमोली सहित 3 प्रमुख जिलों में मूसलाधार बारिश दर्ज की गई है। इसके अतिरिक्त, मौसम विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश के 7 संवेदनशील जिलों- उत्तरकाशी, देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ के लिए &#8216;ऑरेंज अलर्ट&#8217; जारी किया है। इन क्षेत्रों में प्रशासन को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने और आकाशीय बिजली गिरने की प्रबल संभावना है, जो जनजीवन और संपत्ति को नुकसान पहुंचा सकती है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><a href="https://mdanonews.com/uttarakhand-news-chief-secretary-reviews-food-department-inquires-about-availability-of-essential-commodities/">Uttarakhand News:मुख्य सचिव ने की खाद्य विभाग की समीक्षा, जरूरी वस्तुओं की उपलब्धता की ली जानकारी</a></p>



<h2 class="wp-block-heading">मसूरी सहित चार प्रमुख शहरों में ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान</h2>



<p class="wp-block-paragraph">पर्यटन नगरी मसूरी, धनोल्टी, चकराता और नैनीताल सहित राज्य के 4 प्रमुख शहरों में अचानक मौसम का मिजाज बदला और दोपहर के समय जमकर ओले गिरे। मसूरी के माल रोड और आसपास की पहाड़ियों पर ओलावृष्टि इतनी भीषण थी कि कुछ ही मिनटों में सड़कें और घरों की छतें सफेद ओलों से पट गईं। चंडीगढ़ और दिल्ली से मसूरी पहुंचे पर्यटक इस नजारे को देखकर रोमांचित हो उठे और मौसम का लुत्फ उठाते नजर आए। हालांकि, इस ओलावृष्टि ने स्थानीय किसानों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में तैयार खड़ी और कटी हुई गेहूं की फसल को इस ओलावृष्टि से भारी नुकसान पहुंचा है। ओलों की मार से फलदार वृक्षों, विशेषकर सेब और आड़ू के बौर भी पूरी तरह नष्ट हो गए हैं।</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="576" src="https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/05/image-195-1024x576.png" alt="image 195" class="wp-image-23479" srcset="https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/05/image-195-1024x576.png 1024w, https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/05/image-195-300x169.png 300w, https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/05/image-195-768x432.png 768w, https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/05/image-195-150x84.png 150w, https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/05/image-195.png 1200w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /><figcaption class="wp-element-caption">photo weather update</figcaption></figure>



<h2 class="wp-block-heading">नौ जिलों में पड़ी तेज बौछारें और आंधी से कई जगहों पर पेड़ गिरे</h2>



<p class="wp-block-paragraph">पहाड़ी क्षेत्रों के अलावा उत्तराखंड के मैदानी और तराई वाले 9 जिलों में गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ीं। राजधानी देहरादून, हरिद्वार, उधम सिंह नगर, पौड़ी और कोटद्वार समेत कई इलाकों में बीती मध्यरात्रि और सुबह के समय झमाझम बारिश हुई। इस तेज बारिश और आंधी के कारण देहरादून के प्रेमनगर और मसूरी रोड पर विशालकाय पेड़ धराशायी हो गए, जिससे विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई और सड़कों पर आवाजाही ठप हो गई। कोटद्वार और आसपास के क्षेत्रों में गुरुवार को जहां तापमान 30 डिग्री से अधिक दर्ज किया गया था, वहीं शुक्रवार सुबह बारिश के बाद यह गिरकर 23 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इस बारिश का एक सकारात्मक पहलू यह भी रहा कि उत्तराखंड के जंगलों में कई दिनों से धधक रही वनाग्नि (जंगलों की आग) स्वतः ही शांत हो गई है। आपदा प्रबंधन विभाग ने यात्रियों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें।</p>
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		<title>Uttarakhand Rain Orange Alert 2026: उत्तराखंड के 7 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, पिथौरागढ़ में स्कूल बंद, नैनीताल में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित</title>
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		<dc:creator><![CDATA[MDANO Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 04 May 2026 03:44:45 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[Uttarakhand Rain Orange Alert 2026 Mdano News In Hindi: देहरादून: 04 मई 2026 देवभूमि उत्तराखंड में कुदरत का कहर देखने]]></description>
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<p class="wp-block-paragraph">Uttarakhand Rain Orange Alert 2026 Mdano News In Hindi: <strong>देहरादून: 04 मई 2026</strong> देवभूमि <a href="https://share.google/LW7IhYUM697Jxermh" data-type="link" data-id="https://share.google/LW7IhYUM697Jxermh" target="_blank" rel="noopener">उत्तराखंड </a>में कुदरत का कहर देखने को मिल रहा है। पिछले 24 घंटों से राज्य के अधिकांश हिस्सों में रुक-रुक कर हो रही बारिश ने तापमान में भारी गिरावट ला दी है। मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून ने सोमवार और मंगलवार (4-5 मई) के लिए राज्य के सात जिलों में भारी बारिश, ओलावृष्टि और 50 किमी/घंटा की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है।</p>



