ASI Sandeep Lather Suicide Case
हरियाणा पुलिस विभाग में पिछले कुछ दिनों में हुई दो आत्महत्याओं ने प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में भूचाल ला दिया है। यह मामला सीनियर आईपीएस अधिकारी वाई. पूरन कुमार के कथित सुसाइड से शुरू हुआ था, जिसमें एक नया और चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) संदीप लाठर ने भी खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। एएसआई संदीप लाठर की मौत ने आईपीएस पूरन कुमार की आत्महत्या के मामले को पूरी तरह से पलट कर रख दिया है।
एएसआई संदीप लाठर कौन थे?
एएसआई संदीप लाठर मूल रूप से जींद जिले के जुलाना के रहने वाले थे और रोहतक पुलिस की साइबर सेल में तैनात थे। वह रोहतक के लाढौत गांव में अपने मामा के घर रह रहे थे। संदीप लाठर को इसी साल 15 अगस्त को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा उनकी शानदार सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया था। वह पाँच बहनों के इकलौते भाई थे और उनके पिता दयानंद भी पुलिस विभाग में इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत थे, जिनकी लगभग 20 साल पहले एक रेल हादसे में मृत्यु हो गई थी।
आत्महत्या और सुसाइड नोट में आरोप
एएसआई संदीप लाठर का शव मंगलवार (14 अक्टूबर 2025) को लाढौत गांव में उनके मामा के खेत में बने एक कमरे में खून से लथपथ मिला। एक प्रवासी मजदूर ने सबसे पहले गोली चलने की आवाज़ सुनी और यह दुखद घटना सामने आई। पुलिस को मौके से एक तीन पन्नों का सुसाइड नोट और एक छह मिनट का वीडियो मैसेज भी मिला है, जिसे संदीप ने खुदकुशी से पहले रिकॉर्ड किया था।
संदीप लाठर ने अपने सुसाइड नोट और वीडियो में दिवंगत आईपीएस अधिकारी वाई. पूरन कुमार पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे उनके सुसाइड का पूरा एंगल ही बदल गया है।
संदीप लाठर के मुख्य आरोप:
• भ्रष्टाचार का आरोप: संदीप ने आईपीएस पूरन कुमार को ‘भ्रष्टाचारी अफसर’ बताते हुए आरोप लगाया कि पूरन कुमार भ्रष्टाचार में लिप्त थे और उनके खिलाफ बहुत से सबूत मौजूद थे।
• गिरफ्तारी के डर से आत्महत्या: एएसआई ने दावा किया कि पूरन कुमार ने भ्रष्टाचार का पर्दाफाश होने और गिरफ्तारी के डर से आत्महत्या की।
• गैंगस्टर से 50 करोड़ की डील: संदीप लाठर ने सुसाइड नोट में चौंकाने वाला दावा किया कि आईपीएस पूरन कुमार ने सदर थाना मर्डर केस में कुख्यात गैंगस्टर राव इंद्रजीत को बचाने के लिए 50 करोड़ रुपये की डील की थी।
• जातिवाद का दुरुपयोग: संदीप ने यह भी आरोप लगाया कि पूरन कुमार जातिवाद का सहारा लेकर सिस्टम को ‘हाइजैक’ कर रहे थे और अपने पद का दुरुपयोग कर रहे थे।
• ईमानदार अफसरों का समर्थन: संदीप ने हरियाणा के डीजीपी शत्रुजीत कपूर और पूर्व एसपी नरेंद्र बिजारनिया को ईमानदार अधिकारी बताते हुए उनका समर्थन किया, जबकि पूरन कुमार ने अपने सुसाइड नोट में इन दोनों अधिकारियों पर उत्पीड़न के आरोप लगाए थे।
मामले की जाँच और राजनीति
संदीप लाठर ने अपने वीडियो में कहा कि वह सच्चाई के लिए अपनी शहादत दे रहे हैं और उन्होंने इस भ्रष्टाचारी परिवार की जाँच की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि देश की जनता आहूति पर जागती है। इन दो लगातार आत्महत्याओं ने पुलिस और प्रशासन के बीच अविश्वास को गहरा कर दिया है। सरकार ने इन दोनों मामलों की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए सीबीआई जांच की संभावना पर विचार कर रही है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने संदीप लाठर के परिवार से मिलकर संवेदना व्यक्त की है और न्याय का आश्वासन दिया है।
यहाँ भी पढ़े: 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी की दौड़ में भारत का अहमदाबाद प्रथम स्थान पर…








