Uttarakhand News: उत्तराखंड में मानसून की फुहारों के बीच मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के अधिकांश हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, मंगलवार के दिन राज्य के 9 प्रमुख जिलों में मौसम बेहद खराब रहने की आशंका है। इसके मद्देनजर आईएमडी ने इन जिलों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है, जबकि बाकी बचे जिलों में भी स्थिति को देखते हुए ‘येलो अलर्ट’ प्रभावी रखा गया है। मौसम के इस कड़े रुख को देखते हुए शासन और जिला प्रशासन पूरी तरह हरकत में आ गए हैं।
इन 9 जिलों में जारी हुआ ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग द्वारा जारी बुलेटिन के अनुसार, गढ़वाल और कुमाऊं दोनों मंडलों के पर्वतीय और मैदानी जिलों में मूसलाधार बारिश का खतरा बना हुआ है। जिन नौ जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, वे हैं:
- उत्तरकाशी
- देहरादून
- टिहरी
- रुद्रप्रयाग
- चमोली
- उधम सिंह नगर
- बागेश्वर
- पिथौरागढ़
- नैनीताल
इन जिलों के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ बेहद तीव्र बौछारें पड़ने और एकाएक भारी से बहुत भारी बारिश (Heavy to Very Heavy Rainfall) होने की संभावना जताई गई है।
शेष जिलों के लिए येलो अलर्ट और संभावित खतरे
ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों के अलावा राज्य के बाकी बचे जिलों (जैसे हरिद्वार, पौड़ी गढ़वाल, अल्मोड़ा और चंपावत) में ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पूरे राज्य में ही तेज गर्जना और आकाशीय बिजली चमकने के साथ मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। पर्वतीय क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण संवेदनशील स्थानों पर भूस्खलन (Landslide), चट्टान खिसकने और मलबे के कारण सड़कों के अवरुद्ध होने का खतरा काफी बढ़ जाता है। साथ ही, निचले मैदानी इलाकों और नदियों के आसपास के क्षेत्रों में जलभराव एवं नदियों के जलस्तर में अचानक वृद्धि (Flash Floods) की आशंका भी बनी हुई है।

प्रशासन हुआ सतर्क, अधिकारियों को अलर्ट पर रहने के निर्देश
मौसम विभाग की इस गंभीर चेतावनी को देखते हुए राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और सभी संबंधित जिलाधिकारियों को तुरंत कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। शासन ने अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक संसाधन मुस्तैद रखने को कहा है:
- सड़क और परिवहन व्यवस्था: लोक निर्माण विभाग (PWD), NHAI और अन्य निर्माण एजेंसियों को संवेदनशील पहाड़ी रास्तों पर जेसीबी (JCB) और पोकलैंड मशीनें तैनात रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि भूस्खलन होने पर सड़कें जल्द से जल्द खोली जा सकें।
- आपदा राहत टीमें तैयार: एनडीआरएफ (NDRF), एसडीआरएफ (SDRF) और स्थानीय पुलिस बल को संवेदनशील तथा नदियों के किनारे बसे इलाकों में 24×7 मुस्तैद रहने को कहा गया है।
- यात्रियों और तीर्थयात्रियों को सलाह: चारधाम यात्रा पर आए श्रद्धालुओं और पर्यटकों से अपील की गई है कि वे मौसम की जानकारी लेने के बाद ही अपनी यात्रा आगे बढ़ाएं और नदी-नालों के पास जाने से बचें।
उत्तराखंड में मानसून के इस उग्र रूप को देखते हुए हर स्तर पर सतर्कता बरती जा रही है। मौसम विभाग और प्रशासन ने सभी नागरिकों व यात्रियों से अनावश्यक यात्रा से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। आने वाले 24 से 48 घंटे राज्य की सुरक्षा और आपदा प्रबंधन व्यवस्था के दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण रहने वाले हैं।
