Dehradun Development Plan Review News In Hindi: देहरादून शहर की यातायात व्यवस्था और स्थानीय निवासियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण भंडारी बाग ओवरब्रिज (Bhandari Bagh Overbridge) के निर्माण कार्य की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस ओवरब्रिज के निर्माण में हो रही देरी से आम जनता को भारी ट्रैफिक जाम और असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। डीएम ने संबंधित कार्यदायी संस्था और अधिकारियों को पाबंद किया कि आगामी अगस्त माह से पहले इस परियोजना को हर हाल में पूरा कर जनता के लिए खोल दिया जाए।

रोड कटिंग की अनुमति के विवाद पर त्वरित एक्शन
समीक्षा के दौरान सिंचाई विभाग, जल संस्थान और विद्युत विभाग के अधिकारियों ने डीएम को अवगत कराया कि शहर के कई हिस्सों में सीवर लाइन, पेयजल पाइपलाइन और बिजली के तारों को अंडरग्राउंड (विद्युत लाइनों के भूमिगतिकरण) करने का काम रुका हुआ है। इसका मुख्य कारण संबंधित विभागों से रोड कटिंग (सड़क काटने की अनुमति) न मिलना है।
इस पर त्वरित संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने नाराजगी जताई और कहा कि विभागों की आपसी खींचतान के कारण विकास कार्य प्रभावित नहीं होने चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए:
- ऐसे सभी लंबित मामलों की एक विस्तृत और समेकित सूची (Comprehensive List) तुरंत जिलाधिकारी कार्यालय को प्रस्तुत की जाए।
- जिला प्रशासन शासन स्तर और संबंधित विभागों के उच्चाधिकारियों से समन्वय (Coordination) स्थापित कर 48 घंटे के भीतर इन अनुमतियों को जारी करवाएगा।
अधिकारियों को कड़ी चेतावनी: डीएम ने साफ कहा कि रोड कटिंग की अनुमति मिलने के बाद यदि किसी भी विभाग ने काम शुरू करने में देरी की, तो संबंधित नोडल अधिकारी की व्यक्तिगत जवाबदेही तय की जाएगी।
लापरवाही पर भड़के डीएम: जल संस्थान के एई को वेतन रोकने की चेतावनी
मोहब्बेवाला और आसपास के क्षेत्रों में पेयजल संकट को दूर करने के लिए स्वीकृत ट्यूबवेल (नलकूप), ओवरहेड टैंक (पानी की टंकी) और राइजिंग मेन पाइपलाइन बिछाने के कार्यों की प्रगति बेहद खराब पाई गई। इस महत्वपूर्ण योजना में ढिलाई बरतने पर जिलाधिकारी ने भारी असंतोष व्यक्त किया।

बैठक में मौजूद जल संस्थान पित्थूवाला के संबंधित सहायक अभियंता (AE) को कार्य में लापरवाही का दोषी मानते हुए डीएम ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय के भीतर काम में प्रगति नहीं दिखी, तो उनका वेतन रोकने (Salary Hold) के साथ-साथ सेवा पुस्तिका में प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज करने की संस्तुति की जाएगी। इसके अतिरिक्त, दून एनक्लेव एक्सटेंशन क्षेत्र में प्रस्तावित नलकूप निर्माण के लिए भूमि विवाद को सुलझाते हुए राजस्व और जल संस्थान की टीम को 15 दिनों के भीतर भूमि चिन्हित करने के आदेश दिए गए।
रेन वाटर हार्वेस्टिंग कार्य 30 जून तक पूरे करने का अल्टीमेटम
जल संरक्षण के लिए जनपद में चलाए जा रहे रेन वाटर हार्वेस्टिंग (Rainwater Harvesting) एवं रिचार्ज शॉफ्ट निर्माण कार्यों की समीक्षा के दौरान बेहद चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए। जिले में कुल 51 कार्य स्वीकृत थे, जिनमें से लघु सिंचाई विभाग द्वारा अब तक केवल 22 कार्य ही पूरे किए जा सके हैं।

मानसून के नजदीक होने का हवाला देते हुए जिलाधिकारी ने शेष 29 कार्यों की धीमी गति पर कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने विभाग को 30 जून 2026 तक की अंतिम समयसीमा (Dead-line) देते हुए कहा कि मानसून आने से पहले सभी ढांचे क्रियाशील हो जाने चाहिए। डीएम ने यह भी चेतावनी दी कि कार्य पूरे होने के बाद मुख्य विकास अधिकारी (CDO) के नेतृत्व में एक टीम स्थलीय निरीक्षण करेगी। यदि किसी भी स्थान पर निर्माण की गुणवत्ता खराब पाई गई या गलत स्थल का चयन पाया गया, तो सख्त दंडात्मक कार्रवाई होगी।
NEET re-exam 2026: हरियाणा में अभ्यर्थियों को रोडवेज बसों में मिलेगी निःशुल्क यात्रा की सुविधा
गुणवत्ता जांच के लिए सीडीओ (CDO) करेंगे स्थलीय निरीक्षण
लोक निर्माण विभाग (PWD) के अंतर्गत चल रहे करीब 218 करोड़ रुपये की लागत के विभिन्न लंबित कार्यों पर जिलाधिकारी ने विस्तृत रिपोर्ट तलब की। उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि बजट उपलब्ध होने के बावजूद विकास कार्यों में देरी क्यों हो रही है। सड़कों और पुलों के निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए डीएम ने मुख्य विकास अधिकारी (CDO) देहरादून को विशेष जिम्मेदारी सौंपी है।
सीडीओ अब विभिन्न विकास खंडों और शहरी क्षेत्रों में संचालित हो रही योजनाओं का औचक निरीक्षण (Surprise Inspection) करेंगे और ग्राउंड जीरो की वास्तविक स्थिति की आख्या (Report) सीधे जिलाधिकारी को सौंपेंगे। नियमित मॉनिटरिंग और भौतिक सत्यापन (Physical Verification) से न केवल भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा, बल्कि कार्यों की समयबद्धता भी सुनिश्चित होगी।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने दोहराया कि मुख्यमंत्री घोषणाएं (CM Announcements) राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं। इनमें किसी भी स्तर पर हीलाहवाली को शासन के प्रति अनुशासनहीनता माना जाएगा। सभी विभाग टीम भावना के साथ काम करें ताकि देहरादून को एक आदर्श और सुविधायुक्त जिला बनाया जा सके। Follow Mdano News