<h1 class="wp-block-heading"><strong>7 जिलों में ऑरेंज अलर्ट: प्रशासन मुस्तैद</strong></h1>



<p class="wp-block-paragraph">मौसम विभाग ने <strong>देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, चम्पावत, बागेश्वर और पिथौरागढ़</strong> के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी जिलाधिकारियों को अलर्ट पर रहने और संवेदनशील इलाकों में एसडीआरएफ (SDRF) की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><a href="https://mdanonews.com/up-water-tank-rescue-ajab-gajab-mdano-news-in-hindi/">UP Water Tank Rescue News: यूपी अजब-गजब, रील बनाने पानी की टंकी पर चढ़े बच्चे, एयरफोर्स ने किया रेस्क्यू</a></p>



<h1 class="wp-block-heading"><strong>पिथौरागढ़: सुरक्षा के मद्देनजर स्कूलों की छुट्टी</strong></h1>



<p class="wp-block-paragraph">सीमांत जिले पिथौरागढ़ में मूसलाधार बारिश और भूस्खलन की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। जिलाधिकारी ने एहतियात के तौर पर कक्षा 1 से 12 तक के सभी सरकारी और निजी स्कूलों के साथ-साथ आंगनवाड़ी केंद्रों में <strong>एक दिन का अवकाश</strong> घोषित कर दिया है। पिथौरागढ़ के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी और निचले इलाकों में लगातार हो रही बारिश से नदियों का जलस्तर भी बढ़ने लगा है।</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="576" src="https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/05/image-21-1024x576.png" alt="image 21" class="wp-image-23081" srcset="https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/05/image-21-1024x576.png 1024w, https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/05/image-21-300x169.png 300w, https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/05/image-21-768x432.png 768w, https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/05/image-21-150x84.png 150w, https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/05/image-21.png 1280w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /><figcaption class="wp-element-caption">File Photo- Uttarakhand Rain Orange Alert</figcaption></figure>



<h2 class="wp-block-heading"><strong>नैनीताल: तेज बौछारों से पर्यटन और यातायात प्रभावित</strong></h2>



<p class="wp-block-paragraph">सरोवर नगरी <a href="https://share.google/Z3VaQDRZNahKR6IGS" data-type="link" data-id="https://share.google/Z3VaQDRZNahKR6IGS" target="_blank" rel="noopener">नैनीताल </a>में सोमवार सुबह से ही आसमान में घने बादल छाए रहे और दोपहर होते-होते तेज बौछारें शुरू हो गईं। भारी बारिश के कारण माल रोड और आसपास के इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। ओलावृष्टि ने शहर को सफेद चादर से ढक दिया, जिससे पर्यटकों को मई की गर्मी में भी कड़ाके की ठंड का अहसास हो रहा है। हालांकि, भारी बारिश के चलते नैनीताल-भवाली रोड और अन्य संपर्क मार्गों पर यातायात की गति धीमी पड़ गई है।</p>



<h1 class="wp-block-heading"><strong>उत्तराखंड में खराब मौसम चारधाम यात्रा पर असर</strong></h1>