उत्तराखंड राज्य में मानसून का प्रभाव पूरी तरह से बना हुआ है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार प्रदेश भर में आज अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की प्रबल संभावना है। राज्य के पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों में वर्षा का दौर जारी रहने वाला है, जिसके चलते तापमान में हल्की गिरावट महसूस की जाएगी और मौसम में नमी का स्तर काफी अधिक रहेगा।
मौसम
मौसम विभाग ने विशेष रूप से प्रदेश के नौ जिलों—देहरादून, उत्तरकाशी, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, उधम सिंह नगर, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और नैनीताल के लिए गरज-चमक के साथ भारी से बहुत भारी वर्षा का ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। इन जिलों में कहीं-कहीं अत्यधिक तीव्र बौछारें और वज्रपात की भी आशंका जताई गई है। इसके अलावा राज्य के शेष अन्य जिलों में मध्यम से भारी बारिश के साथ आकाशीय बिजली चमकने की संभावना को देखते हुए ‘येलो अलर्ट’ प्रभावी रखा गया है।
पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते भूस्खलन, चट्टान खिसकने और मलबे की वजह से राष्ट्रीय राजमार्गों व प्रमुख संपर्क मार्गों के बाधित होने का खतरा बना हुआ है। साथ ही, पहाड़ी नदी-नालों के जलस्तर में अचानक उछाल (फ्लैश फ्लड) आ सकता है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
प्रशासन ने मौसम की चेतावनी को देखते हुए लोक निर्माण विभाग, एसडीआरएफ और पुलिस बल को 24 घंटे मुस्तैद रहने के निर्देश दिए हैं। चारधाम यात्रा पर आ रहे तीर्थयात्रियों और आम लोगों को सलाह दी गई है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें, नदी-नालों के किनारे न जाएं और मौसम के ताज़ा अपडेट के अनुसार ही अपनी यात्रा की योजना बनाएं।
येलो अलर्ट और संभावित खतरे
ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों के अलावा राज्य के बाकी बचे जिलों (जैसे हरिद्वार, पौड़ी गढ़वाल, अल्मोड़ा और चंपावत) में ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पूरे राज्य में ही तेज गर्जना और आकाशीय बिजली चमकने के साथ मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। पर्वतीय क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण संवेदनशील स्थानों पर भूस्खलन , चट्टान खिसकने और मलबे के कारण सड़कों के अवरुद्ध होने का खतरा काफी बढ़ जाता है। साथ ही, निचले मैदानी इलाकों और नदियों के आसपास के क्षेत्रों में जलभराव एवं नदियों के जलस्तर में अचानक वृद्धि की आशंका भी बनी हुई है।
उत्तरकाशी, देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, उधम सिंह नगर, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और नैनीताल जिलों के लिए ‘ऑरेंज’ अलर्ट जारी किया गया है, जिसमें कुछ क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी वर्षा की भविष्यवाणी की गई है।
मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) की रंग-आधारित मौसम चेतावनी प्रणाली के अनुसार, “पीली चेतावनी” बिगड़ते मौसम का संकेत देती है और नागरिकों को स्थिति की नवीनतम जानकारी से अवगत रहने की सलाह देती है। गंभीर मौसम की आशंका होने पर यह चेतावनी “नारंगी चेतावनी” में बदल जाती है और नागरिकों को परिवहन और बिजली सहित अन्य सेवाओं में भारी व्यवधान की आशंका के प्रति सचेत करती है।
राज्य के विभिन्न हिस्सों में सोमवार को बारिश हुई, जिसमें डांगोली में सबसे अधिक 65 मिमी बारिश दर्ज की गई, इसके बाद बेरीनाग (41.5 मिमी), घाट (41 मिमी), सोंग (40 मिमी), बस्तिया (37 मिमी), हल्द्वानी (35 मिमी), अल्मोड़ा (33.5 मिमी), जाखोली (32 मिमी) और तनकपुर (28 मिमी) में बारिश हुई। पीटीआई डीपीटी एआरबी










