Kedarnath Snow Corridor News In Hindi: केदारनाथ धाम 2026 बर्फ की चादर और स्नो कॉरिडोर के बीच बाबा केदार के कपाट खुलने की तैयारी हो रही है। वहीं सामने आई जानकारी के मुताबिक 6 लाख के करीब भक्तों के दरबार में पहुंचने का अनुमान है क्योंकि अभी तक 6 लाख लोगों का पंजीकरण होने की जानकारी सामने आई है।
हिमालय की गोद में आस्था का महासंगम
देवभूमि उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित ग्यारहवें ज्योतिर्लिंग भगवान केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि जैसे-जैसे करीब आ रही है, शिव भक्तों का उत्साह चरम पर है। इस वर्ष 2026 में केदारनाथ यात्रा विशेष होने वाली है, क्योंकि धाम अभी भी भारी बर्फ की चादर से ढका हुआ है। प्रशासन और मजदूर दिन-रात मेहनत करके ग्लेशियर्स को काटकर ‘स्नो कॉरिडोर’ तैयार कर रहे हैं, ताकि श्रद्धालु बाबा के दरबार तक सुगमता से पहुँच सकें। अब तक 5.96 लाख (लगभग 6 लाख) से अधिक श्रद्धालु अपना पंजीकरण करा चुके हैं, जो इस बार रिकॉर्ड तोड़ भीड़ का संकेत दे रहा है।

मुख्य विवरण: यात्रा 2026 की महत्वपूर्ण जानकारी
| विवरण | जानकारी (संभावित/घोषित) |
| कपाट खुलने की तिथि | 22 अप्रैल 2026 |
| समय | सुबह 08:00 बजे |
| स्थान | केदारनाथ, रुद्रप्रयाग (उत्तराखंड) |
| कुल पंजीकरण (अब तक) | 5.96 लाख + |
| प्रमुख आकर्षण | ग्लेशियर काटकर बना स्नो कॉरिडोर |
| शिखर की ऊंचाई | 3,583 मीटर (11,755 फीट) |
ग्लेशियर काटकर बना ‘स्नो कॉरिडोर’: एक इंजीनियरिंग चमत्कार
इस साल सर्दियों में हुई भारी बर्फबारी के कारण केदारनाथ धाम और पैदल मार्ग 15 से 20 फीट तक बर्फ की मोटी चादर में लिपटा हुआ है। मंदिर परिसर से लेकर बेस कैंप तक जाने वाले रास्तों पर बर्फ के ऊंचे पहाड़ खड़े थे।
- मजदूरों का साहस: डीडीएमए (जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण) के सैकड़ों मजदूरों ने शून्य से नीचे के तापमान में 18-20 फीट ऊंचे ग्लेशियर्स को काटकर रास्ता बनाया है।
- स्नो कॉरिडोर का अनुभव: इस बार यात्री जब केदारनाथ पैदल मार्ग से गुजरेंगे, तो उन्हें दोनों ओर बर्फ की ऊंची दीवारों के बीच चलने का अनूठा अनुभव मिलेगा, जिसे ‘स्नो कॉरिडोर’ कहा जा रहा है।
- मशीनों का प्रयोग: संकरे रास्तों पर जहाँ मशीनें नहीं पहुँच सकती थीं, वहाँ हाथ से बर्फ काटकर रास्ता साफ किया गया है।

पंजीकरण का नया रिकॉर्ड: 5.96 लाख के पार
चारधाम यात्रा 2026 के लिए इस बार श्रद्धालुओं में अभूतपूर्व उत्साह देखा जा रहा है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार:
- अकेले केदारनाथ धाम के लिए पंजीकरण संख्या 5.96 लाख को पार कर गई है।
- समग्र चारधाम (बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री) के लिए यह आंकड़ा 15 लाख के करीब पहुँच रहा है।
- सरकार ने तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए ऑनलाइन स्लॉट सिस्टम को अनिवार्य किया है।
केदारनाथ यात्रा रूट और कपाट खुलने का कार्यक्रम
परंपरा के अनुसार, महाशिवरात्रि के दिन उखीमठ के ओंकारेश्वर मंदिर में कपाट खुलने की तिथि घोषित की गई थी।
- डोली यात्रा: बाबा केदार की पंचमुखी डोली उखीमठ से प्रस्थान कर विभिन्न पड़ावों (गुप्तकाशी, फाटा, गौरीकुंड) से होते हुए केदारनाथ धाम पहुँचेगी।
- वैदिक मंत्रोच्चार: 22 अप्रैल की सुबह मुख्य पुजारी द्वारा विशेष पूजा-अर्चना और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कपाट खोले जाएंगे। प्रथम दर्शन के समय सेना का बैंड और पुष्प वर्षा मुख्य आकर्षण होंगे।
श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण गाइडलाइंस (Advisory)
यदि आप इस बार बाबा केदार के दर्शन की योजना बना रहे हैं, तो इन बातों का विशेष ध्यान रखें:
नोट: केदारनाथ में मौसम अत्यंत अनिश्चित रहता है। भारी बर्फबारी के कारण तापमान $-5^{\circ}C$ से $-10^{\circ}C$ तक जा सकता है।
- स्वास्थ्य जांच: उच्च तुंगता (High Altitude) के कारण ऑक्सीजन की कमी हो सकती है, इसलिए अपना मेडिकल चेकअप जरूर कराएं।
- गर्म कपड़े: भारी जैकेट, दस्ताने और वाटरप्रूफ जूते साथ रखें।
- पंजीकरण अनिवार्य: बिना वैध पंजीकरण (Registration Card) के यात्रा की अनुमति नहीं दी जा रही है।
- हेलीकॉप्टर बुकिंग: केवल आधिकारिक IRCTC पोर्टल से ही हेलीकॉप्टर टिकट बुक करें ताकि धोखाधड़ी से बचा जा सके।
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केदारनाथ धाम की यात्रा को लेकर प्रशासन की तैयारियां
उत्तराखंड सरकार और बीकेटीसी (बद्री-केदार मंदिर समिति) ने इस बार सुविधाओं में विस्तार किया है, जिसमें कई तरह की तैयारियों का ध्यान रखा जाएगा। जिसमें भोजन से लेकर स्वास्थय का भी खयाल रखा जाएगा।
स्वास्थ्य सुविधाएं: पैदल मार्ग पर हर 2 किलोमीटर पर मेडिकल रिलीफ पोस्ट बनाए गए हैं।
भोजन और रुकना: जीएमवीएन (GMVN) के माध्यम से रहने और खाने की उत्तम व्यवस्था की गई है।
स्वच्छता: ‘स्वच्छ केदार’ अभियान के तहत क्यूआर कोड आधारित कूड़ा प्रबंधन लागू किया गया है।
वहीं केदारनाथ धाम की यात्रा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि भक्ति और साहस का संगम है। बर्फ की सफेद चादर के बीच बाबा केदार का मंदिर एक अलौकिक दृश्य प्रस्तुत कर रहा है। ‘स्नो कॉरिडोर’ इस बार की यात्रा का सबसे बड़ा आकर्षण होगा। यदि आपने अभी तक पंजीकरण नहीं कराया है, तो जल्द से जल्द आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना स्थान सुरक्षित करें और हिमालय की इन पवित्र वादियों में महादेव का आशीर्वाद प्राप्त करें।
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