<p class="wp-block-paragraph">खराब मौसम का असर चारधाम यात्रा पर भी पड़ता दिख रहा है। केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम में हल्की बर्फबारी और बारिश के कारण यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रुकने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे मौसम का अपडेट लेने के बाद ही अपनी यात्रा आगे बढ़ाएं।</p>



<figure class="wp-block-image size-full is-resized"><img loading="lazy" decoding="async" width="600" height="338" src="https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/05/image-22.png" alt="image 22" class="wp-image-23082" style="width:790px;height:auto" srcset="https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/05/image-22.png 600w, https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/05/image-22-300x169.png 300w, https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/05/image-22-150x85.png 150w" sizes="auto, (max-width: 600px) 100vw, 600px" /><figcaption class="wp-element-caption">Photo- Google Uttarakhand Rain Orange Alert 2026</figcaption></figure>



<h2 class="wp-block-heading">उत्तराखंड में <strong>आगामी 48 घंटे महत्वपूर्ण</strong></h2>



<p class="wp-block-paragraph">मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण अगले 48 घंटे उत्तराखंड के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन (Landslides) और चट्टान गिरने की घटनाओं का खतरा बढ़ गया है, इसलिए यात्रियों को रात के समय सफर न करने की सलाह दी गई है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"></p>
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		<title>Uttarakhand Weather Update: उत्तराखंड मौसम अपडेट 2026, देहरादून में भारी बारिश, नैनीताल में ओले और टिहरी झील में फंसे पर्यटक</title>
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		<dc:creator><![CDATA[MDANO Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 03 May 2026 07:47:25 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[मौसम]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[Char Dham Yatra weather update]]></category>
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		<category><![CDATA[heavy rainfall in Dehradun]]></category>
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		<category><![CDATA[landslide on Gangotri highway]]></category>
		<category><![CDATA[Nainital snowfall and hail update]]></category>
		<category><![CDATA[rainfall impact on Uttarakhand tourism]]></category>
		<category><![CDATA[SDRF rescue operation Tehri]]></category>
		<category><![CDATA[Tehri Lake tourist stranded]]></category>
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		<category><![CDATA[Uttarkashi landslide news]]></category>
		<category><![CDATA[weather forecast Uttarakhand May 2026]]></category>
		<category><![CDATA[आईएमडी द्वारा उत्तराखंड 2026 के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तरकाशी में भूस्खलन की खबर]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तराखंड का आज का मौसम]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तराखंड का मौसम पूर्वानुमान]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तराखंड पर्यटन पर बारिश का प्रभाव]]></category>
		<category><![CDATA[गंगोत्री राजमार्ग पर भूस्खलन]]></category>
		<category><![CDATA[चार धाम यात्रा के लिए मौसम की अपडेट]]></category>
		<category><![CDATA[टिहरी झील में पर्यटक फंसे]]></category>
		<category><![CDATA[टिहरी में एसडीआरएफ बचाव अभियान]]></category>
		<category><![CDATA[देहरादून में बारिश की खबर (हिंदी में)]]></category>
		<category><![CDATA[देहरादून में भारी बारिश]]></category>
		<category><![CDATA[नैनीताल में हिमपात और ओलावृष्टि की अपडेट]]></category>
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					<description><![CDATA[Uttarakhand Weather Update: राजधानी देहरादून में रविवार, 3 मई 2026 को मौसम का मिजाज अचानक बदल गया। सुबह की चिलचिलाती]]></description>
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<p class="wp-block-paragraph">Uttarakhand Weather Update: राजधानी देहरादून में रविवार, 3 मई 2026 को मौसम का मिजाज अचानक बदल गया। सुबह की चिलचिलाती धूप के बाद दोपहर होते-होते आसमान में घने काले बादलों ने डेरा डाल लिया, जिससे दिन में ही रात जैसा नजारा देखने को मिला। भारी बारिश के कारण सड़कों पर जलभराव हो गया और दृश्यता (Visibility) कम होने की वजह से वाहनों की रफ्तार थम गई।</p>



