Badrinath crown theft exposed News: उत्तराखंड के प्रसिद्ध धाम बद्रीनाथ से जुड़ी एक बड़ी और संवेदनशील घटना में चमोली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सफलता हासिल की है। ब्रह्मर्षि साधना संघ आश्रम से भगवान नारायण का लगभग ₹5 लाख मूल्य का बहुमूल्य सोने का मणि जड़ित मुकुट चोरी करने वाले आरोपी साधु को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। धार्मिक आस्था और श्रद्धालुओं की भावनाओं से जुड़े इस हाई-प्रोफाइल मामले का चमोली पुलिस ने महज कुछ ही दिनों के भीतर पर्दाफाश करते हुए चोरी गया पूरा सामान बरामद कर लिया है और आरोपी को सलाखों के पीछे भेज दिया है।
आश्रम से गायब हुआ था बहुमूल्य मुकुट और नकदी
घटना का विवरण देते हुए पुलिस अधिकारियों ने बताया कि 27 जुलाई 2026 को ब्रह्मर्षि साधना संघ आश्रम (ब्रह्मकपाल) के ब्रह्मचारी भगवत दास ने थाना बद्रीनाथ में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उन्होंने बताया था कि आश्रम में ठहरे एक साधु राघवदास ने 24 जुलाई की रात भगवान नारायण का बहुमूल्य सोने का मणि जड़ित मुकुट, जिसकी अनुमानित कीमत ₹5 लाख है, और कुछ नकदी चोरी कर ली और मौके से फरार हो गया।
धार्मिक स्थल पर हुई इस चोरी से स्थानीय निवासियों और तीर्थयात्रियों में भारी आक्रोश और चिंता का माहौल बन गया था। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए बद्रीनाथ थाना पुलिस ने तुरंत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 305(ए) के तहत मुकदमा पंजीकृत कर अपनी प्राथमिक तफ़तीश शुरू की।
एसपी चमोली के निर्देश पर विशेष पुलिस टीम का गठन
मामले की गंभीरता, धाम की मर्यादा और जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए पुलिस अधीक्षक चमोली सुरजीत सिंह पँवार ने घटना का तुरंत संज्ञान लिया। उन्होंने मामले के शीघ्र अनावरण के लिए एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि आरोपी को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे पहुंचाया जाए।
विशेष पुलिस टीम ने घटना के बाद से ही इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगालने, तकनीकी सर्विलांस और मानवीय सूचना तंत्र को सक्रिय कर दिया। संदिग्ध के जाने के संभावित रास्तों, बस अड्डों और अन्य आश्रमों में लगातार छानबीन की गई और संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दी जाने लगी।

बद्रीनाथ धाम से भगवान नारायण का करीब ₹5 लाख मूल्य का सोने का मणि जड़ित मुकुट चोरी करने वाले आरोपी को चमोली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर चोरी गया मुकुट, ₹4,500 नकद और वारदात में इस्तेमाल किया गया बैग भी बरामद कर लिया है। धार्मिक आस्था से जुड़े इस संवेदनशील मामले का पुलिस ने महज कुछ दिनों में खुलासा करते हुए आरोपी को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।
आपको बता दें कि 27 जुलाई 2026 को ब्रह्मर्षि साधना संघ आश्रम, ब्रह्मकपाल के ब्रह्मचारी भगवत दास ने थाना बद्रीनाथ में तहरीर देकर बताया कि आश्रम में ठहरे साधु राघवदास ने 24 जुलाई की रात भगवान नारायण का लगभग ₹5 लाख मूल्य का सोने का मणि जड़ित मुकुट और नकदी चोरी कर ली। शिकायत के आधार पर थाना बद्रीनाथ में भारतीय न्याय संहिता की धारा 305(ए) के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक चमोली सुरजीत सिंह पँवार के निर्देश पर विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। टीम ने तकनीकी और मानवीय सूचना तंत्र की मदद से लगातार छानबीन, पूछताछ और संभावित ठिकानों पर दबिश दी। 29 जुलाई को मुखबिर की सटीक सूचना पर बद्रीश गंगा वाटिका गेट, हनुमानचट्टी रोड के पास घेराबंदी कर पुलिस ने भागने की कोशिश कर रहे आरोपी राघवराम पाठक उर्फ राघवदास, निवासी श्रावस्ती, उत्तर प्रदेश को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की निशानदेही पर भगवान नारायण का चोरी गया सोने का मणि जड़ित मुकुट, चोरी की नकदी में से ₹4,500 और घटना में इस्तेमाल किया गया काला बैग बरामद किया गया।
पूछताछ में आरोपी ने आश्रम के मंदिर से मुकुट और वहीं ठहरे एक व्यक्ति के बैग से नकदी चोरी करने की बात स्वीकार की। बरामदगी के बाद मुकदमे में धारा 317(2) बीएनएस की बढ़ोतरी की गई है। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई शुरू कर दी है।