<h2 class="wp-block-heading"><strong>नैनीताल: ओलावृष्टि से तापमान में भारी गिरावट</strong> </h2>



<p class="wp-block-paragraph">पर्यटन नगरी <a href="https://share.google/lRbEa0abNpRpqYBv8" data-type="link" data-id="https://share.google/lRbEa0abNpRpqYBv8" target="_blank" rel="noopener">नैनीताल </a>और आसपास के इलाकों में रविवार को जमकर ओलावृष्टि हुई। सफेद ओलों की चादर से माल रोड और नैनी झील के किनारे पूरी तरह ढक गए। ओलावृष्टि के कारण अचानक तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे मई के महीने में भी कड़ाके की ठंड का अहसास हो रहा है। पर्यटकों के लिए यह नजारा सुखद रहा, लेकिन स्थानीय बागवानों के लिए ओले फसलों के नुकसान का कारण बन सकते हैं।</p>



<figure class="wp-block-image size-full is-resized"><img loading="lazy" decoding="async" width="414" height="233" src="https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/05/image-12.png" alt="image 12" class="wp-image-23066" style="width:790px;height:auto" srcset="https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/05/image-12.png 414w, https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/05/image-12-300x169.png 300w, https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/05/image-12-150x84.png 150w" sizes="auto, (max-width: 414px) 100vw, 414px" /><figcaption class="wp-element-caption">Photo- Uttarakhand Weather Update</figcaption></figure>



<h2 class="wp-block-heading"><strong>उत्तरकाशी: हाईवे पर बना &#8216;मौत का झरना&#8217;</strong> </h2>



<p class="wp-block-paragraph">उत्तरकाशी जिले में मूसलाधार बारिश के चलते यमुनोत्री और गंगोत्री नेशनल हाईवे पर कई जगहों पर पहाड़ियों से भारी मलबा और पानी गिरने लगा है। उत्तरकाशी-लम्बगांव मोटर मार्ग पर भारी बारिश के कारण सड़क पर ही झरने बहने लगे हैं, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया है। बोल्डर गिरने के डर से प्रशासन ने एहतियातन वाहनों को सुरक्षित स्थानों पर रुकवा दिया है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><a href="https://mdanonews.com/unique-wedding-in-uttarakhand-5-bride-mdano-news/">Unique Wedding in Uttarakhand: उत्तराखंड में अनोखी शादी, 5 दुल्हनें बारात लेकर पहुंचीं दूल्हों के घर</a></p>



<h2 class="wp-block-heading"><strong>टिहरी झील: 30 पर्यटक लहरों के बीच फंसे</strong> </h2>



<p class="wp-block-paragraph">मौसम खराब होने का सबसे डरावना असर टिहरी झील में देखने को मिला। अचानक आई तेज आंधी और बारिश के कारण झील में नावों का संचालन मुश्किल हो गया। खबरों के मुताबिक, झील के बीचों-बीच करीब 30 पर्यटक अलग-अलग नावों में फंस गए। हालांकि, एसडीआरएफ (SDRF) और स्थानीय प्रशासन ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और सभी को सुरक्षित निकालने के प्रयास तेज कर दिए हैं।</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="576" src="https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/05/image-13-1024x576.png" alt="image 13" class="wp-image-23067" srcset="https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/05/image-13-1024x576.png 1024w, https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/05/image-13-300x169.png 300w, https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/05/image-13-768x432.png 768w, https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/05/image-13-150x84.png 150w, https://mdanonews.com/wp-content/uploads/2026/05/image-13.png 1200w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /><figcaption class="wp-element-caption">Photo- Uttarakhand Weather Update</figcaption></figure>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>प्रशासन की चेतावनी और ऑरेंज अलर्ट</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">मौसम विभाग (IMD) ने आगामी 4 और 5 मई के लिए राज्य में <strong>ऑरेंज अलर्ट</strong> जारी किया है। अगले 48 घंटों में उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारी बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। जिलाधिकारी ने यात्रियों और स्थानीय लोगों से नदी-नालों के समीप न जाने और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में यात्रा न करने की अपील की है।</p>
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